केरल में RSS कार्यकर्ताओं की हत्या के विरोध में जंतर- मंतर पर प्रदर्शन

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इस दौरान मीनाक्षी लेखी ने केरल सरकार पर इस मामले को सही से जांच न करने का सीधा आरोप लगाया। उन्होंने केरल सरकार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई न करने और तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि ये आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार दोषियों को सजा नहीं देती और साथ ही उन्होंने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) को प्रतिबंध लगाने की बात भी कही।

उन्होंने आरोप लगाया कि देश भर में हुए कई बम धमाकों में भी इन आरोपियों का हाथ है और ये कम्युनिस्टों का साथ देकर जेहादी ताकतों का साथ दे रहे हैं। लेखी ने केरल सरकार से मामले को तेजी से सही तरीके से जांच करने या केस राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यकारिणी सदस्य वेणुगोपाल, मलायाली एसोसिएशन के सचिव आरआर नैयर और प्रसन्ना पिल्लाई व भाजपा पदाधिकारी सुनील यादव शामिल रहे।
इसके पहले, अलप्पुझा जिले में आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या के मामले में ‘सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया’ (एसडीपीआई) के आठ कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। भाजपा ने आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या के विरोध में जिले में दिनभर की हड़ताल की थी।

पुलिस ने बताया कि अलप्पुझा में चेर्थला के पास नगमकुलनगर इलाके में आरएसएस और एसडीपीआई के बीच हुई झड़प में संघ के कार्यकर्ता नंदू (23) की बुधवार रात मौत हो गई थी। पुलिस ने बताया कि झड़प में आरएसएस और एसडीपीआई के कम से कम छह कार्यकर्ता घायल हुए भी थे। उन्हें अलप्पुझा एवं एर्नाकुलम के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया था।

रिपोर्टों के अनुसार, कासरगोड से तिरुवनंतपुरम तक भाजपा की विजय यात्रा की शुरुआत के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की केरल यात्रा के विरोध में एसडीपीआई ने हाल में एक मार्च निकाला था, जिसके बाद से इलाके में तनाव बढ़ गया है। एसडीपीआई के कार्यक्रम के बाद से दोनों समूहों ने इलाके में विरोध मार्च निकाले।

भाजपा ने बृहस्पतिवार को अलप्पुझा जिले में आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ माकपा का इस्लामिक संगठन के साथ राजनीतिक गठबंधन होने के कारण केरल सरकार एसडीपीआई से नाता रखने वाले आरोपियों का साथ दे रही है।

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