देश– साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारी में पक्ष व विपक्ष जुट गया है। जहां एनडीए की ओर से प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी उपर्युक्त हैं और पूरे देश मे उनकी सकारात्मक छवि बनी हुई है। वहीं यूपीए की ओर से प्रधानमंत्री पद का दावेदार कौन होगा यह अभी कोई नहीं जानता।
विशेषज्ञ अनुमान लगा रहे हैं कि विपक्ष एक ऐसे नेता की तलाश कर रहा है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कांटे की टक्कर दे सके। लेकिन विपक्ष में अभी ऐसी कोई छवि नजर नहीं आ रही है। हालाकि भारत जोड़ो यात्रा के माध्यम से राहुल गांधी ने स्वयं को मजबूत बनाया है और वह अब प्रधानमंत्री पद का विकल्प बन गए हैं।
लेकिन इन सबके बीच चार नाम ऐसे हैं जिन्हें लोग यूपीए की ओर से प्रधानमंत्री के रूप में देख भी सकते हैं और अगर यूपीए की सरकार बनती है तो जनता उन्हें आसानी से स्वीकार कर लेगी।
नीतीश कुमार-
नीतीश कुमार को लेकर बीते कई महीनों से यह बात सुर्खियों में है कि वह विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री पद की दावेदारी कर सकते हैं। हालाकि नीतीश कुमार इस बात को खारिज कर चुके हैं। उन्होंने साफ कह दिया है उन्हें पद की अभिलाषा नहीं है क्योंकि वह सिर्फ भाजपा को सत्ता से बाहर करना चाहते हैं।
वहीं अगर नीतीश कुमार देश के प्रधानमंत्री बनते हैं तो उनके पास नेतृत्व का अनुभव भी है और वह जमीनी स्तर से जुड़ाव भी रखते हैं। कई बार मुख्यमंत्री पद पर कार्य कर चुके नीतीश कुमार उम्र के हिसाब से इस पद के लिए सटीक साबित हो सकते हैं। लेकिन इनका प्रधानमंत्री बनना विपक्ष एकता को कितना स्वीकार होगा यह नहीं कहा जा सकता। क्योंकि तृणमूल कांग्रेस की ओर से नीतीश कुमार को समर्थन मिलना थोड़ा मुश्किल है।
शरद पवार-
शरद पवार एक समय मे कांग्रेस के विश्वसनीय नेताओं में से एक रहे हैं। लेकिन जब सोनिया गांधी ने इंडिया गांधी की मौत के बाद कांग्रेस संभाली थी। तो आपसी मतभेद के चलते उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी थी और अपनी पार्टी का गठन किया। अगर शरद पवार को विपक्ष प्रधानमंत्री पद का दावेदार घोषित करता है तो यह विपक्ष की उम्मीदों पर खरे उतरे सकते हैं। क्योंकि शरद पवार के पास राजनीति का अच्छा तजुर्बा है और उम्र के लिहाज से लोग उनका सम्मान भी करते हैं।
ममता बनर्जी-
ममता बनर्जी जो की वर्तमान में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री है। लोग इन्हें इनकी सादगी के लिए जानते हैं। पश्चिम बंगाल की जनता से इनका सीधा संबंध है और यह लोगों के दिलों पर राज करती हैं। अगर विपक्ष इन्हें मुख्यमंत्री पद का दावेदार घोषित करता है तो विपक्ष को महिलाओं की सहानुभूति और समर्थन प्राप्त होगा। क्योंकि इंदिरा गांधी के बाद यह पहली बार होगा जब कोई महिला प्रधानमंत्री पद के लिए दावेदारी करेगी।
विपक्ष की ओर से ममता बनर्जी को प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाना यह संकेत देगा कि यूपीए महिला सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रही है। कांग्रेस महिलाओं को आगे लाने के लिए हर सम्भव प्रयास कर रही है। वहीं ममता बनर्जी का राजनैतिक तजुर्बा देश को एक अलग दिशा दे सकता है और इससे विपक्ष को मजबूती भी मिल सकती है।
राहुल गांधी-
यदि विपक्ष राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनाता है तो विपक्ष को कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि भले ही राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के माध्यम से जनता के बीच अपनी सकारात्मक छवि बना ली है और वह एक गम्भीर नेता के रूप में उभर कर आए हैं। लेकिन जनता ने अभी उन्हें प्रधानमंत्री की छवि में नहीं स्वीकार किया है।
Leave a Reply