देश- बिहार में सियासी घमासान जारी है। बिहार के शिक्षा मंत्री एस जयशंकर द्वारा राम चरित मानस पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी ने गठबंधन में दरार डालने का काम कर दिया है। दावे किए जा रहे हैं कि आरजेडी और जदयू के नेताओं के मध्य मतभेद आरम्भ हो गया है।
आरजेडी के नेता शिक्षा मंत्री का समर्थन कर रहे हैं। वहीं जदयू नेताओं की मांग है कि शिक्षा मंत्री को अपने इस बयान के परिपेक्ष्य में माफी मांगनी चाहिए। वहीं इस बीच नीतीश कुमार ने कुछ ऐसा किया है जो यह संकेत दे रहा है कि गठबंधन में अंदरूनी हलचल मची हुई है।
जाने क्यों हुआ बवाल-
नीतीश कुमार ने बिहार में धान खरीद के परिपेक्ष्य में एक बैठक बुलाई। इस बैठक में जदयू के सभी नेता मौजूद थे। बैठक में कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत और सहकारिता मंत्री सुरेंद्र प्रसाद यादव को नहीं बुलाया गया। लेकिन कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत और सहकारिता मंत्री सुरेंद्र प्रसाद यादव को इस बैठक में बुलाया गया।
वहीं सबसे बड़ी बात यह है कि इस बैठक में बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी मौजूद नहीं हुए। गठबंधन की सरकार के बाद यह पहली बार हुआ है जब कोई समीक्षा बैठक बिना तेजस्वी यादव की उपस्थिति में हुई हो।
बताया जा रहा है कि इस बैठक में आरजेडी के नेताओं की उपस्थिति न होना नीतीश कुमार की रणनीति का हिस्सा है। हो सकता है आगमी समय मे नीतीश कुमार कोई बड़ा दाव खेलें और बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिले।
Leave a Reply