6 दिसंबर 2024 का पंचांग: शुभ और अशुभ मुहूर्त जानें
क्या आप जानना चाहते हैं कि 6 दिसंबर 2024 का दिन आपके लिए कैसा रहेगा? क्या आज कोई महत्वपूर्ण काम करने का शुभ मुहूर्त है या कोई अशुभ योग प्रभावी है? इस लेख में, हम आपको 6 दिसंबर 2024 के संपूर्ण पंचांग का विस्तृत विवरण प्रदान करेंगे, जिसमें तिथि, नक्षत्र, योग, सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, चंद्रास्त, शुभ मुहूर्त, और अशुभ मुहूर्त शामिल हैं। इस जानकारी से आप अपने दिन की योजना को बेहतर तरीके से बना सकते हैं और शुभ कार्यों को करने के लिए सबसे उपयुक्त समय का चुनाव कर सकते हैं।
तिथि, नक्षत्र, और योग
6 दिसंबर 2024 को मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि होगी, जो दोपहर 12:49 बजे शुरू होकर अगले दिन दोपहर 12:08 बजे तक रहेगी। इस दिन का नक्षत्र श्रवण होगा, जिसका समय शाम 5:26 बजे से अगले दिन शाम 5:18 बजे तक है। ध्रुव योग का प्रवेश दोपहर 12:27 बजे होगा, जो अगले दिन सुबह 10:42 बजे तक प्रभावी रहेगा। यह एक अनुकूल योग माना जाता है, कई शुभ कामों के लिए उपयुक्त।
शुभ योगों की पहचान कैसे करें
हिंदू पंचांग में कई शुभ और अशुभ योग होते हैं। कुछ योग धन, समृद्धि और सफलता लाते हैं, जबकि कुछ मुश्किलों का कारण बन सकते हैं। शुभ योगों को पहचानने और उस समय शुभ कार्य करने से आपके प्रयासों में सफलता की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए पंचांग का अध्ययन ज़रूरी है।
सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, और चंद्रास्त
6 दिसंबर 2024 को सूर्योदय सुबह 7:00 बजे और सूर्यास्त शाम 5:24 बजे होगा। चंद्रोदय सुबह 11:17 बजे और चंद्रास्त रात 10:12 बजे होगा। इन समयों का ध्यान रखकर आप दिनचर्या की योजना बना सकते हैं और किसी भी शुभ काम के लिए अनुकूल समय का चयन कर सकते हैं।
दिन-रात की अवधि और सूर्य-चंद्र की चाल
सूर्य और चंद्रमा की गति, साथ ही दिन और रात की अवधि के परिवर्तन, ऋतुओं को प्रभावित करते हैं। यह सूर्य और चंद्रमा की चाल ही है जो हमारे जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव और अनुकूल अवसर प्रदान करता है।
अशुभ काल और शुभ मुहूर्त
किसी भी महत्वपूर्ण काम को शुरू करने से पहले अशुभ काल और शुभ मुहूर्त की जानकारी बहुत महत्वपूर्ण होती है। 6 दिसंबर 2024 के अशुभ काल में राहुकाल (सुबह 10:54 बजे से दोपहर 12:12 बजे तक), यमगंड (दोपहर 2:48 बजे से शाम 4:06 बजे तक), गुलिक (सुबह 8:18 बजे से सुबह 9:36 बजे तक), दुर्मुहूर्त (सुबह 9:05 बजे से सुबह 9:47 बजे तक और दोपहर 12:33 बजे से दोपहर 1:15 बजे तक), और वर्ज्य (रात 9:13 बजे से रात 10:48 बजे तक) शामिल हैं। इस दौरान किसी भी नए काम को शुरू करने से बचें।
इसके विपरीत, शुभ मुहूर्तों में अभिजीत मुहूर्त (दोपहर 11:56 बजे से दोपहर 12:38 बजे तक), अमृत काल (सुबह 6:38 बजे से सुबह 8:12 बजे तक, 7 दिसंबर), और ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 5:12 बजे से सुबह 6:06 बजे तक) शामिल हैं। इन मुहूर्तों का उपयोग पूजा, नए काम की शुरुआत, और अन्य शुभ कार्यों के लिए किया जा सकता है। सर्वार्थसिद्धि योग (सुबह 7:00 बजे से शाम 5:18 बजे तक) भी एक बहुत ही शुभ योग है जो अधिकांश कार्यों के लिए अनुकूल है।
अशुभ कालों से बचाव के उपाय
अशुभ काल के प्रभाव से बचने के लिए आप कुछ सरल उपाय कर सकते हैं। धार्मिक मंत्रों का जाप, पूजा-पाठ, और दान करना प्रभावी साबित हो सकता है।
Take Away Points
- 6 दिसंबर 2024 को मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि और श्रवण नक्षत्र है।
- सर्वार्थसिद्धि योग, अभिजीत मुहूर्त, अमृत काल, और ब्रह्म मुहूर्त शुभ मुहूर्त हैं।
- राहुकाल, यमगंड, गुलिक, दुर्मुहूर्त, और वर्ज्य अशुभ काल हैं।
- महत्वपूर्ण कार्यों के लिए शुभ मुहूर्तों का ध्यान रखना ज़रूरी है।

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