एक ही नारा… : कोई भूखा न सोए, अशिक्षित न रहे, लुधियाना के 11 दोस्तों ने आसान की कई लोगों की जिंदगी

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जगराओं दूसरों के दर्द को अपना समझ कर जरूरतमंदों की सेवा करने में जो आनंद है, वो किसी और चीज में नहीं। समाज में ऐसे लोगों की कमी नहीं है जो अपना दुख भूलकर दूसरों की जिंदगी संवारने में जुट जाते हैं। ऐसा ही एक नाम है ‘दाना-पानी सेवा सोसायटी।’ सोसायटी के संचालक मुनीश भारद्वाज व नितेश भोला कहते हैं, ‘हमारी संस्था का एक ही नारा है- कोई भूखा न सोए, अशिक्षित न रहे, दवा से महरूम न रहे। हमारा मकसद जरूरतमंद मरीजों, अनाथ बच्चों व बुजुर्गों की मदद करना है।’

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लुधियाना की दाना-पानी सेवा सोसायटी पांच वर्षों से जरूरतमंद मरीजों व अनाथ बच्चों की मदद कर रही हैैै। 11 दोस्तों द्वारा बनाई गई इस सोसायटी का एक ही नारा है कि कोई भूखा न रहे अशिक्षित न रहे और इलाज के बिना न रहे।

वे कहते हैं कि चाहे सरकारी अस्पताल हों या प्राइवेट, अगर आपकी पहचान नहीं है तो दाखिले की पर्ची बनाने से लेकर डाक्टर के चेकअप तक आपको कई परेशानियों से जूझना पड़ता है। इसी परेशानी को दूर करने के लिए ‘दाना-पानी सेवा सोसायटी’ का निर्माण किया था। मुनीश कहते हैं, आज से पांच साल पहले सिविल अस्पताल लुधियाना में हमने देखा कि जरूरतमंद लोगों को छोटे-छोटे काम में बहुत परेशानी आती थी। उनसे पूछने पर उनकी परेशानियों का पता चला। इसके बाद अपने 11 दोस्तों को साथ लेकर दाना-पानी सेवा सोसायटी बनाई।

 

संस्था ने इंटरनेट मीडिया के माध्यम से लोगों की मदद के लिए प्रचार शुरू किया। फेसबुक व वाट्सएप पर संदेश डाला कि किसी को भी इलाज, राशन व शिक्षा संबंधी सहायता की जरूरत है तो वे हमसे संपर्क कर सकते हैं। सोसायटी ने सीएमसी अस्पताल लुधियाना के साथ संपर्क किया। पांच सालों में करीब 1000 से अधिक गरीब व जरूरतमंद बच्चों का इलाज व सर्जरी करवा चुके हैं।

 

दान से मिला मुहिम को बल

संस्था के लोग मरीजों की बीमारी की पूरी जानकारी लेने के बाद सीएमसी अस्पताल के डाक्टरों से चर्चा करते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति का आकलन कर राशि जुटाते हैं। लोग खुलकर सहयोग करते हैं। एनआरआइ दानी-सज्जनों का भी सहयोग मिलता है। सोसायटी बड़ी संख्या में बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च उठा रही है, ताकि पैसे की कमी के कारण कोई शिक्षा से वंचित न रहे। जगराओं के रहने वाले नितेश भोला ने बताया कि हम जरूरतमंद लोगों को राशन उपलब्ध करवाते हैं। कोरोना काल में लगातर तीन-चार महीने तक गरीबों तक भोजन पहुंचाया।

रक्तदान के लिए 200 स्वयंसेवकों का ग्रुप

दाना-पानी सेवा सोसायटी यूथ ब्लड डोनेशन आर्गेनाइजेशन के साथ मिलकर जरूरतमंदों के लिए रक्तदान के कैंप लगाती। थैलेसीमिया से पीडि़त बच्चों का विशेष ध्यान रखा जाता है। संस्था में नितेश भोला, सरबजीत सिंह, निर्मल सिंह, सुखजीत सिंह, हरचंद सिंह, मनजिंदर सिंह, मनजिंदर सिंह सहित 200 स्वयंसेवक जुड़े हैं। गरीब व जरूरतमंदों को संस्था की ओर से निश्शुल्क दवाइयां भी उपलब्ध करवाई जाती हैं।

 

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