क्यों मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के बाल विवाह रोको अभियान का विरोध कर रही हैं महिलाएं

देश– असम में बाल विवाह के खिलाफ एक्शन लिया गया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा आदेश मुताबिक पूरे राज्य में बाल विवाह रोकने के परिपेक्ष्य में अभियान चलाया जा रहा है। लगातार गिरफ्तारी हो रहीं हैं। विपक्ष इसे बीजेपी के प्रचार का हथकंडा बता रही है।
वहीं राज्य के लोग लगातार सरकार की इस नीति का विरोध कर रहे हैं। लेकिन इस सबके बीच सबसे अधिक विचार की बात यह है कि मुख्यमंत्री इसे महिलाओं के हित का बता रहे हैं। वहीं महिलाएं इसका लगातार विरोध कर रही हैं। महिलाएं सरकार के खिलाफ सड़क पर उतर आई हैं।
जिन लोगों की गिरफ्तारी हुई है। वह महिलाओं के पति और उनके रिश्तेदार हैं। महिलाओं का कहना है कि सरकार मनमानी ढंग से कुछ भी नहीं कर सकती है यह गलत है। लेकिन इस सबके बाद मुख्यमंत्री का कहना है कि यह कार्यवाही जारी रहेगी।
हालाकि इस बीच एक आत्महत्या का मामला सामने आया है। मामला सामने आते हैं सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों के मुताबिक लड़की अपनी शादी के वक्त नाबालिग थी और उसे आशंका थी कि कहीं उसके पिता को इसका जिम्मेदार मानते हुए गिरफ्तार न कर लिया जाए, इसलिए उसने खुदकुशी कर ली।
वास्तव में यदि जमीनी स्तर की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए देखा जाए तो असम सरकार को इस निर्णय पर विचार करने की आवश्यकता है। क्योंकि उनका यह अभियान कई लोगों के बसे बसाए घर को उजाड़ कर राज्य में माहौल खराब कर सकता है।

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