देश– केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान पुनः सुर्खियों में है। अभी हाल ही में इनका विवाद हुआ था और इन्होंने कुलपति से इस्तीफा मांगा था। लेकिन अब यह मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को लेकर सुर्खियों में है।
उन्होंने केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को एक पत्र लिखा है और उनसे केरल के वित्त मंत्री के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग उठाई है। उन्होंने वित्त मंत्री केएन बालगोपाल के एकता को कमतर करने वाले भाषण के परिपेक्ष्य में सवाल उठाया है।
लेकिन मुख्यमंत्री ने उनकी मांग को खारिज कर दिया है। इसके बाद उन्होंने साफ तौर पर यह कह दिया है कि वह उनके पद पर बने रहने से असंतुष्ट है। उन्हें इसकी कोई खुशी नही है।
केरल के राज्यपाल की मांग के बाद माकपा और कांग्रेस एक मंच पर दिखाई दिए। लेकिन कांग्रेस ने यह भी आशंका जाहिर की है कि सत्तारूढ़ माकपा और राज्यपाल के मध्य जो खींचातानी दिखाई दे रही है वह सिर्फ दिखावा तो नही है।
माकपा का आरोप है कि राज्यपाल बीजेपी और आरएसएस के एजेंडे को लागू करने की कोशिश कर रहे हैं। वह संवैधानिक मूल से हटकर काम करवाना चाहते हैं। उन्हें संवैधानिक और कानूनी तौर पर काम करने की कोशिश करनी चाहिए।
हालाकि कांग्रेस ने यह कहा है कि सत्तारूढ़ ने उनकी इस मांग को अवमानना मान कर खारिज किया है। एक माकपा नेता ने राज्यपाल पर कटाक्ष करते हुए कहा वह व्यक्तिगत नहीं हो सकते। किसी को भी उनकी पसन्द के आधार पर नही बदला जा सकता है।
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