इस अजीब सी चीज को देखकर लोग करने लगे पूजा, खुलासा होने पर चौके

डेस्क। क्या आप जानते हैं कि बिहार का वाल्मीकि टाइगर रिजर्व जैव विविधताओं से भरा हुआ है वहीं बाघ के आतंक से भयभीत बैरिया कला गांव के लोग रविवार की रात से एक अजीबो-गरीब तितली (Atlas moth Butterfly) की पूजा करने में जुटे हुए हैं। क्या आप जानते हैं कि लोग आखिर क्यों इस तितली की पूजा कर रहे हैं। 
पश्चिम चंपारण जिले के वीटीआर में मिलने वाले जीव अक्सर लोगों को हैरान कर देते हैं वहीं इस बार वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (Valmiki Tiger Reserve) के हर्नाटांड़ के काला बैरिया में एक अजीब तितली देखने को भी मिली है। आपको बता दें कि रविवार की रात्रि यह तितली गांव के एक बल्ब के पास आकर बैठ जाती है। वहीं पहले तो लोग इसे सांप समझ रहे थे, लेकिन जब पास से देखने लगे तो इसका रंग रूप और आकार बिल्कुल अलग ही था। इसे देखने के बाद लोगों ने इसे वन देवी का अवतार मानकर घी के दिए जला दिए तो कुछ लोग अगरबत्ती जलाकर पूजा-पाठ करने के लिए भीं बैठ गए। 
बगहा में मिला दुर्लभ प्रजाति का कीड़ा: एटलस मॉथ (Atlas moth Insects) सबसे बड़े कीटों में से एक बताया जा रहा है। वहीं जब इसको खतरा महसूस होता है तो शिकारियों को डराने के लिए यह सांप के सिर के जैसा दिखने लग जाता है। इस प्रकार इसके पंख को देखकर शिकारी भाग जाते हैं पर इसका सांप जैसा पंख देखकर आदिवासी ग्रामीण इसकी पूजा करने लगे।
आपकों बता दें कि “यह दुर्लभ प्रजाति का एक कीड़ा है जिसे पहले यह झारखंड के पलामू में मिला था वहीं इसे एटलस मॉथ कहते हैं। जिसका साइंटिफिक नाम अट्टाकस एटलस होता है। यह दुनिया में पाये जाने वाले पतंगों में सबसे बड़ा होता है।”- सुब्रत बहेरा, अधिकारी, वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया ने बताया
आपको बता दें कि एटलस मॉथ भारत के अलावा अफ्रीका, स्पेन, जापान, चीन, मलेशिया, अमेरिका आदि देशों में भी पाई जाती है। वहीं सभी देशों में इसे अलग-अलग नाम से जाना जाता है और उदाहरण के लिए अफ्रीका में इसे अफ्रीकन मून मॉथ के नाम से भी जाना जाता है। इसके अलावा बता दें कि स्पेन में इसे स्पेनिश मून मॉथ आदि के नाम से भी जाना जाता है। आपको बता दें कि एटलस मॉथ अपने पंख को 24 सेमी तक फैला सकता है, जबकि इंडियन लूना मॉथ अपने पंख का फैलाव 12 से 17 सेमी तक करते हैं।

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