जब ‘क्रिकेट के भगवान’ ने ठोका ‘शतकों का महाशतक, बने थे दुनिया के इकलौते खिलाड़ी

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नई दिल्ली। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने 16 मार्च 2012 को वो कमाल का विश्व रिकॉर्ड बनाया था, जिसे तोड़ पाना अगले कई सालों में नामुमकिन है। महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने आज ही के दिन शतकों का महाशतक बनाया था। जी हां, सचिन तेंदुलकर ने इसी दिन 2012 को 100वां अंतरराष्ट्रीय शतक पूरा किया था। सचिन ने शतकों के सिलसिले की शुरुआत करीब दो दशक पहले की थी।

सचिन तेंदुलकर ने एशिया कप 2012 में बांग्लादेश के खिलाफ 147 गेंदों में 12 चौके और 1 छक्के की मदद से 114 रन की पारी खेली थी। ये सचिन तेंदुलकर के अंतरराष्ट्रीय करियर का 100वां और आखिरी शतक था। 100वें शतक के लिए सचिन तेंदुलकर एक दो मैचों का नहीं, बल्कि दर्जनों मैचों का इंतजार किया था। 12 मार्च 2011 को वर्ल्ड कप में उन्होंने आखिरी शतक लगाया था, जो उनके करियर का 99वां शतक था।

100वें शतक के लिए उनको लंबा इंतजार करना पड़ा। यहां तक कि एशिया कप में अगला मैच खेलने के बाद वे कभी भी वनडे टीम में शामिल नहीं हुए, लेकिन टेस्ट क्रिकेट थोड़े और समय तक खेली। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में वे दो साल से ज्यादा समय तक शतक नहीं जड़ पाए थे और मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था, लेकिन शतकों के महाशतक का रिकॉर्ड आज भी अटूट है।

शतकों के सिलसिले की शुरुआत साल 1992 में हुई थी। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और 100 शतकों का वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया। सचिन तेंदुलकर ने 51 शतक टेस्ट क्रिकेट में जड़े हैं, जबकि 49 शतक उन्होंने वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में जमाए हैं। 200 टेस्ट मैच उन्होंने अपने करियर में खेले हैं, जो अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड है। 14 नवंबर 2013 को उन्होंने आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था।

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