गुजरात चुनाव :- इस साल के अंत में गुजरात में विधानसभा चुनाव होने को है। पक्ष विपक्ष जनता को लुभाने की कवायद में तेजी से लगे हुए है। जहां एक तरफ सत्ताधारी दल बीजेपी गुजरात में अपने हाथ से ३० साल की सत्ता को नहीं खोना चाहती है वही अगर हम बात मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की करे तो कांग्रेस गुजरात में अपना वनवास खत्म कर सत्ता का सुख भोगना चाहती है। साल २०१७ के चुनाव में गुजरात में कांग्रेस का शानदार प्रदर्शन रहा और वह गुजरात में मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभर कर आई।
लेकिन इस बार गुजरात की राजनीति में बदलाव देखने को मिल रहा है। क्योंकि इस बार गुजरात की राजनीति में आम आदमी पार्टी की एंट्री हुई है। अरविन्द केजरीवाल लगातार इस कोशिश में जुटे है की वह अपने दिल्ली विकास के मॉडल के बलबूते पर गुजरात में अपनी धमक बना सके और गुजरात मे पंजाब की तरह अपना मैजिक दिखा सके।
हालाकि केजरीवाल के लिये गुजरात मे आप को स्थापित करना आसान काम नही होगा। क्योंकि गुजरात वह राज्य है जहां साल से कांग्रेस और भाजपा की धाक बनी हुई है। परंतु अरविंद केजरीवाल लगातार गुजरात मे अपनी पार्टी को मजबूत करने की कोशिश में लगे हुए हैं। वह आय दिन गुजरात का दौरा कर रहे हैं। वही आज दिल्ली पहुंचे रविवार केजरीवाल ने कहा , बीजेपी बीते 27 साल से गुजरात में राज कर रही है। लेकिन अब बीजेपी के लोग अहंकारी हो गए हैं उनको जनता से कोई लेना देना नही है।
उन्होंने दिल्ली में शराब पीड़ितों का जिक्र करते हुए कहा, मैं सीएम होने के नाते उनसे मिला। लेकिन यहां के सीएम उनसे मिलने नहीं आए। गुजरात के पास अब एक ही नहीं विकल्प है आम आदमी पार्टी। जानकारी के लिये बता दें अरविंद केजरीवाल दो दिन के दौरे पर गुजरात गए हुए हैं। आज उन्होंने गुजरात के व्यापारियों से मुलाकात की वही कल वह आदिवासी समाज को साधेंगे।
उन्होंने एक आगे कहा, दिल्ली के बाद आप पंजाब के लोगो के जीरो बिल आने लगे हैं। हम कर्ज माफ नही करते बल्कि जनता के बिजली बिल माफ करते हैं। करोड़ो लोगो का आशीर्वाद हमारे साथ है। गुजरात मे भी यह हो सकता है अब चाबी आपके हाथ मे है कि आप क्या चाहते हैं।
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