जयपुर । गहलोत सरकार ने आईटीआई केंद्र में प्रशिक्षुओं को रोजगार देने के सवाल पर ठेंगा दिखा दिया है। जी हां, यह हम नहीं, बल्कि खुद गहलोत सरकार ने राजस्थान विधानसभा में एक प्रश्न का जवाब दिया है। विधायक पानाचंद मेघवाल का सवाल था कि क्या सरकार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षुओं के रोजगार के लिए कोई योजना बनाने का विचार रखती है ? यदि हां, तो कब तक व क्या ?
इस सवाल पर विधानसभा में जवाब दिया गया, जी नहीं, वर्तमान में विभाग में ऐसी कोई योजना विचाराधीन नहीं है।
वहीं इसके अलावा सरकारी आईटीआई केंद्रों के लिए कौशल नियोजन एवं उद्यमिता विभाग में विभिन्न संवर्गो के नियमित स्वीकृत पदों में से कुल 3537 पद रिक्त हैं।
इसके अलावा प्रदेश में वर्तमान में 1718 निजी आई.टी.आई. संस्थान संचालित है । जिनके अन्तर्गत 199271 प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहें है । इन सभी प्रशिक्षणार्थियों को डीजीटी नई दिल्ली दवारा निर्धारित पाठयक्रम अनुसार गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है ।
यह भी बताया गया है कि विगत 5 वर्षो में राज्य में 63 निजी आई.टी.आई. संस्थान बंद हो गये। जिनमें स्वयं की प्रार्थना पर 11 तथा एन सी वी टी मापदंडों की पालना न करने के कारण 52 निजी आई.टी.आई. संस्थान बन्द हो गए ।
रोजगार के सवाल पर जवाब दिया गया है कि विगत 3 वर्षों में आई.टी.आई. उत्तीर्ण 26432 प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार प्राप्त हुआ , उनमें से सरकारी क्षेत्र में 3607 एवं निजी क्षेत्र में 22825 को रोजगार प्राप्त हुआ ।
गहलोत सरकार ने ITI केंद्रों के प्रशिक्षुओं को रोजगार देने के सवाल पर दिखाया ठेंगा
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