26 नवंबर 2024 का पंचांग: शुभ और अशुभ योगों का पूरा विवरण

26 नवंबर 2024 का पंचांग: शुभ और अशुभ योगों का विश्लेषण

क्या आप जानते हैं कि 26 नवंबर 2024 का दिन आपके लिए कैसा रहेगा? क्या यह दिन आपके लिए भाग्यशाली साबित होगा या आपको सावधानी बरतने की ज़रुरत होगी? इस लेख में हम 26 नवंबर 2024 के पंचांग का विस्तृत विश्लेषण करेंगे ताकि आप इस दिन के शुभ और अशुभ योगों के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर सकें और दिन को सफल बना सकें। इससे आपको यह जानने में मदद मिलेगी कि कौन से काम करने के लिए शुभ समय हैं और किन कार्यों से बचना चाहिए। तो आइये, जानते हैं 26 नवंबर 2024 के पंचांग के बारे में!

तिथि, नक्षत्र और योग

26 नवंबर 2024 को कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है जो सुबह 1:02 बजे से शुरू होती है और अगले दिन सुबह 3:47 बजे समाप्त होती है। इस दिन का नक्षत्र है हस्त, जो सुबह 1:24 बजे से शुरू होता है और अगले दिन सुबह 4:34 बजे तक रहता है। इस दिन का योग है आयुष्मान, जो दोपहर 2:13 बजे से शुरू होता है और अगले दिन दोपहर 3:13 बजे तक रहता है। आयुष्मान योग बहुत ही शुभ माना जाता है।

एकादशी का महत्व

एकादशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। यह व्रत रखने और भगवान विष्णु की आराधना करने का एक पवित्र दिन है। एकादशी के दिन धार्मिक कार्य, पूजा-पाठ और दान करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस दिन सच्चे मन से भक्ति और प्रार्थना करने से जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। विभिन्न एकादशियों का अपना अलग महत्व होता है और उन्हें भगवान के विभिन्न अवतारों से जोड़ा जाता है।

हस्त नक्षत्र का प्रभाव

हस्त नक्षत्र कुशल कर्म और कलात्मक कार्यों के लिए प्रसिद्ध है। इस नक्षत्र के दौरान शुरू किए गए कामों में सफलता प्राप्त होने की संभावना अधिक होती है। हस्त नक्षत्र के प्रभाव में आप रचनात्मक कामों में सफल हो सकते हैं और महत्वपूर्ण कार्यो में बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। इस समय सोच समझकर कार्य करना अति आवश्यक है क्योंकि लापरवाही भारी पड़ सकती है।

आयुष्मान योग का लाभ

आयुष्मान योग का अर्थ है जीवन की रक्षा करने वाला। यह बहुत ही शुभ योग माना जाता है और इस दौरान आरंभ किये गए कार्यो में सफलता मिलने की संभावना अधिक होती है। इस समय कोई भी नया काम शुरू करना या नए प्रोजेक्ट पर काम शुरू करना बहुत ही शुभ होगा और जीवन में सफलता मिलेगी। नवीन कार्यो में प्रगति और स्वास्थ्य में सुधार के लिए भी यह योग उत्तम माना गया है।

सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त

26 नवंबर 2024 को सूर्योदय 6:52 AM पर होगा और सूर्यास्त 5:36 PM पर होगा। चंद्रोदय 2:26 AM पर होगा और चंद्रास्त 2:33 PM पर होगा। यह जानकारी आपके दिनचर्या को बेहतर ढंग से व्यवस्थित करने में आपकी सहायता करेगी।

अशुभ और शुभ काल

पंचांग के अनुसार, 26 नवंबर 2024 को कुछ अशुभ काल भी हैं जिनसे आपको सावधान रहना होगा। राहू काल, यमगण्ड, कुलिक, दुर्मुहूर्त और वर्ज्य जैसे अशुभ काल से आपको बचना चाहिए और इन समय के दौरान कोई भी महत्वपूर्ण कार्य शुरू नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, कुछ शुभ मुहूर्त भी हैं जैसे अभिजीत मुहूर्त और अमृत काल। इन शुभ कालों में आरंभ किया गया कोई भी कार्य बहुत सफल होगा।

शुभ मुहूर्त का लाभ

अभिजीत मुहूर्त और अमृत काल बहुत शुभ माने जाते हैं। इन मुहूर्तो के दौरान किसी भी नए काम का आरंभ किया जा सकता है, नए रिश्ते, पार्टनरशिप या बिज़नेस की शुरूआत की जा सकती है। इन मुहूर्तो में शुरू किए गए कार्य अवश्य सफल होंगे।

द्विपुष्कर योग

27 नवंबर को चित्रा नक्षत्र, मंगलवार और कृष्ण द्वादशी के साथ द्विपुष्कर योग भी है जो सुबह 4:34 AM से 6:53 AM तक रहेगा। द्विपुष्कर योग को बेहद शुभ माना जाता है, और इसके दौरान की गई पूजा और अन्य धार्मिक क्रियाएं सफल होती हैं।

Take Away Points

  • 26 नवंबर 2024, एकादशी तिथि, हस्त नक्षत्र, और आयुष्मान योग के साथ एक विशेष दिन है।
  • अशुभ कालों से बचें और शुभ मुहूर्तों का लाभ उठाएँ।
  • यह दिन धार्मिक कार्यों और नए कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ है।
  • द्विपुष्कर योग अगले दिन सुबह शुभ प्रभाव लाएगा।

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