कोलकाता। वाम दलों और कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन और काले झंडे दिखाए जाने के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार को एक दिवसीय दौरे पर कोलकाता पहुंचे। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के विशेष परिसर का भी उद्घाटन किया। फिलहाल वे शहीद मीनार मैदान में भाजपा की एक रैली को संबोधित कर रहे हैं। शाह ने कहा कि जब हम बंगाल में चुनाव के मैदान में थे तो ममता दीदी कहती थीं जमानत बचा लेना। ममताजी ये आंकड़े देख लीजिए, अब आने वाले विधानसभा चुनाव में भी पूर्ण बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बंगाल में बनने वाली है।
ये जो यात्रा चली है, ये रुकने वाली नहीं है। ये यात्रा जो 18 सीटों तक पहुंची है, विधानसभा में दो तिहाई बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनाकर समाप्त होने वाली है। ये यात्रा भाजपा के विकास की नहीं है, बल्कि ये यात्रा बंगाल के विकास की यात्रा है। ये यात्रा बंगाल के गरीब के शोषण के खिलाफ संघर्ष की है। ये यात्रा सिंडीकेट को समाप्त करने की यात्रा है। ये यात्रा टोलबाजी समाप्त करने की यात्रा है। ये यात्रा घुसपैठ समाप्त करने की है। ये यात्रा करोड़ों शरणार्थियों को नागरिकता देकर सम्मान देने की है।
मोदीजी सीएए लेकर आए, लाखों बंगालियों को इससे नागरिकता मिलती है। ममता दीदी ने इसका विरोध किया। बंगाल में दंगे कराए, ट्रेनें जला दी गई, रेलवे स्टेशन जला दिया गया। मैं सवाल पूछने आया हूं कि हम नागरिकता देना चाहते हैं और आप इसका विरोध क्यों कर रही हो। आपको घुसपैठिए ही अपने लगते हैं। मैं बताने आया हूं कि 70 साल से जो शरणार्थी यहां आए हैं हम उनको नागरिकता देकर रहेंगे।
इससे पहले शाह को विरोध का सामना करना पड़ा। वाम दलों के कार्यकर्ताओं ने अमित शाह वापस जाओ लिखे तख्तियों और पोस्टरों को थाम रखा था। उन्होंने भाजपा नेता का विमान नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उतरते ही गेट नंबर एक के बाहर काले झंडे दिखाए। मुकुल रॉय और बाबुल सुप्रियो सहित भाजपा के वरिष्ठ नेताओं द्वारा शाह का स्वागत किया गया था, माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व वाली वामपंथी पार्टी के कार्यकतार्ओं ने हवाई अड्डे के करीब वीआईपी रोड और जेसोर रोड पर हंगामेदार विरोध प्रदर्शन किया।
शहर के विभिन्न हिस्सों में कई अन्य विरोध रैली और सभाएं आयोजित की जा रही हैं। वाम मोर्चा विधायक दल के नेता और माकपा विधायक सुजन चक्रवर्ती के नेतृत्व में एक और रैली दक्षिण कोलकाता के संतोषपुर क्षेत्र में निकाली गई।
उन्होंने कहा, यह हमारे लिए शर्म की बात है कि अमित शाह, जिनके हाथ दिल्ली में हुई हिंसा के खून से रंगे हैं, वहां हिंसा के तुरंत बाद कोलकाता आने की हिम्मत करते हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भले ही उनके लिए लाल कालीन बिछाया हो, लेकिन युवा, छात्र, वाम कार्यकर्ता और लोकतंत्र-प्रेमी लोग उन्हें काले झंडे दिखाएंगे। एक वाम नेता ने कहा कि शहर में नौ पड़ावों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। कांग्रेस और उसकी छात्र परिषद, महिला कांग्रेस और युवा कांग्रेस ने भी विरोध प्रदर्शन आयोजित किए हैं।
Leave a Reply