राजनीति: द्रौपदी मुर्मू को लेकर कांग्रेस नेता द्वारा दिये बयान पर राजनीति उफना गई है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने अपनी सफाई देते हुए कहा है कि वह द्रौपदी मुर्मू से माफी मांग लगे। लेकिन भाजपा और कई अन्य राजनीतिक दल उनकी इस टिप्पणी की कड़ी आलोचना कर रहे हैं। इसी कड़ी में बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट कर कहा है कि कई लोग ऐसे है जिन्हें यह हजम नही हो रहा है कि भारत के सर्वोच्च पद को एक आदिवासी महिला शुशोभित कर रही है।
उन्होंने ट्वीट कर कहा कि भारत के सर्वोच्च राष्ट्रपति पद पर आदिवासी समाज की पहली महिला के रूप में द्रौपदी मुर्मू जी का शानदार निर्वाचन बहुत लोगों को पसंद नहीं। इसी क्रम में लोकसभा में कांग्रेस के नेता श्री अधीर रंजन चौधरी द्वारा उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करना अति-दुःखद, शर्मनाक व अति-निन्दनीय है। अर्थात इनके द्वारा माननीया राष्ट्रपति जी को टीवी पर ’राष्ट्रपत्नी’ कहने का विरोध करते हुए संसद की कार्यवाही भी आज बाधित हुई है। उचित होगा कि कांग्रेस पार्टी भी इसके लिए देश से माफी माँगे तथा अपनी जातिवादी मानसिकता का परित्याग करे।
मायावती के ट्वीट पर यूजर की प्रतिक्रिया:-
एक यूजर बोलता है कि कांग्रेस के साथ साथ आप भी जातिवादी मानसिकता का परित्याग करे बहन जी क्योंकि आपको हम ब्राह्मणों ने जितवाया था चुनाव में और आपकी सरकार में हम ब्राह्मणों के ऊपर ही फर्जी हरिजन एक्ट के मुकदमे दर्ज हुए एससी एसटी एक्ट खत्म करो निर्दोष सवर्ण और ओबीसी भी जेल जाते है इसके कारण। वही एक अन्य यूजर कहता है कि सदियों से इन सबकी दलित,आदिवासी,महिला विरोधी मानसिकता के शिकार थे ही,लेकिन अबतक इन सबको अपनी घटिया मनुवादी,जातिवादी,महिलाविरोधी कुंठित मानसिकता मे सुधार लाना चाहिए था। देश के सर्वोच्च राष्ट्रपति पद की गरिमा व आदिवासी महिला पर अभद्र टिप्पणी करने कांग्रेस को देश से माफी मांगनी होगी।
एक यूजर कहता है कि कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी द्वारा आदिवासी समाज से आने वाली “महामहिम राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू जी” को ( राष्ट्रपत्नी ) बोलकर सभी भारतीयों खासतोर से आदिवासी समाज का अपमान किया है ,कांग्रेस को ऐसे नीच किस्म के नेता को पार्टी से बाहर निकालकर स्वयं पूरे देश से माँफी मांगनी चाहिए।
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