जानिए बर्थडे बॉय अश्विन के क्रिकेट करियर के बारे में…

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दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्पिनरों में शामिल आर. अश्विन आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। 17 सितंबर, 1986 को चेन्नै में जन्मा यह फिरकी गेंदबाज दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों की अपनी घूमती गेंदों पर नच चुका है। नवंबर, 2011 में वेस्ट इंडीज के खिलाफ अपने टेस्ट क्रिकेट की शुरुआत करने वाले अश्विन मौजूदा दौर के उन चुनिंदा गेंदबाजों में शामिल हैं, जो कैरम बॉल कर सकते हैं। आइए, जानें रविचंद्रन अश्विन से जुड़े कुछ चुनिंदा रेकॉर्ड्स और फैक्ट्स के बारे में…

​सबसे आगे हैं अश्विन

आर. अश्विन टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 250 और 300 विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं, जबकि सबसे कम मैचों में 50, 100, 150, 200 विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाजों की लिस्ट में वह सबसे आगे हैं। अश्विन ने 250 विकेट 45 टेस्ट में लिया, जबकि 300वां विकेट अपने 54वें मैच में लिया। ये दोनों वर्ल्ड रेकॉर्ड है। दूसरी ओर, उन्होंने अपना 50वां टेस्ट विकेट 9वें टेस्ट मे लिया। 100वां टेस्ट विकेट 18वें टेस्ट में उनके नाम हुआ और 150वां टेस्ट विकेट 29वें टेस्ट मैच में, जबकि 37वें टेस्ट में उन्होंने विकेटों की डबल सेंचुरी पूरी की।

दिग्गजों के साथ है नाम

अश्विन सबसे तेजी से टेस्ट में 50 टेस्ट विकेट और 500 रन बनाने के मामले में वह इयान बॉथम और जैक ग्रेगरी जैसे दिग्गजों के बराबर खड़े हैं। इन सभी ने 11वें टेस्ट मैच में यह मुकाम हासिल किया।

अश्विन की बल्लेबाजी

अश्विन के नाम टेस्ट क्रिकेट में चार शतक और 11 अर्धशतकों के साथ कुल 2361 रन हैं। उन्होंने 65 मैचों में 29.14 की औसत से ये रन बनाए हैं। जहां तक वनडे क्रिकेट की बात है तो 111 मैचों में अश्विन ने 675 रन बनाए हैं और 150 विकेट झटके हैं।

फिरकी का कमाल

अपनी फिरकी के जाल में अश्विन कने दुनियाभर के बल्लेबाजों को छकाया है। अश्विन ने 65 टेस्ट मैचों में कुल 342 विकेट लिए हैं। पारी में पांच विकेट का कारनामा वह 26 बार कर चुके हैं वहीं मैच में 10 विकेट उन्होंने 7 बार लिए हैं। वनडे में अश्विन ने 150 विकेट लिए हैं।

सलामी बल्लेबाज से शुरुआत

अश्विन न केवल गेंद से भारत के लिए उपयोगी साबित होते हैं बल्कि साथ ही साथ लोअर ऑर्डर में वह शानदार बल्लेबाजी भी करते हैं। इसके पीछे भी एक वजह है। क्रिकेट की शुरुआत में वह सलामी बल्लेबाज हुआ करते थे। करियर की शुरुआत में ही नई गेंद का सामना करने से उनकी तकनीक काफी मजबूत हो गई है।

2014 में बने अर्जुन

अश्विन को 2014 में अर्जुन अवॉर्ड दिया गया। इसके साथ ही 2012-13 में उन्हें बीसीसीआई ने साल के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर के खिताब से भी नवाजा। 2016 में उन्हें आईसीसी क्रिकेटर ऑफ द इयर चुना गया।

चोट ने किया बैटिंग को प्रभावित

युवावस्था में गहीर चोट के कारण ही अश्विन ने बल्लेबाजी की ओर ध्यान देना कम कर दिया। 14 वर्ष की उम्र में उनके पेल्विक एरिया में चोट लगी थी। इसी वजह से वह दो महीने तक बिस्तर पर रहे। इसी के चलते उन्होंने बल्लेबाजी की जगह गेंदबाजी पर ध्यान देना शुरू किया।

पढ़ाई को लेकर सख्त थे माता-पिता

पढ़ाई पर ध्यान अश्विन की मां चित्रा उनकी पढ़ाई को लेकर बहुत सख्त थीं। माता-पिता दोनों ने अश्विन को क्रिकेट खेलने से नहीं रोका पर पढ़ाई को लेकर उनका रुख साफ था कि उसे नजरअंदाज नहीं करना है। एक इंटरव्यू में अश्विन की मां ने कहा भी था- पढ़ाई को लेकर हमने कभी समझौता नहीं किया और अश्विन ने भी परिपक्वता दिखाई और इस फैसले को स्वीकार किया। एजुकेशन की बात करें तो अश्विन ने इन्फर्मेशन टेक्नोलॉजी में बी-टेक किया है।

दोस्त से शादी

अश्विन ने अपनी बचपन की दोस्त प्रीति नारायणन से 2011 में शादी की। इस कपल को दो बेटियां हैं, जिनका नाम अकिरा और आध्या है। अकिरा की जन्म जुलाई, 2015 में हुआ, जबकि आध्या दिसंबर 2016 में पैदा हुईं।

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