क्यों मुलायम सिंह यादव को लेकर बदल गए बीजेपी के तेवर

देश – भाजपा ने जब राम मंदिर आंदोलन शुरू किया तो यूपी में मुलायम सिंह यादव की सरकार थी। उन्होंने इस अभियान का जमकर विरोध किया। इस बात से बीजेपी तिलमिला उठी। बीजेपी ने मुलायम सिंह यादव को मुल्ला मुलायम सिंह कहना शुरू कर दिया। यह सिलसिला कई साल तक चला। वहीं साल 2022 के चुनाव में अचानक से बीजेपी ने पुनः कारसेवकों पर चली गोलियों के लिए सपा को निशाना बनाया।
लेकिन जब बीजेपी केंद्र में पहुंची और राम मंदिर निर्माण का फैसला आ गया। तो मुलायम सिंह यादव के प्रति बीजेपी दयालुता का भाव रखने लगी और उन्हें सम्मान की नजर से देखने लगी। धीरे धीरे बीजेपी ने अपना विस्तार ओबीसी वोट की करना शुरु किया। 
वहीं साल 2019 के लोकसभा में जब मुलायम सिंह यादव मैनपुरी से चुनाव लड़ने के लिए मैदान में उतरे और उन्होंने घोषणा कि यह उनका अंतिम चुनाव होगा। तो बीजेपी ने उनके सम्मान में मैनपुरी से अपना कोई प्रत्याशी नहीं उतारा। 
वहीं जब मुलायम सिंह यादव का निधन हुआ तो उनके सम्मान में यूपी में योगी आदित्यनाथ ने राजकीय शोक घोषित किया। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अमित शाह उनसे मिलने अस्पताल गए। योगी आदित्यनाथ समेत कई बड़े नेताओं ने सपा सुप्रीमो को श्रद्धांजलि अर्पित कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
इसके साथ ही बीजेपी सरकार ने मुलायम सिंह यादव को देश के दूसरे सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार से सम्मानित किया। यह सभी बातें यह इशारा कर रही हैं कि अब बीजेपी ओबीसी वोट बैंक पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कवायद में जुटी हुई है। हालाकि अभी बीजेपी के लिए यह करना इतना आसान नहीं होगा क्योंकि बीते नवंबर में जब मैनपुरी में उप चुनाव हुआ तो सपा प्रत्याशी और मुलायम सिंह यादव की बहू डिंपल यादव की जबरदस्त जीत हुई।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *