डेस्क। भारतीय जनता पार्टी के सांसद वरुण गांधी अक्सर अपनी ही सरकार की नीतियों और फैसलों के खिलाफ बोलते नजर आते हैं। वहीं हाल ही में वो मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए ये कहकर चर्चा में आ गए थे कि वो न ही कांग्रेस के खिलाफ हैं और न ही पंडित नेहरू के, बता दें इस दौरान उन्होंने “हिंदू-मुस्लिम राजनीति” के खिलाफ भी खुलकर अपनी बात पेश की थी। इन दोनों बयानों के बाद उनके कांग्रेस में जाने की चर्चा काफी तेज हो गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में वरुण गांधी ये कहते भी नजर आ रहे हैं कि वो न तो कांग्रेस के खिलाफ हैं और न ही जवाहरलाल नेहरू के खिलाफ हैं साथ ही पीलीभीत से बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने कहा कि, ‘हमारे देश में राजनीति देश को जोड़ने वाली होनी चाहिए, न कि देश के अंदर ही युद्ध कराने वाली। साथ ही हमें ऐसी राजनीति नहीं करनी चाहिए जो लोगों को दबाए, बल्कि हमें ऐसी राजनीति करनी चाहिए जो लोगों का उत्थान भी करे।
साथ ही उन्होंने कहा, ‘आज केवल हिंदू-मुस्लिम और जाति की राजनीति हो रही है। वहीं भाइयों को बांटो और भाइयों को मारो की राजनीति भी जारी है। और हम इस राजनीति को नहीं होने देंगे.’ उनके इन बयानों की वजह से सियासी हलके में चर्चा का बाजार गर्म हो चुका है कि क्या कांग्रेस में जाएंगे वरुण गांधी?
कुछ राजनीति से जुड़े लोगों ने वरुण गांधी की बातों को कांग्रेस के जन संपर्क कार्यक्रम भारत जोड़ो यात्रा के दौरान लाल किले के पास उनके चचेरे भाई राहुल गांधी के भाषण की बातों से जोड़कर भी देखना शुरू कर दिया है साथ ही दोनों की बातों में लोगों ने समानता खोजना शुरू कर दी है। साथ ही वरुण गांधी के कांग्रेस में जाने की चर्चा भी होने लगी है।
साथ ही शनिवार को यात्रा के दौरान राहुल गांधी से पूछा गया कि क्या कांग्रेस में वरुण गांधी के लिए जगह है? तो इस पर उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में पार्टी अध्यक्ष से पूछना चाहिए और यह पूछे जाने पर कि क्या वरुण गांधी का भारत जोड़ो यात्रा में स्वागत किया जाएगा, जो जनवरी में पश्चिमी उत्तर प्रदेश से होकर गुजरने वाली है, तो राहुल गांधी ने कहा, ‘स्वागत तो किसी का भी है पर वो बीजेपी के हैं तो उनको वहां समस्या तो होगी ही। इसी कड़ी में राहुल गांधी ने सिक्योरिटी प्रोटोकॉल को तोड़ने के आरोपों पर कहा कि क्या सरकार चाहती है कि वह बुलेट प्रूफ कार में यात्रा करना शुरू कर दें?
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