बीसीसीआई की मान्यता क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड को

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बीसीसीआई ने उत्तराखंड में क्रिकेट के संचालन को अपनी मान्यता दे दी। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (सीएयू) राज्य में क्रिकेट के संचालन की जिम्मेदारी संभालेगी। ‘सीएयू’ बीसीसीआई की पूर्णकालिक सदस्य होगी। बीसीसीआई के प्रशासकों की कमेटी ने सीएयू को 14 सितंबर से पहले चुनाव कराने को कहा है।

बीसीसीआई की मान्यता पर मंगलवार को प्रशासकों की कमेटी (सीओए) ने मुहर लगा दी। इससे अब क्रिकेट को बतौर करिअर चुनने वाले उत्तराखंड के युवाओं के लिए सारे रास्ते खुल जाएंगे।

14 सितंबर तक कराना होगा चुनाव
बीसीसीआई ने ‘सीएयू’ से 14 सितंबर से पहले बीसीसीआई के संविधान के अनुसार चुनाव कराने के लिए कहा है। चुनाव के बाद कमेटी बीसीसीबाई की पूर्णकालिक सदस्य की तरह क्रिकेट का संचालन कर सकेगी।

एसोसिएशनों की जोर आजमाइश खत्म
उत्तराखंड में बीसीसीआई की मान्यता के लिए क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड, उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन और उत्तरांचल क्रिकेट एसोसिएशन के बीच जोर आजमाइश चल रही थी। जून में 17 और 18 तारीख को मान्यता कमेटी के सदस्यों ने तीनों एसोसिएशन से दस्तावेज मांगे थे। इस रिपोर्ट को सीओए के पास भेजा गया। सीओए ने 15 जुलाई को एसोसिएशनों की बैठक बुलायी थी। इसमें क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड ने दस्तावेज पेश किये। इसके बाद सीओए ने प्रदेश सरकार से मिल रही मदद का ब्योरा मांगा था और 25 जुलाई तक का समय दिया गया था। अब सीओए ने क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड को मेल भेजकर मान्यता दिए जाने पर मुहर लगा दी है।

लंबे इंतजार के बाद मिली सफलता
उत्तराखंड ने क्रिकेट की मान्यता के लिए लंबा इंतजार किया। क्रिकेट एसोसिएशनों की तनातनी में कई साल गुजर गए। इस बीच उत्तराखंड से कई क्रिकेट प्रतिभाएं पलायन कर गईं। लेकिन मान्यता को लेकर उम्मीदें बनी रही। पिछले दो साल में मान्यता के मामले ने तेजी पकड़ी। क्रिकेट को लेकर एसोसिएशनों ने भी एका दिखाई तो अब बीसीसीआई की मान्यता मिल गई।

नई टीम का गठन होगा चुनौती 
क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड को मान्यता मिलने के बाद राज्य क्रिकेट के सामने चुनौतियां अभी बाकी हैं। सीएयू को नई टीम का गठन करना है। एसोसिएशन को इस मुकाम तक पहुंचाने वाले मौजूदा अध्यक्ष पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट और सचिव पीसी वर्मा 70 की उम्र पार कर चुके हैं। बीसीसीआई नियमों के तहत उन्हें पद छोड़ना है। ऐसे में नई टीम बनाकर एसोसिएशन के सामने विजय हजारे ट्रॉफी के सफल आयोजन की जिम्मेदारी भी रहेगी।

यह वर्षों की तपस्या का नतीजा है, अब युवाओं का मौका मिलेगा। पक्ष-विपक्ष को जोड़कर उत्तराखंड क्रिकेट को नई ऊंचाईयों पर ले जाएंगे। –हीरा सिंह बिष्ट, अध्यक्ष, क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड

आज इंतजार खत्म हो गया। जो तपस्या हमने की थी, उसका फल अब हमारे प्रदेश की भावी पीढ़ी को मिलेगा। –पीसी वर्मा, सचिव, क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड

 

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