उदयपुर के मेवाड़ शाही परिवार में हुआ जोरदार विवाद: सिटी पैलेस में पथराव और घायल
क्या आप जानते हैं कि उदयपुर के शाही परिवार में एक ऐसा विवाद हुआ जिसके कारण सिटी पैलेस के बाहर पथराव हो गया और कई लोग घायल हो गए? यह विवाद पूर्व राजपरिवार के सदस्यों विश्वराज सिंह और उनके समर्थकों और सिटी पैलेस के मौजूदा प्रबंधन के बीच हुआ। इस लेख में हम इस घटनाक्रम को विस्तार से समझने की कोशिश करेंगे।
विश्वराज सिंह का राजतिलक और विवाद की शुरुआत
इस महीने की शुरुआत में पिता महेंद्र सिंह मेवाड़ के निधन के बाद, विश्वराज सिंह को चित्तौड़गढ़ किले में पूर्व राजपरिवार के मुखिया के रूप में नियुक्त किया गया। उनका राजतिलक, जिसे पगड़ी दस्तूर के नाम से जाना जाता है, फतह प्रकाश महल में धूमधाम से संपन्न हुआ। लेकिन, यहीं से विवाद शुरू हो गया।
सिटी पैलेस में प्रवेश का विरोध
राजतिलक के बाद विश्वराज सिंह, उदयपुर के सिटी पैलेस में स्थित धूणी स्थल पर नमन करने और एकलिंगनाथजी महाराज के मंदिर में दर्शन करने की इच्छा रखते थे। लेकिन, वर्तमान ट्रस्ट के मुखिया अरविंद सिंह मेवाड़ ने इसे गैरकानूनी बताते हुए उन्हें प्रवेश करने से रोक दिया। इसने विवाद को और तूल दे दिया।
कानूनी नोटिस और बढ़ता तनाव
अरविंद सिंह ने विश्वराज सिंह के खिलाफ कानूनी नोटिस जारी किया, जिसमें उनके उदयपुर में कुलदेवता के मंदिर और सिटी पैलेस में जाने पर रोक लगा दी गई। इससे दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ गया, और विवाद के और अधिक गंभीर होने का अंदेशा पैदा हो गया।
सिटी पैलेस में झड़प और पथराव
विश्वराज सिंह के सिटी पैलेस में प्रवेश करने से रोकने पर उनके समर्थकों में रोष व्याप्त हो गया। उन्होंने पैलेस के गेट पर धावा बोलने की कोशिश की, जिससे दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई और पत्थरबाज़ी शुरू हो गई। इस घटना में तीन लोग घायल हुए।
पुलिस की भूमिका और तनाव नियंत्रण
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने बैरिकेड लगा दिए और दोनों पक्षों से बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन शुरुआती प्रयास बेअसर रहे। विश्वराज सिंह ने हालांकि इस घटना की निंदा करते हुए शाही रस्मों में बाधा डालने को गलत बताया।
सामाजिक और राजनैतिक प्रभाव
यह घटना केवल एक पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि उदयपुर की सामाजिक और राजनैतिक स्थिति पर भी गहरा प्रभाव डालती है। यह प्रदर्शित करता है कि ऐसे विवादों से क्षेत्र में सामाजिक-राजनीतिक संतुलन कैसे प्रभावित हो सकता है।
अरविंद सिंह का नजरिया और ट्रस्ट का बयान
अरविंद सिंह, जो एकलिंगजी ट्रस्ट के अध्यक्ष और सिटी पैलेस के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, का मानना है कि विश्वराज सिंह के इस तरह के कार्यक्रम में शामिल होना गैर-कानूनी है। ट्रस्ट ने दो सार्वजनिक नोटिस जारी कर विश्वराज सिंह को ट्रस्ट का सदस्य नहीं होने का दावा करते हुए, सुरक्षा कारणों से सिटी पैलेस में उनके प्रवेश पर रोक लगा दी।
विवाद के व्यापक निहितार्थ
यह विवाद शाही परिवार के आंतरिक मतभेदों को उजागर करता है और सिटी पैलेस और संबंधित मंदिरों के प्रबंधन को लेकर प्रशासन पर सवाल उठाता है। यह पूरे मेवाड़ क्षेत्र में सामाजिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गंभीर घटना है।
निष्कर्ष: विवाद के निपटारे की राह
यह घटना उदयपुर के इतिहास में एक काला अध्याय दर्ज करा सकती है। सभी पक्षों को एक आम सहमति पर पहुंचने और शांतिपूर्ण समाधान की राह खोजनी होगी। इससे क्षेत्र में सामाजिक शांति और स्थिरता बनाई जा सकती है। ऐसे वाद-विवाद, विशेषकर शाही परिवार के भीतर, सावधानी और सौहार्द्र के साथ निपटाए जाने चाहिए, ताकि क्षेत्र की छवि खराब न हो और शांति बनी रहे।
Take Away Points:
- उदयपुर के मेवाड़ शाही परिवार में एक गंभीर विवाद हुआ, जिससे सिटी पैलेस में पथराव और झड़प हुई।
- विश्वराज सिंह के राजतिलक के बाद, सिटी पैलेस में उनके प्रवेश को लेकर विवाद पैदा हुआ।
- अरविंद सिंह ने कानूनी नोटिस जारी कर विश्वराज सिंह के प्रवेश पर रोक लगा दी।
- इस घटना में तीन लोग घायल हुए, जिसके लिए पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की।
- यह विवाद केवल एक पारिवारिक मामला नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनैतिक तनाव का भी कारण है।









