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  • सहारा प्रमुख सुब्रत राय का निधन, जानें बिहार के लाल ने कैसे भरी सपनों की उड़ान

    सहारा प्रमुख सुब्रत राय का निधन, जानें बिहार के लाल ने कैसे भरी सपनों की उड़ान

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    बीते दिन सहारा प्रमुख सुब्रत राय का निधन देर रात मुंबई के अस्पताल में निधन हो गया। सुब्रत राय ने 75 वर्ष की उम्र में कोकिलाबेन धीरूभाई अम्बानी अस्पताल में अंतिम सांस ली। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उनका निधन हार्ट अटैक के चलते हुआ है। 12 तारीख को उन्हें अस्पताल में एडमिट करवाया गया था। उनको मधुमेह की समस्या भी थी और सुब्रत लम्बे समय से बीमार चल रहे थे। 

    कब हुआ सुब्रत का जन्म:

    सुब्रत का जन्म बिहार के अरिया जिले में 10 जून 1948 को हुआ था। वह मध्यमवर्गीय परिवार से आते थे। उनका जीवन सादगी से परिपूर्ण था। अपने अथक प्रयास से उन्होंने लोकप्रियता हासिल की और एक जानेमाने बिजनेस मैन बन गए। फाइनेंस, रियल स्टेट, मीडिया और हॉस्पिटेलिटी जैसे कई संस्थानों पर उनका जलवा दिखता था। उन्होंने सहारा ग्रुप की स्थापना की और मध्यम वर्गीय परिवार का सहारा बने। 

    सुब्रत ने अपने सपनों की उड़ान गोरखपुर से भरी। यहाँ वह सरकारी इंजीनियरिंग संस्थान से मैकेनिकल इंजीनियरिंग कर रहे थे। 1976 में उन्होंने चिटफंड कम्पनी सहारा का अधिग्रहण किया। 1978 में उन्होंने इसे सहारा इंडिया बनाया और देखते ही देखते यह एक बड़ा बिजनेस ग्रुप बन गया। 

    सुब्रत यही नहीं रुके उन्होंने सहारा का विस्तार शुरू किया। 1992 में समाचार की दुनिया में सहारा का परचम लहराया। सुब्रत ने राष्ट्रीय सहारा के नाम से एक समाचार चैनल लॉन्च किया। एक समय ऐसा आया जब सहारा ग्रुप भारत का सबसे विश्वसनीय ग्रुप बन गया। सहारा इंडिया में भारतीय रेलवे के बाद सबसे अधिक 12 लाख कर्मचारी काम करते थे। यह सुब्रत के लिए बड़ी सफलता थी। 

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  • Success of Tiger 3: Salman Khan, Katrina Kaif, and the Rising Star Riddhi Dogra

    1. A Glimpse into Tiger 3: Riddhi’s Reaction to her 3-Minute Role

    After a mere three-minute appearance in Tiger 3, Riddhi Dogra expressed her thoughts on the film’s success. Playing the character of Shahin, she shared a post, stating, “As far as I can remember, cinema, dreams, love, and beauty have been encapsulated by one legendary figure – Mr. Yash Chopra.”

    2. A Walk Down Memory Lane: Riddhi’s Cinematic Journey

    Reflecting on her journey, Riddhi reminisced, “At the age of 5, Chandni was my first memory in a movie theater. I will forever be an excited fan. However, experiencing ‘the first 5-year-old, the first teenager in love, the first broken heart, and the first time wearing clothes like a woman’ was an invaluable experience. The opportunity to dwell in the world of Yash Raj was so precious that it couldn’t be squandered in anticipation of something bigger.”

    3. The Making of “Band Baaja Baraat Meri”: Riddhi’s Gratitude to Manish and Aditya Chopra

    In her Instagram post, Riddhi Dogra credited the film “Band Baaja Baraat Meri ‘Veck Me Up Let’s Go’” as a significant reason for her, thanks to the chance to work on set with Manish and being directed by Aditya Chopra. She urged everyone to witness the film’s success in theaters, emphasizing the intriguing storyline.

    4. Salman Khan’s Stellar Presence: The Heart and Soul of Tiger 3

    Salman Khan’s charismatic performance defines Tiger 3, making it a must-watch. His portrayal of the character resonates with the essence of the story, delivering sheer joy to the audience. Meanwhile, Riddhi eagerly awaits her prominent role, anticipating a heartwarming connection with Shahin.

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  • सेक्स में सबसे आगे महिलाएं

    बढ़लते समय के साथ सेक्स पर लोगों की राय भी बदल रही है। जो बातें पहले बंद कमरे में होती थीं वह बातें आज सार्वजानिक रूप से हो रही हैं। सेक्स पर चर्चा करने में स्त्री -पुरुष किसी को भी शर्म का अनुभव नहीं होता। खुलापन इतना बढ़ गया है कि स्त्री अपनी इच्छा आराम से जाहिर कर सकती है। लेकिन सेक्स पर चर्चा के संदर्भ में जब एक सर्वे किया गया तो खुलासे से सभी दंग रहे गए। सर्वे के मुताबिक सेक्स पर ओपन चर्चा करने में पुरुषों से अधिक स्त्रियां माहिर हैं। स्त्रियों को सेक्स पर चर्चा करना बेहद पसंद है और ऐसी चर्चाओं को वह खुले मन से इंजॉय करती हैं। 

    क्या कहती है रिसर्च:

    सर्वे के मुताबिक सेक्स एक अनुभव है जिसे स्त्री पुरुष समान रूप से अनुभव करते हैं। आज सेक्स पर चर्चा बंद कमरे तक सीमित नहीं है। स्त्री-पुरुष बराबरी से सेक्स पर खुले मन से चर्चा करते हैं। चर्चा और वातावरण का बदलाव हमे अपने आसपास भी देखने को मिल रहा है। विषम लैंगिक लोगों के प्रति भी समाज का नजरिया बदल रहा है। लोग सेक्स को जरूरत समझते हैं। लोगों का मत है कि सेक्स के प्रति आकर्षण जेंडर देख कर नहीं बल्कि भावनाएं देख कर होता है। 

    वही 65 फ़ीसद महिलाओं को सेक्स पर चर्चा करना बेहद पसंद है। महिलाओं का कहना है कि वह पुरुषों के प्रति सेक्स को लेकर आकर्षित होती हैं। उनको सेक्स पसंद है और सेक्स वह सिर्फ पुरुषों के साथ करना पसंद करती हैं। महिआलों को सेक्स एन्जॉय करने से मतलब है यदि उनकी इच्छा एक पुरुष से संतुष्ट नहीं होती तो वह किसी भी लिंग के इंसान के साथ सेक्स करने को आतुर हो जाती हैं। 

    गे या लेस्बिन किससे करता समाज नफरत:

    सर्वे में गे और लेस्बिन को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। खुलासे में स्पष्ट हुआ है कि समाज लेस्बिन महिलाओं की तुलना में गे पुरुषों से नफरत करता है। समाज का कहना है महिलाओं को एकसाथ देखना व्यवस्थित लगता है लेकिन गे पुरुष समाज की व्यवस्था को प्रभावित करते हैं। गे पुरुष जब समाज के सम्मुख आते हैं तो समाज पर उसका निगेटिव प्रभाव पड़ता है और समाज किसी भी कीमत पर गे पुरुषों को एकसाथ नहीं देखना चाहता है। 

  • सेक्स में सबसे आगे महिलाएं

    बढ़लते समय के साथ सेक्स पर लोगों की राय भी बदल रही है। जो बातें पहले बंद कमरे में होती थीं वह बातें आज सार्वजानिक रूप से हो रही हैं। सेक्स पर चर्चा करने में स्त्री -पुरुष किसी को भी शर्म का अनुभव नहीं होता। खुलापन इतना बढ़ गया है कि स्त्री अपनी इच्छा आराम से जाहिर कर सकती है। लेकिन सेक्स पर चर्चा के संदर्भ में जब एक सर्वे किया गया तो खुलासे से सभी दंग रहे गए। सर्वे के मुताबिक सेक्स पर ओपन चर्चा करने में पुरुषों से अधिक स्त्रियां माहिर हैं। स्त्रियों को सेक्स पर चर्चा करना बेहद पसंद है और ऐसी चर्चाओं को वह खुले मन से इंजॉय करती हैं। 

    क्या कहती है रिसर्च:

    सर्वे के मुताबिक सेक्स एक अनुभव है जिसे स्त्री पुरुष समान रूप से अनुभव करते हैं। आज सेक्स पर चर्चा बंद कमरे तक सीमित नहीं है। स्त्री-पुरुष बराबरी से सेक्स पर खुले मन से चर्चा करते हैं। चर्चा और वातावरण का बदलाव हमे अपने आसपास भी देखने को मिल रहा है। विषम लैंगिक लोगों के प्रति भी समाज का नजरिया बदल रहा है। लोग सेक्स को जरूरत समझते हैं। लोगों का मत है कि सेक्स के प्रति आकर्षण जेंडर देख कर नहीं बल्कि भावनाएं देख कर होता है। 

    वही 65 फ़ीसद महिलाओं को सेक्स पर चर्चा करना बेहद पसंद है। महिलाओं का कहना है कि वह पुरुषों के प्रति सेक्स को लेकर आकर्षित होती हैं। उनको सेक्स पसंद है और सेक्स वह सिर्फ पुरुषों के साथ करना पसंद करती हैं। महिआलों को सेक्स एन्जॉय करने से मतलब है यदि उनकी इच्छा एक पुरुष से संतुष्ट नहीं होती तो वह किसी भी लिंग के इंसान के साथ सेक्स करने को आतुर हो जाती हैं। 

    गे या लेस्बिन किससे करता समाज नफरत:

    सर्वे में गे और लेस्बिन को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। खुलासे में स्पष्ट हुआ है कि समाज लेस्बिन महिलाओं की तुलना में गे पुरुषों से नफरत करता है। समाज का कहना है महिलाओं को एकसाथ देखना व्यवस्थित लगता है लेकिन गे पुरुष समाज की व्यवस्था को प्रभावित करते हैं। गे पुरुष जब समाज के सम्मुख आते हैं तो समाज पर उसका निगेटिव प्रभाव पड़ता है और समाज किसी भी कीमत पर गे पुरुषों को एकसाथ नहीं देखना चाहता है। 

  • PM Kisan Yojana: November 15, 2023 – Narendra Modi’s Historic Gift to Jharkhand Farmers

    In a groundbreaking move scheduled for November 15, 2023, Prime Minister Narendra Modi is set to bestow a significant gift upon the small-scale farmers of India, particularly in the picturesque region of Khunti, Jharkhand. The focal point of this event is the 15th installment of the PM Kisan Samman Nidhi Yojana, a testament to the government’s unwavering commitment to agricultural welfare.

    Budget Allocations and Transfers:

    Adding to the anticipation, PM Modi, in a strategic move, will transfer the allocated funds for the PM Kisan Yojana directly to Jharkhand. This follows the successful disbursement of the 14th installment in Gujarat on July 27, 2023, where a staggering ₹17,000 crore was transferred to the bank accounts of 8.5 crore farmers.

    Unveiling the World’s Largest Direct Transfer Scheme:

    Launched just before the 2019 Lok Sabha Elections, the PM Kisan Yojana stands as a monumental direct transfer scheme globally. Providing financial assistance of ₹6,000 to farmers in three installments over four months, the Modi government has, to date, transferred over ₹2.59 lakh crore to the bank accounts of more than 11 crore farmers across 14 installments.

    Kist Distribution Timeline:

    Understanding the disbursement timeline is crucial for farmers eagerly awaiting financial assistance. The installments are distributed thrice a year: the first between April and July, the second from August to November, and the third from December to March. State and union territory governments share the responsibility of verifying and uploading accurate beneficiary information, ensuring the seamless provision of benefits after cross-referencing with PFMS and income tax data.

    As the nation eagerly awaits this historic event, the impact of the PM Kisan Yojana continues to resonate, not just in financial terms but in the empowerment of millions of farmers. Stay tuned for updates on November 15, 2023, as the saga of agricultural prosperity unfolds in Jharkhand, marking another stride toward the welfare of India’s backbone – its farmers.

  • पोस्ट ऑफिस की यह स्कीम देगी 2 लाख से ज्यादा ब्याज

    पोस्ट ऑफिस की यह स्कीम देगी 2 लाख से ज्यादा ब्याज

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    Best Post Office Saving Scheme: अपने बेहतर भविष्य के लिए दुनिया भर के लोग अपनी इनकम से कुछ धन बचाकर सेविंग का विकल्प चुनते हैं। बहुत से लोग सेविंग के लिए शेयर बाजार या प्रॉपर्टी को चुनते हैं। तो आम आदमी अपने भविष्य के लिए सुरक्षित विकल्प चुनता है। आम नागरिक निवेश के लिए सबसे अधिक विश्वास पोस्ट ऑफिस की स्कीम पर करते हैं। क्योंकि पोस्ट ऑफिस की स्कीम आपको सुरक्षा के साथ -साथ अच्छा रिटर्न भी देती हैं और आप अपनी जरूरत के हिसाब से निवेश के लिए पोस्ट ऑफिस में स्कीम भी चुन सकते हैं। पोस्ट ऑफिस में बच्चों से लेकर बूढ़े तक के निवेश हेतु बेहतर स्कीम के विकल्प मौजूद हैं। वही आज हम आपको पोस्ट ऑफिस की एक शानदार स्कीम के विषय में बताने जा रहे हैं। जो काफी लोकप्रिय है और इसमें आपको अच्छा रिटर्न भी मिलता है। 

    जानें क्या पोस्ट ऑफिस की स्कीम:

    असल में हम बात कर रहे हैं पोस्ट ऑफिस की पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट स्कीम (Post Office Time Deposit Scheme) की। यह आज के समय में आम नागरिकों के बीच काफी लोकप्रिय है। इसमें आपको निवेश पर 7.5 फीसदी का ब्याज मिलता है। पहले इस योजना के तहत महज 7 फीसदी ब्याज मिलता था। 7.5 फीसदी ब्याज हर तीन माह में पोस्ट ऑफिस की स्कीम में होने वाले संसोधन के बाद हुआ है। 

    पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में निवेशक अपने अनुकूल समय सीमा तय कर सकते हैं और अपना धन एक,दो या पांच वर्ष तक के लिए निवेश कर सकते हैं। हालाकि अगर आप इस स्कीम में धन दो से तीन वर्ष के लिए निवेश करते हैं तो आपको ब्याज 6.5 फीसदी मिलेगा। लेकिन अगर आप धन का निवेश पांच वर्ष के लिए करते हैं तो आपको निवेश पर ब्यान 7.5 फीसदी मिलेगा। 

    पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में निवेश पर आयकर विभाग द्वारा व्यक्ति को टैंक्स छूट भी मिलती है। अगर आप पांच वर्ष के लिए पांच लाख का निवेश करते हैं तो 7.5 फीसदी ब्याज दर के हिसाब से आपको आपके मूलधन पर 2 लाख से अधिक का ब्याज प्राप्त होगा। यानी पांच साल में आपकी रकम 7 लाख से अधिक हो जाएगी। 

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  • सुशांत से ब्रेकअप के बाद बिगड़ा हाल, माँ ने फाड़ीं फोटो……….विक्की से हुई मुलाक़ात

    सुशांत से ब्रेकअप के बाद बिगड़ा हाल, माँ ने फाड़ीं फोटो……….विक्की से हुई मुलाक़ात

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    दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत और अंकिता लोखंडे की प्रेम कहानी के चर्चे पवित्र रिश्ता सीरियल से शुरू हुए और आज भी लोगों की जुबान पर हैं। दोनों के फैंस उन्हें साथ देखना चाहते थे। सुशांत और अंकिता की जोड़ी की सराहना हर कोई करता था। लेकिन अचानक से दोनों अलग हो गए। जब सुशांत और अंकिता का ब्रेकअप हुआ तो हर कोई दंग था।

    सुशांत के चाहने वालों ने अंकिता को गलत ठहरा दिया था तो कुछ लोगों का कहना था कि सक्सेस के नशे में चूर सुशांत ने अंकिता से दूरी बनाई और उनकी भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया। वही अब दोनों की लव लाइफ को लेकर एक बड़ा खुलास हुआ है। जिसमें पता चला कि सुशांत से अलग होना अंकिता के लिए कितना कठिन था। 

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    मीडिया सूत्रों की मानें तो अंकिता लोखंडे और सुशांत सिंह राजपूत एक दूसरे से शादी करना चाहते थे। लेकिन गलैमर की दुनिया में कदम रखते ही सुशांत का मन बदल गया। उन्होंने अंकिता से अलग होने का फैसला किया। दोनों के बीच अनबन होने लगी। ब्रेकअप के बाद अंकिता डिप्रेशन में चली गईं तो सुशांत अपनी लाइफ एन्जॉय करने लगे। 

    बताया जाता है सुशांत से अलग होने के बाद अंकिता का करियर डाउन हुआ। वह मानसिक तनाव में आ गई। दो साल से अधिक समय तक वह डिप्रेशन से जूझती रहीं। उनको हमेशा लगता था सुशांत वापस आएंगे। अंकिता ने स्वयं बीबीसी से बातचीत के दौरान कहा- मैं सुशांत के वापस आने का इन्तजार कर रही थी। मेरी स्थिति कुछ स्वीकारने की नहीं थी। घर में हम दोनों के साथ की कई फोटों लगीं थी। 

    मेरी माँ को यह नहीं अच्छा लगा। उन्होंने सुशांत के साथ की मेरी फोटोज हटाई। वह चाहती थीं मैं आगे बढूं। उन्होंने सभी फोटोज फाड़ दीं। यह बेहद दर्दनाक था मैं बहुत रोई लेकिन माँ को दया नहीं आई। माँ ने ऐसा सिर्फ मेरे लिए किया वह जानती थीं जब तक सुशांत मेरे दिमाग में रहेगा मेरे जीवन में कोई अन्य नहीं आ पाएगा। 

    जिस दिन माँ ने मेरी और सुशांत की यादों को खत्म किया। वह दिन बेहद दर्दनाक था। मुझे याद है उस दिन मैं बहुत दुखी हुई। मुझे महसूस हुआ सब खत्म हो गया। अब वह कभी वापस नहीं आएगा। इस सबके 6 महीने बाद विक्की मेरे जीवन में आए। उन्होंने मुझे खुश रखने के लिए सभी प्रयास किये। वह मेरे पार्टनर बाद में बने पहले मेरे दोस्त बनें और हमने ख़ुशी से शादी की। 

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  • Best Post Office Saving Scheme: पोस्ट ऑफिस की यह स्कीम देगी 2 लाख से ज्यादा ब्याज

    Best Post Office Saving Scheme: अपने बेहतर भविष्य के लिए दुनिया भर के लोग अपनी इनकम से कुछ धन बचाकर सेविंग का विकल्प चुनते हैं। बहुत से लोग सेविंग के लिए शेयर बाजार या प्रॉपर्टी को चुनते हैं। तो आम आदमी अपने भविष्य के लिए सुरक्षित विकल्प चुनता है। आम नागरिक निवेश के लिए सबसे अधिक विश्वास पोस्ट ऑफिस की स्कीम पर करते हैं। क्योंकि पोस्ट ऑफिस की स्कीम आपको सुरक्षा के साथ -साथ अच्छा रिटर्न भी देती हैं और आप अपनी जरूरत के हिसाब से निवेश के लिए पोस्ट ऑफिस में स्कीम भी चुन सकते हैं। पोस्ट ऑफिस में बच्चों से लेकर बूढ़े तक के निवेश हेतु बेहतर स्कीम के विकल्प मौजूद हैं। वही आज हम आपको पोस्ट ऑफिस की एक शानदार स्कीम के विषय में बताने जा रहे हैं। जो काफी लोकप्रिय है और इसमें आपको अच्छा रिटर्न भी मिलता है। 

    जानें क्या पोस्ट ऑफिस की स्कीम:

    असल में हम बात कर रहे हैं पोस्ट ऑफिस की पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट स्कीम (Post Office Time Deposit Scheme) की। यह आज के समय में आम नागरिकों के बीच काफी लोकप्रिय है। इसमें आपको निवेश पर 7.5 फीसदी का ब्याज मिलता है। पहले इस योजना के तहत महज 7 फीसदी ब्याज मिलता था। 7.5 फीसदी ब्याज हर तीन माह में पोस्ट ऑफिस की स्कीम में होने वाले संसोधन के बाद हुआ है। 

    पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में निवेशक अपने अनुकूल समय सीमा तय कर सकते हैं और अपना धन एक,दो या पांच वर्ष तक के लिए निवेश कर सकते हैं। हालाकि अगर आप इस स्कीम में धन दो से तीन वर्ष के लिए निवेश करते हैं तो आपको ब्याज 6.5 फीसदी मिलेगा। लेकिन अगर आप धन का निवेश पांच वर्ष के लिए करते हैं तो आपको निवेश पर ब्यान 7.5 फीसदी मिलेगा। 

    पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में निवेश पर आयकर विभाग द्वारा व्यक्ति को टैंक्स छूट भी मिलती है। अगर आप पांच वर्ष के लिए पांच लाख का निवेश करते हैं तो 7.5 फीसदी ब्याज दर के हिसाब से आपको आपके मूलधन पर 2 लाख से अधिक का ब्याज प्राप्त होगा। यानी पांच साल में आपकी रकम 7 लाख से अधिक हो जाएगी। 

  • सहारा प्रमुख सुब्रत राय का निधन, जानें बिहार के लाल ने कैसे भरी सपनों की उड़ान

    बीते दिन सहारा प्रमुख सुब्रत राय का निधन देर रात मुंबई के अस्पताल में निधन हो गया। सुब्रत राय ने 75 वर्ष की उम्र में कोकिलाबेन धीरूभाई अम्बानी अस्पताल में अंतिम सांस ली। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उनका निधन हार्ट अटैक के चलते हुआ है। 12 तारीख को उन्हें अस्पताल में एडमिट करवाया गया था। उनको मधुमेह की समस्या भी थी और सुब्रत लम्बे समय से बीमार चल रहे थे। 

    कब हुआ सुब्रत का जन्म:

    सुब्रत का जन्म बिहार के अरिया जिले में 10 जून 1948 को हुआ था। वह मध्यमवर्गीय परिवार से आते थे। उनका जीवन सादगी से परिपूर्ण था। अपने अथक प्रयास से उन्होंने लोकप्रियता हासिल की और एक जानेमाने बिजनेस मैन बन गए। फाइनेंस, रियल स्टेट, मीडिया और हॉस्पिटेलिटी जैसे कई संस्थानों पर उनका जलवा दिखता था। उन्होंने सहारा ग्रुप की स्थापना की और मध्यम वर्गीय परिवार का सहारा बने। 

    सुब्रत ने अपने सपनों की उड़ान गोरखपुर से भरी। यहाँ वह सरकारी इंजीनियरिंग संस्थान से मैकेनिकल इंजीनियरिंग कर रहे थे। 1976 में उन्होंने चिटफंड कम्पनी सहारा का अधिग्रहण किया। 1978 में उन्होंने इसे सहारा इंडिया बनाया और देखते ही देखते यह एक बड़ा बिजनेस ग्रुप बन गया। 

    सुब्रत यही नहीं रुके उन्होंने सहारा का विस्तार शुरू किया। 1992 में समाचार की दुनिया में सहारा का परचम लहराया। सुब्रत ने राष्ट्रीय सहारा के नाम से एक समाचार चैनल लॉन्च किया। एक समय ऐसा आया जब सहारा ग्रुप भारत का सबसे विश्वसनीय ग्रुप बन गया। सहारा इंडिया में भारतीय रेलवे के बाद सबसे अधिक 12 लाख कर्मचारी काम करते थे। यह सुब्रत के लिए बड़ी सफलता थी। 

  • इन तीन बातों से होती है सच्चे प्रेमी की पहचान

    इन तीन बातों से होती है सच्चे प्रेमी की पहचान

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    प्यार अनुभव है। जिसे हर कोई महसूस नहीं कर सकता। लेकिन जो लोग प्रेम को महसूस करते हैं उन्हें इसकी वास्तविकता की परख होती है। प्रेम में यदि आपको वास्तविक साथी मिल जाता है तो आपका जीवन साकार हो जाता है। लेकिन यदि आपको कोई ऐसा साथी मिल जाता है जो आपके भाव को नहीं समझता तो प्रेम आपके लिए पीड़ा बन जाता है। वही आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं जिनके माध्यम से आप पता लगा सकते हैं कि जिसके प्रेम में आप पड़े हैं वह वास्तव में आपसे प्रेम करता भी है या नहीं –

    भावनात्मक जुड़ाव:

    अगर आप किसी से सच्चा प्रेम करते हैं तो उससे आपका भावनात्मक जुड़ाव अवश्य होगा। आप उसकी पीड़ा को समझ कर उसे सलाह नहीं देंगे बल्कि उसका साथ देने के लिए तत्पर होंगे। आप उसके दर्द को अपना समझ कर महसूस कर पाएंगे। आपका आपके प्रेमी से इतना भावनात्मक जुड़ाव हो जाएगा कि आप उसके प्रति समर्पित होंगे और अभिलाषा से अधिक उससे सत्य से जोड़ कर रखेंगे। अब अगर आपके पार्टनर का आपसे भावनात्मक जुड़ाव है तो आप लकी हैं कि आपको इस कलियुग में सच्चा प्रेम करने वाला पार्टनर प्राप्त हुआ है। 

    बातों को साझा करना:

    अगर आप अपने पार्टनर के साथ हैं और आप अपने मन की सभी बातें एक दूसरे से बिना सोचे-समझे साझा कर पाते हैं। तो आपका पार्टनर आपसे सच्चा प्रेम करता है। लेकिन अगर आपको यह महसूस होता है कि आप अपने पार्टनर से अपने मन की बात नहीं कह पा रहे हैं। कुछ भी कहने से आपको कई बार सोचना पड़ता है। तो आपके रिश्ते में प्रेम की कमी है और आपको ऐसे रिश्तों से सावधान रहने की आवश्यकता है। 

    मर्यादा:

    कुछ लोग प्रेम के नाम पर अपनी शरीरिक अभिलाषा पूर्ण करते हैं। ऐसे में आपको सदैव यह देखना चाहिए कि आप जिससे प्रेम करते हैं क्या वह मर्यादा में रहता है और आपके साथ शरीरिक अभिलाषा से नहीं बल्कि मर्यादा से जुड़ा है। यदि आपका पार्टनर मर्यादा में रहता है आपके भाव का सम्मान करता है। आपको समझता है और सेक्स के लिए नहीं अपितु भाव के लिए आपसे जुड़ा है तो आप उसे हमेशा आपसे साथ रखें क्योंकि सच्चे प्रेमी की यही पहचान है। 

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