National:- प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर कटाक्ष किया है। उन्होंने वन संरक्षक कानून को छलावा बताया है और कहा कि वन अधिकार कानून ने आदिवासियों को उनका हक दिया, ग्रामसभा व आदिवासी स्वराज की आवाज को महत्व दिया वन संरक्षण कानून के नए नियम आदिवासी स्वराज-ग्रामसभा के अधिकारों पर हमला हैं। नरेंद्र मोदी की कथनी में आदिवासी हित का दावा व दिखावा है, लेकिन करनी में आदिवासियों के साथ छलावा है।
जानकारी के लिए बता दें यह बात प्रियंका गांधी ने तब कही है जब नरेंद्र मोदी सरकार ने वन संरक्षक कानून के नियमो में परिवर्तन किया है। केंद्र सरकार के यह नए नियम जो निजी डेवलपर्स को बिना वनवासियों की सहमति लिए जंगल काटने की अनुमति देते। यह ऐसे नियम है जो कि वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करता है।
जाने क्या है प्रियंका के बयान पर यूजर्स की प्रतिक्रिया:-
एक यूजर कहता है कि कांग्रेस पार्टी भारतवर्ष का DNA है कांग्रेस ही भारत को प्रगति के रास्ते पर ले जाती है
भारत मे जो कुछ भी बना है सब कांग्रेस की देन है कांग्रेस के सिवा दूसरा कोई विकल्प है ही नही भारत की राजनीति के लिए विकास और समृद्ध भारत के लिये कांग्रेस के साथ चलो। वही दूसरा यूजर कहता है कि भाजपा सरकार हर कीमत पर आदिवासियों का दमन करना चाहती है उसका आदिवासी प्रेम केवल वोट बटोरने के लिए होता है।
वही एक अन्य यूजर आदिवासियों राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को इंगित करते हुए कहा कि आदिवासी राष्ट्रपति तो ले आए पर उनके गांव में आज तक बिजली न है कई ऐसे गांव है जहा न सड़क है न बिजली बस 8 साल में नफरत और शौचालय के अलावा इस सरकार ने कुछ न दिया।
कुछ यूजर प्रियंका के ट्वीट पर भड़कते हुए बोले , मैडम आदिवासियों के देवी-देवता और पुरखें पेड़ों और जंगलों में निवास करते हैं. हर आदिवासी समाज के लिए, एक न एक वन्यजीव देव स्वरुप होता है. लेकिन इन पेड़ों को, इन जंगलों को खदानों के नाम पर उजाड़ने मे हाथ नही कांपे थे क्या जो अब ज्ञान दे रही हो तुम लोग। वही दूसरा यूजर उन्हें चुनाव के दौरान लड़की हूँ लड़ सकती हूं को याद दिलाते हुए बोला कि लड़की हूं लड़ सकती हूं मगर अपने विधायक नहीं संभाल सकती हूं। गोवा कांग्रेस विधायक नौ दो ग्यारह हो गए वह बीजेपी में शामिल हो रहे हैं ए हो क्या रहा है कांग्रेसमें जब से सत्य ग्रह हुआ है कब से कांग्रेसियों की भरमार बीजेपी में हो गई।
Leave a Reply