मैरीकॉम ने रचा इतिहास, छठी बार बनी वर्ल्ड चैंपियन

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नई दिल्ली । सुपरमॉम एमएसी मेरी कॉम ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में खिताबी सिक्सर लगाते हुए इतिहास रच दिया। दिल्ली के केडी जाधव हॉल में हुई 48kg कैटिगरी के फाइनल फाइट में उन्होंने यूक्रेन की हन्ना ओकोता को 5-0 से हराया और वर्ल्ड रेकॉर्ड छठी बार महिला विश्व कप का खिताब जीतने का गौरव हासिल किया। यह दूसरा मौका है, जब वह खिताबी फाइट के लिए घरेलू फैंस के सामने थीं। इससे पहले 2006 घरेलू दर्शकों के सामने रिंग में उतरी थीं। यहां उन्होंने लाइट फ्लाइवेट (48kg) में रोमानिया की स्टेलुटा दुता को हराकर अपना 5वां वर्ल्ड क्राउन अपने नाम किया था।

इस जीत के साथ ही 35 वर्षीय स्टार भारतीय बॉक्सर आयरलैंड की कैटी टेलर को पछाड़कर सबसे अधिक 6 वर्ल्ड चैंपियनशिप्स में जीतने वाली पहली महिला बॉक्सर बन गईं। इससे पहले मेरी और टेलर 5-5 बार वर्ल्ड चैंपियनशिप का खिताब जीतकर बराबरी पर थीं। मेरी कॉम ने वर्ल्ड चैंपियनशिप्स के इतिहास में 6 खिताब जीतने के वर्ल्ड रेकॉर्ड (महिला और पुरुष) की बराबरी भी कर ली। 6 बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव उनसे पहले पुरुष बॉक्सिंग में क्यूबा के फेलिक्स सेवोन के नाम था। सेवोन ने 1997 में बुडापेस्ट में आयोजित हुई चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर यह रेकॉर्ड अपने नाम किया था।

आज खेले गए फाइनल फाइट में दोनों बॉक्सरों की बात करें, तो दोनों की उम्र में 13 साल का अंतर है। यूक्रेन की बॉक्सर हन्ना अभी 22 साल की हैं, लेकिन अपने उम्दा खेल की बदौलत उन्होंने ‘हंटर’ नाम से अपनी पहचान बना ली है। उन्होंने यूरोपियन यूथ चैंपियनशिप्स में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया है। पहले राउंड में मैरी हावी रहीं। रिंग में उतरते ही वह विपक्षी पर मुक्के बरसाने लगीं। हालांकि, अधिक आक्रामकता की वजह से एक बार वह हेन्ना के साथ ही रिंग में गिर गईं। लेकिन उठते ही उन्‍होंने एक बार फिर विपक्षी पर मुक्के बरसाना शुरू कर दिया। मेरी कॉम ने जबरदस्त शुरुआत की है। उन्होंने विपक्षी को राइट हुक से एक के बाद एक कई पंच लगाते हुए दबाव बना दिया।

दूसरे राउंड के लिए मेरी कॉम रिंग में। मेरी यहां न केवल बेहतरीन फाइट कर रही हैं, डिफेंस पर भी मजबूत हाथ बनाए रखा है। विपक्षी के पंचेज से बच रही हैं। मेरी को चियर करने के लिए यहां काफी संख्या में क्राउड मौजूद है। लगातार शोर के साथ फैंस अपने देश के स्टार बॉक्सर को चियर कर रहे हैं। आखिरी राउंड में मेरी कॉम पहले से कहीं अधिक आक्रामक दिख रही हैं। उन्होंने विपक्षी को कभी भी खुद पर हावी नहीं होने दिया। उनकी जीत पक्की दिख रही है।

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