अखिलेश में भाजपा को हराने की काबिलियत नहीं: ओवैसी , लोगो ने पूंछा कितने पैसे लिए

उत्तरप्रदेश:- कल यूपी में हुए 2 लोकसभा सींटो के चुनाव में भाजपा को जीत हासिल हुई है। भाजपा की जीत से जहां पार्टी में जश्न का माहौल है वही विपक्ष सपा को खुब खरी खोटी सुना रहा है। क्योंकि यह दोनो सींटें सपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है और यहां की जनता सपा के समर्थन में हमेशा खड़ी रहती है। लेकिन इस बार रामपुर और आजमगढ़ की हवाओ का रुख बदल गया है यहाँ भाजपा की जीत हुई। भाजपा की जीत ओर सपा की हार पर भड़के ओवैसी बोले जो नतीजे आए हैं वह सपा की काबिलियत का सबूत है अब स्पष्ट है कि सपा भाजपा को हराने की काबिलियत नहीं रखती है।

एआईएमआईएम प्रमुख असुद्दीन ओवैसी ने एक ट्वीट कर सपा पर अपनी भड़ास निकाली उन्होंने कहा कि रामपुर और आज़मगढ़ चुनाव के नतीजे से साफ़ ज़ाहिर होता है कि सपा में भाजपा को हराने की न तो क़ाबिलियत है और ना क़ुव्वत। मुसलमानों को चाहिए कि वो अब अपना क़ीमती वोट ऐसी निकम्मी पार्टियों पर ज़ाया करने के बजाये अपनी खुद की आज़ाद सियासी पहचान बनाए और अपने मुक़द्दर के फ़ैसले ख़ुद करे।

 

ओवैसी ने ज्यों ही सोशल मीडिया के जरिए अखिलेश यादव को कटघरे में उतारा लोग उनके ट्वीट पर जमकर प्रतिक्रिया देने लगे। एक यूजर लिखता है अब से सभी राजनीतिक पार्टियां अखिलेश यादव जी से आज्ञा लेकर अपने प्रत्याशी उतारा करें। मायावती औवेसी प्रत्याशी न उतारे तो दिक्कत,प्रत्याशी उतारें तो दिक्कत। यादव वोट देते नही और मुस्लिम वोट अकेला कुछ कर नही सकता।बाद मे हार का ठीकरा दूसरी पार्टीयों पर फोड़ दो। वही एक अन्य यूजर लिखता है आखिर #मुसलमान क्यो #भाजपा को हराना चाहेगी.. क्या उसपर जुल्म हो रहा है? क्या उसे सरकारी योजना का लाभ नही मिल रहा है? क्या उसे दंगो की आग में जलना पड़ रहा है? क्या उसके लिये अतिरिक्त प्रयास अल्पसंख्यक योजनाओं के तहत नही हो रहा है? मुस्लिमों को बहकाना बन्द करिये वे आपके गुलाम नही है।
एक यूजर ओवैसी को इंगित करते हुए कहता है कि ज़ब तक आप जैसे लोग है तब तक ऐसा यही होगा, आपने मायावती को समर्थन दिया मायावती के गुड्डू जमाली ने डेढ़ लाख के करीब वोट लकेर भाजपा को जिताया और वही मायावती ने राष्ट्रपति चुनाव मे भाजपा को वोट देने की घोषणा की है. क्या यही है तुम्हारा मुस्लिम के लिये आवाज उठाना. कितने पैसे लिये।

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