अयोध्या में पहली बार राम मंदिर में दिवाली का जश्न: रामलला के भव्य श्रृंगार से जगमगाया आध्यात्मिक आकाश
इस साल की दिवाली अयोध्या के लिए बेहद खास है। 500 साल के लंबे इंतजार के बाद, भव्य राम मंदिर के निर्माण के साथ, पहली बार रामलला के साथ दिवाली का त्योहार मनाया जा रहा है। रामलला के भव्य श्रृंगार और सरयू नदी के तट पर 28 लाख दीयों से जगमगाते नज़ारे ने इस पावन पर्व को और भी अद्भुत बना दिया है। इस लेख में, हम आपको इस ऐतिहासिक दिवाली के रोमांचक पहलुओं से रूबरू कराएंगे।
रामलला का पीतांबर धारण
इस पावन दिवाली पर, रामलला को पीले रंग के सिल्क के भव्य वस्त्र पहनाए गए हैं। इस पीले रंग के रेशमी वस्त्र पर सोने और चांदी के तारों से वैष्णव प्रतीक कढ़ाई की गई है, जो उनकी भव्यता और आध्यात्मिक महत्ता को दर्शाते हैं। कई तरह की आकर्षक लड़ियों की माला और आभूषणों से भी रामलला का शृंगार किया गया है। पीला रंग शुभ माना जाता है और रेशमी वस्त्र को भी शुभ माना गया है, और गुरुवार के दिन होने वाली दिवाली के लिए यह और भी शुभ माना गया।
28 लाख दीये से जगमगाया अयोध्या
राम मंदिर के उद्घाटन के बाद यह पहला दीपोत्सव है। इस खास मौके पर, उत्तर प्रदेश सरकार ने सरयू नदी के तट पर 28 लाख दीये जलाकर एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। यह नज़ारा देखने लायक था। अयोध्या पूरी तरह से जगमगा उठा था, मानो स्वर्ग का एक टुकड़ा धरती पर आ गया हो।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस ऐतिहासिक दिवाली पर लोगों को शुभकामनाएं देते हुए इस त्योहार की महत्ता और सनातन धर्म परंपरा में इसकी अहमियत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हजारों साल पहले भगवान श्री राम के अयोध्या आगमन की याद में यह पर्व मनाया जाता रहा है। यह दिवाली इसलिए भी खास है क्योंकि 500 साल के लंबे इंतजार के बाद, भगवान श्री रामलला अपने धाम में विराजमान हुए हैं।
राम मंदिर में दीपोत्सव की तैयारी
राम मंदिर में पहली दिवाली की तैयारियां कई हफ्तों पहले से ही शुरू हो गई थीं। मंदिर को खूबसूरती से सजाया गया था और पूरे माहौल में आध्यात्मिकता का रंग छाया हुआ था। भक्तों की भारी भीड़ ने इस पावन अवसर को और भी खास बना दिया।
Take Away Points
- अयोध्या में पहली बार राम मंदिर में दिवाली का त्योहार मनाया गया।
- रामलला के भव्य श्रृंगार से पर्व को खास बनाया गया।
- सरयू नदी के किनारे 28 लाख दीये जलाकर नया रिकॉर्ड बनाया गया।
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव पर लोगों को बधाई दी।
- यह दिवाली ऐतिहासिक है क्योंकि 500 साल के इंतजार के बाद रामलला अपने धाम में विराजमान हैं।









