पितृदोष : बिना कुंडली के जाने पितृदोष के लक्षण,कारण एवं उपाय

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लक्षण :

  1. घर में सुख नई आता
  2. बुजुर्गों के निर्णय गलत साबित होते है[object Promise]
  3. घर में सूनापन हमेशा रहता है।
  4. काम बनते बनते रुकना।
  5. पेड़ पौधे घर में नई पनपते।
  6. परिवार धीरे धीरे छोटा होने लगता है।
  7. धन की कमी
  8. पड़ोसियों से न बनाना।
  9. संतान की शादी असनी से न होना।
  10. रोग हमेशा बने रहना ।

कारण :

  1. जिस घर मे गाय की सेवा न होने के कारण मृत्यु हो गयी हो।
  2. घर में नारियों का अपमान।
  3. जिस घर में जल की बर्बादी और पेड़ पौधों का अनादर।
  4. घर के बीचों बीच पानी का स्रोत हो।
  5. जिस घर में जीव हत्या होती है

उपाय :

  1. ब्रस्पतिवार, शनिवार को कुष्ट रोगियों की सेवा करें।
  2. अमावस को नदी में स्नान करें।
  3. घर में गायत्री यज्ञ करें।
  4. ब्राह्मण को अमावस के दिन भोजन कराएं।
  5. बुजुर्गों का सम्मान करें।

ये फलादेश / उपाय सभी बारह राशियों पर लागू होगा ये सभी ज्योतिष गणनायों एवं अनुभवयों पर आधारित है तथा यह व्यक्तिगत रूप से अलग हो सकता है । प्रदान की गई जानकारियों के द्वारा एवं उपायों के द्वारा हानि होती है तो ज्योतिषी एवं साइट की कोई जिम्मेदरी नही होगी । अतः आप किसी विद्वान ज्योतिषी से व्यक्तिगत रूप से सलाह लें।

व्यक्तिगत रूप से कुंडली दिखवाने हेतु संपर्क करें – 9616397582
सुमित तिवारी
एम ए एस्ट्रोलॉजी

 

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