भारत की क्रिकेट टीम का बदलता रूख

आंकड़े हमेशा आपको एक कहानी बताते हैं। ब्रिसबेन (जब भारत की तीसरे दर्जे की टीम ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर चार टेस्ट मैचों की कड़ी प्रतिस्पर्धा वाली सीरीज में मात दी थी) से ओवल (जहां विराट कोहली की टीम इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के शानदार अंत के मुहाने पर खड़ी है) तक टेस्ट क्रिकेट से जो नंबर सामने आए हैं वह काफी प्रभावशाली नजर आ रहे हैं। 

टीवी पर दर्शकों की संख्या में काफी इजाफा 

साल 2021 में जब भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था तब ब्रिसबेन टेस्ट सब्सक्रिप्शन टीवी पर सबसे ज्यादा देखे जाने वाला मैच बन गया था। और उस सीरीज के औसत दर्शकों की संख्या भी 2019 (जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया का पिछला दौरा किया था) से 33 फीसद ज्यादा थी। 

अब लॉर्ड्स में भारत और इंग्लैंड के बीच इस सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच का आखिरी दिन का खेल था तब औसत रेटिंग में 70 फीसदी काउछाल देखा गया वहीं दिन के आखिरी सेशन में कुल 10.7 मिलियन यानी एक करोड़ 70 लाख व्युअरशिप मिली। यह हाल ही किसी भी टेस्ट मैच का यह सबसे ज्यादा देखा गया सेशन था। इंडस्ट्री के जानकार मानते हैं कि सिर्फ भारत और पाकिस्तान का मुकाबला ही इससे ज्यादा दर्शकों को आकर्षित कर सकता है, ओवल के नंबर्स अभी सामने नहीं आए हैं। 

इन नंबर्स से पता चलता है कि टेस्ट क्रिकेट का सूर्यास्त अभी नहीं हो रहा है, जैसा कि प्रचलित धारणा है। दरअसल, जिस तरह कोहली की कप्तानी वाली भारतीय टीम खेल रही है, सूर्यास्त की धारणा के उलट वह टेस्ट क्रिकेट का सूर्योदय हो सकता है।
आईसीसी ने हाल ही में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के टीवी नंबर्स जारी किए थे। भारत को इस फाइनल में न्यूजीलैंड के हाथों हार का समाना करना पड़ा था। यह मैच तटस्थ मैदान पर खेला गया। इसका टाइम न्यूजीलैंड के प्राइम टाइम से काफी दूर था। लेकिन इसके बावजूद इसे 177 मिलियन वैश्विक दर्शकों ने देखा। इसके साथ ही 80 से ज्यादा इलाकों में लाइव व्युअरशिप करीब 130.6 मिलियन के करीब रही।

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