शरद पवार को ‘औरंगजेब’ कहा,फडणवीस चुप क्यों?

Kolhapur Violence: महाराष्ट्र के कोल्हापुर में औरंगजेब को लेकर हुई हिंसा के बाद से राजनीति गरमाई हुई है. डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस के ‘औरंगजेब की औलाद’ वाले बयान के बाद उद्धव गुट वाली शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में फडणवीस पर जमकर निशाना साधा है. सामना में एनसीपी चीफ शरद पवार और उद्धव गुट के शिवसेना नेता संजय राउत को मिली जान से मारने की धमकी पर भी कई सवाल उठाए गए. 

उद्धव गुट वाली शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में लिखा गया है- ”महाराष्ट्र में अचानक इतनी बड़ी संख्या में औरंगजेब की संताने कैसे पैदा हो गई, ऐसा सवाल राज्य के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस के मन में उठा है. डिप्टी सीएम के मन में इस तरह का सवाल उठना खुफिया तंत्र की नाकामी है. औरंगजेब एक क्रूरता और विकृति है. उस विकृति का जाति या धर्म से कोई संबंध नहीं होता है.”

‘महाराष्ट्र में धर्म के नाम पर दंगों से कोहराम’

सामना में लिखा है- ”ठाणे जिले के मीरा भायंदर में घटी घटना औरंगजेब को भी शर्मसार करने वाली घटना है. लड़की की हत्या करने वाला व्यक्ति और लड़की दोनों हिंदू थे. नहीं तो मुंबई में लव जिहाद विरोधी मोर्चे निकलते. क्रूरता और विकृति भी वही है. सिर्फ इस विकृति को धार्मिक रंग देकर देश भर में सियासी रोटी सेंकने का काम हो रहा है.” सामना में आगे लिखा है कि शरद पवार जैसे वरिष्ठ को ‘औरंगजेब’ कहा जाए और फडणवीस इस पर मूकदर्शक बने रहते हैं. महाराष्ट्र की संस्कृति का मुगलीकरण दिन-दहाड़े हो रहा है. इसलिए दंगे, धमकियां, नृशंस हत्याएं हो रही हैं. 

सामना में लिखा गया है- ”महाराष्ट्र में धर्म के नाम पर दंगों से कोहराम मचा है. कोल्हापुर, संगमनेर में औरंगजेब को जिंदा करके कुछ लोगों ने नंगा नाच किया तो फड़नवीस ने सवाल उठाया, ‘इतने औरंगजेब अचानक कैसे पैदा हो गए?’ गृहमंत्री फडणवीस को निश्चित तौर पर किस औरंगजेब को लेकर चिंता हो रही है? औरंगजेब ने महाराष्ट्र पर आक्रमण किया. उसने यहां की जनता पर अत्याचार किया. यह एक भयानक इतिहास है लेकिन इस विकृति के नए औरंगजेब हमारे राज्य में पैदा हुए हैं और उनमें अब कानून का डर नहीं है. इसका मतलब है कि गृह विभाग कमजोर हो गया. महाराष्ट्र में कानून का नहीं बल्कि गिरोहों का राज चल रहा है इसीलिए शरद पवार को ‘तुम्हारा दाभोलकर जैसा हाल करेंगे’ और संजय राउत को ‘सरकार के खिलाफ बोलना बंद करो नहीं तो जान से मार देंगे’, ऐसी खुली धमकी दी जा रही हैं.”

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