भारत बनाम न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज़: जब टीम इंडिया ने कम स्कोर पर आउट होने के बाद कैसे की शानदार वापसी?
क्या आप जानते हैं कि क्रिकेट के इतिहास में कई बार ऐसा हुआ है जब भारतीय क्रिकेट टीम ने बेहद कम स्कोर पर अपनी पहली पारी समाप्त की हो, लेकिन फिर भी शानदार वापसी करके विरोधियों को चौंका दिया हो? जी हाँ! आज हम आपको भारतीय क्रिकेट टीम के उन ऐतिहासिक पलों के बारे में बताएँगे जब टीम इंडिया ने ‘डबल डिजिट’ स्कोर पर आउट होने के बाद भी अपने दमदार खेल का प्रदर्शन किया और मैच में वापसी की। बेंगलुरु में न्यूजीलैंड के खिलाफ हालिया मैच में मिली करारी शिकस्त के बाद, यह जानना और भी दिलचस्प हो जाता है कि कैसे भारत ने मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकलकर विजय प्राप्त की है।
कम स्कोर पर आउट होने के बाद भी टीम इंडिया की शानदार वापसी
कई बार ऐसा हुआ है कि भारत की पहली पारी का स्कोर 80 से भी कम रहा हो, फिर भी उन्होंने शानदार वापसी करके विरोधी टीम को परास्त किया है। इस लेख में, हम तीन ऐसे ऐतिहासिक मुकाबलों पर गौर करेंगे जिनमें भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूज़ीलैंड के विरुद्ध कम स्कोर पर आउट होने के बाद भी अभूतपूर्व वापसी की है। ये तीन मैच थे- 1965, 1969 और 1999। आइए इन मैचों पर विस्तार से नज़र डालते हैं:
1999: मोहाली टेस्ट में 82 रनों पर आउट होने के बाद टीम इंडिया का जलवा
10 अक्टूबर से 14 अक्टूबर 1999 तक मोहाली में खेले गए भारत और न्यूजीलैंड के बीच इस टेस्ट मैच में, भारतीय टीम पहली पारी में केवल 83 रनों पर सिमट गई थी। लेकिन न्यूज़ीलैंड भी 215 रनों पर ऑलआउट हो गई थी। इसके बाद दूसरी पारी में राहुल द्रविड़ (144) और सचिन तेंदुलकर (126) के शतकों की बदौलत भारत ने 505/3 रन बनाए थे। फिर न्यूज़ीलैंड टीम 251/7 के स्कोर पर आउट हो गई थी जिससे यह टेस्ट मैच ड्रॉ रहा था।
1969: हैदराबाद टेस्ट में 89 रनों पर आउट होने के बाद शानदार वापसी
15 से 20 अक्टूबर 1969 के बीच भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच हैदराबाद में खेले गए टेस्ट मैच में, न्यूज़ीलैंड ने पहली पारी में 181 रन बनाए थे। वहीं, भारतीय टीम अपनी पहली पारी में केवल 89 रनों पर सिमट गई। इसके बाद न्यूज़ीलैंड ने अपनी दूसरी पारी में 175/8 रन बनाए और भारत को 268 रनों का लक्ष्य दिया। भारतीय टीम दूसरी पारी में 76/7 रनों पर ही सिमट गई थी और मैच ड्रा रहा था।
1965: मुंबई टेस्ट में 88 रनों पर आउट होने के बाद भी वापसी का कमाल
1965 में मुंबई के ब्रेबॉर्न स्टेडियम में खेले गए इस मैच में, न्यूज़ीलैंड ने पहली पारी में 297 रन बनाए। इसके बाद, भारतीय टीम महज़ 88 रनों पर ऑल आउट हो गई। जॉन रीड की कप्तानी वाली न्यूज़ीलैंड टीम ने भारत को फॉलोऑन दिया। लेकिन फिर भारतीय टीम ने कमाल करते हुए 463/5 रन बनाए और न्यूजीलैंड को 255 रनों का लक्ष्य दिया। भारत लगभग मैच जीतने वाला था पर न्यूज़ीलैंड की टीम 80/8 रन बनाकर मैच ड्रा करने में कामयाब रही।
टीम इंडिया के लिए सबक
इन ऐतिहासिक मैचों से भारतीय क्रिकेट टीम के लिए एक महत्वपूर्ण सीख मिलती है: कम स्कोर पर आउट होने के बाद भी, टीम एकता और दृढ़ संकल्प से शानदार वापसी कर सकती है। अगर खिलाड़ी अपना बेस्ट देंगे और साथ में काम करेंगे तो वो हर मुश्किल परिस्थिति में अपनी जगह बना सकते हैं। इस सीरीज से क्या सबक सीख सकते हैं टीम इंडिया, यह सवाल हर क्रिकेट प्रेमी के मन में उठ रहा है।
Take Away Points
- भारतीय क्रिकेट टीम ने कई बार कम स्कोर पर आउट होने के बाद भी शानदार वापसी की है।
- न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन ऐतिहासिक मैचों (1965, 1969, 1999) में भारतीय टीम ने कम स्कोर पर आउट होने के बाद भी कमाल का प्रदर्शन करके मैच ड्रॉ करवाए हैं।
- टीम इंडिया के लिए इन मैचों से यह सीख मिलती है कि निराश न होकर अगर लगातार प्रयास किया जाए तो बड़ी से बड़ी मुश्किलों से भी पार पाया जा सकता है।

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