संकष्टी चतुर्थी 2024: गणेश जी की कृपा पाने का अद्भुत अवसर!

साल की आखिरी संकष्टी चतुर्थी: गणेश जी की कृपा पाने का सुनहरा अवसर!

क्या आप जानते हैं कि साल का आखिरी संकष्टी चतुर्थी व्रत, भगवान गणेश को प्रसन्न करने और जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त करने का एक अनोखा अवसर है? इस खास दिन पर, भगवान गणेश की आराधना से विघ्न-बाधाओं से मुक्ति मिलती है और जीवन में सफलता के मार्ग प्रशस्त होते हैं। इस लेख में, हम आपको संकष्टी चतुर्थी 2024 के शुभ मुहूर्त, पूजन विधि, मंत्रों और उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी देंगे, ताकि आप इस पवित्र दिन का भरपूर लाभ उठा सकें।

संकष्टी चतुर्थी का महत्व

हिंदू धर्म में संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व है। यह व्रत भगवान गणेश को समर्पित है, जिन्हें विघ्नहर्ता के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा करने से सभी संकट और बाधाएँ दूर होती हैं और जीवन में खुशहाली आती है। संकष्टी चतुर्थी व्रत रखने से व्यक्ति को भौतिक सुख-सुविधाओं के साथ-साथ आध्यात्मिक शक्ति भी प्राप्त होती है। यह व्रत सभी कष्टों को दूर करने और मनोकामनाओं को पूरा करने का माध्यम है।

अखुरथ संकष्टी चतुर्थी 2024: शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

साल 2024 की अंतिम संकष्टी चतुर्थी 18 दिसंबर को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है। पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 10:06 बजे से शुरू होगा और अगले दिन, 19 दिसंबर सुबह 10:02 बजे तक रहेगा। चंद्रमा को अर्घ्य देने का शुभ समय रात 8:27 बजे है।

संकष्टी चतुर्थी पूजा विधि: विधि-विधान से करें पूजन

संकष्टी चतुर्थी की पूजा विधि बहुत ही सरल है। इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। ईशान कोण में एक चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाकर गणेश जी की मूर्ति स्थापित करें। गणेश जी का ध्यान करके व्रत का संकल्प लें। गणेश जी को जल, दूर्वा, अक्षत और पान अर्पित करें और “गं गणपतये नमः” मंत्र का जाप करें। मोतीचूर के लड्डू, बूंदी या पीले मोदक प्रसाद स्वरूप चढ़ाएँ। पूजा के अंत में त्रिकोण के अगले भाग पर घी का दीया, मसूर की दाल और साबुत मिर्च रखें। पूजा संपन्न होने के बाद दूध, चंदन और शहद से चंद्रदेव को अर्घ्य दें और फिर प्रसाद ग्रहण करें।

अखुरथ संकष्टी चतुर्थी: मंत्रों का जाप और प्रभावशाली उपाय

भगवान गणेश की कृपा पाने के लिए कुछ प्रभावशाली मंत्रों का जाप करना भी बहुत फायदेमंद होता है।

प्रभावशाली मंत्र

“गजाननं भूत गणादि सेवितं, कपित्थ जम्बू फल चारू भक्षणम्।उमासुतं शोक विनाशकारकम्, नमामि विघ्नेश्वर पाद पंकजम्।।”

इस मंत्र का जाप करने से मन की शांति और भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होती है।

अखुरथ संकष्टी चतुर्थी के उपाय: जीवन में खुशियाँ बढ़ाने के अचूक उपाय

इन आसान उपायों से पाएं भगवान गणेश का आशीर्वाद और जीवन में सफलता के द्वार खोलें:

  • उपाय 1: संकष्टी चतुर्थी के दिन गाय के घी में सिंदूर मिलाकर दीपक जलाएं और इसे गणेश जी के सामने रखें। गेंदे के फूल अर्पित करें और गुड़ का भोग लगाएँ।
  • उपाय 2: केले के पत्ते पर रोली और चन्दन से त्रिकोण बनाएँ, और इस पर मसूर की दाल और लाल मिर्च रखें। दीपक जलाएँ और “अग्ने सखस्य बोधि नः” मंत्र का जाप करें।

संकष्टी चतुर्थी के टेकअवे पॉइंट्स

  • संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित एक महत्वपूर्ण व्रत है।
  • यह व्रत रखने से संकटों से मुक्ति मिलती है और मनोकामनाएँ पूरी होती हैं।
  • 18 दिसंबर 2024 को मनाई जाएगी साल की आखिरी संकष्टी चतुर्थी।
  • विधि-विधान से पूजा करने और मंत्रों का जाप करने से भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होती है।
  • उपरोक्त उपायों को करके आप भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

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