17 नवंबर 2024 का पंचांग: जानिए आज का शुभ और अशुभ समय
क्या आप जानना चाहते हैं कि आज, 17 नवंबर 2024 को, आपके लिए क्या खास है? क्या आज का दिन आपके लिए शुभ है या अशुभ? इस लेख में, हम आपको 17 नवंबर 2024 का संपूर्ण पंचांग प्रदान करेंगे, जिसमें तिथि, नक्षत्र, योग, सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, दुर्मुहूर्त, अभिजीत मुहूर्त, अमृत काल और ब्रह्म मुहूर्त जैसे महत्वपूर्ण विवरण शामिल हैं। इस जानकारी से आप अपने दिन की योजना को बेहतर ढंग से बना सकते हैं और शुभ कार्यों के लिए सही समय का चुनाव कर सकते हैं।
तिथि, नक्षत्र और योग
आज, 17 नवंबर 2024 को, मार्गशीर्ष मास की द्वितीया तिथि प्रातः 09:06 बजे तक रहेगी। इसके बाद तृतीया तिथि आरंभ होगी। रोहिणी नक्षत्र शाम 05:22 बजे तक रहेगा। उसके बाद मृगशीर्ष नक्षत्र आरंभ होगा। आज का योग शिव है जो रात्रि 08:21 बजे तक रहेगा। इसके बाद सिद्ध योग आरंभ होगा।
तिथि का महत्व:
द्वितीया तिथि का महत्व धार्मिक कार्यों और नए काम शुरू करने में है। लेकिन पंचांग के अनुसार, कुछ विशेष कार्य इस तिथि में करने से बचना चाहिए। तृतीया तिथि विघ्नकारी मानी जाती है अतः महत्वपूर्ण कार्य करने से पहले सोच विचार करें।
नक्षत्र का प्रभाव:
रोहिणी नक्षत्र चंद्रमा से जुड़ा हुआ नक्षत्र है जो सुख, समृद्धि और प्रगति का सूचक है। मृगशीर्ष नक्षत्र भी महत्वपूर्ण है, इसके प्रभावों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
योग का प्रभाव:
शिव योग, एक शुभ योग है जो आध्यात्मिकता और शांति को बढ़ावा देता है। सिद्ध योग भी कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए अनुकूल होता है।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय
आज सूर्योदय सुबह 06:45 बजे और सूर्यास्त शाम 05:27 बजे होगा। चंद्रोदय शाम 06:33 बजे होगा। सूर्य और चंद्रमा की स्थिति को ध्यान में रखकर अपने दैनिक कार्यों की योजना बनाएं, खासकर यदि आप ज्योतिष में विश्वास रखते हैं।
सूर्य और चंद्रमा की ऊर्जा:
सूर्य और चंद्रमा की ऊर्जा के बारे में जानना आपके लिए ज़रूरी है ताकि आप इन ऊर्जाओं को अपने कार्य में उपयोग कर सके। सूर्य ऊर्जा और चंद्रमा शांति का प्रतीक हैं।
अशुभ काल और शुभ काल
आज राहुकाल शाम 04:06 बजे से 05:27 बजे तक रहेगा। यमगंड दोपहर 12:06 बजे से 01:26 बजे तक और गुलिक दोपहर 02:46 बजे से 04:06 बजे तक रहेगा। दुर्मुहूर्त शाम 04:01 बजे से 04:44 बजे तक रहेगा। इन समयों में महत्वपूर्ण काम करने से बचना चाहिए।
इसके अलावा, कुछ शुभ काल भी हैं: अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 बजे से 12:27 बजे तक और अमृत काल दोपहर 02:27 बजे से 03:55 बजे तक। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:58 बजे से 05:52 बजे तक है। ये समय शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त हैं।
अशुभ काल से बचाव:
इन अशुभ काल में महत्वपूर्ण निर्णय लेने या बड़े काम शुरू करने से बचें। आप ध्यान, योग, या अन्य शांत गतिविधियों के माध्यम से इन कालों के नकारात्मक प्रभावों को कम कर सकते हैं।
Take Away Points
- 17 नवंबर 2024 का पंचांग जानना आपको अपने दिन को बेहतर ढंग से योजना बनाने में मदद करेगा।
- शुभ और अशुभ कालों को समझना आपके लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेने में सहायक होगा।
- पंचांग के अनुसार कार्य करने से आप अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

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