संभल में बिजली चोरी पर बड़ी कार्रवाई: 5 करोड़ का जुर्माना, 1200 से ज़्यादा मुकदमे दर्ज
क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश के संभल जिले में बिजली चोरी किस कदर बेख़ौफ़ हो रही है? ऐसे इलाक़े जहाँ बिजली विभाग की टीम पहुँचती है, तो उनपर हमला किया जाता है! यह सच है और यह चौंकाने वाला भी है. इस लेख में हम संभल में बिजली चोरी के बढ़ते मामलों, विभाग की कार्रवाई और इसके नतीजों पर विस्तार से चर्चा करेंगे. ज़्यादा जानने के लिए पढ़ते रहिये!
बिजली चोरी के अड्डे: मस्जिदें और घर
संभल में कई मस्जिदें और घर ऐसी हैं जहाँ बिजली चोरी का मामला सामने आया है. विभाग ने इन घरों में तलाशी अभियान चलाकर कई लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई भी शुरू कर दी है. कई अवैध निर्माणों को भी प्रशासन ने बुलडोजर से गिरा दिया है जो बिजली चोरी में शामिल थे. यह एक सख़्त कार्रवाई है जो बिजली चोरी को रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम है. लेकिन क्या यह कार्रवाई काफी है? आइये आगे देखें.
विभाग की टीम पर हमला: विरोध और मारपीट
यह बेहद हैरान करने वाली बात है कि बिजली चोरी रोकने गई विभाग की टीम पर ही हमला किया जा रहा है! दीपा सराय और कुछ अन्य इलाकों में टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा. कई बार तो टीम के सदस्यों के साथ मारपीट भी हुई. एक्सक्यूटिव इंजीनियर नवीन गौतम ने इस पर गंभीर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने बताया कि अब प्रशासन का पूरा सहयोग मिल रहा है और बिजली चोरी करने वालों के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई की जा रही है. लेकिन क्या यह कार्रवाई काफी है और आगे क्या उपाय किए जा सकते हैं?
प्रशासन का सहयोग: पुलिस बल की तैनाती
संभल के एसपी केके बिश्नोई ने बताया कि लगभग दो महीने पहले बिजली विभाग ने कुछ संवेदनशील इलाकों जैसे तिमारदास सराय, दीपा सराय, तुर्तीपुर इल्हा और हिंदूपुरा खेड़ा के बारे में प्रशासन से मदद मांगी थी. इन इलाकों में बिजली विभाग के अधिकारियों को जान से मारने की धमकियाँ मिल रही थीं और उनके साथ हमले भी हो रहे थे. इसलिए पुलिस की दो प्लाटून को इन इलाकों में तैनात किया गया है ताकि बिजली विभाग के अधिकारी बिना किसी डर के अपने काम को अंजाम दे सकें.
कार्रवाई के नतीजे: जुर्माना और मुकदमे
अब तक की कार्रवाई में 5 करोड़ रुपये से ज़्यादा का जुर्माना लगाया जा चुका है और 1200 से ज़्यादा मामले थानों में दर्ज किए गए हैं. यह संख्या ज़रूर प्रभावशाली है, लेकिन क्या इससे बिजली चोरी का सिलसिला पूरी तरह से रुकेगा? यह देखने वाली बात होगी कि यह कार्रवाई कितनी कारगर साबित होती है और बिजली चोरी पर लगाम लगाने में कितनी सफलता मिलती है. आगे चलकर और भी कड़े क़दम उठाए जाने की आवश्यकता हो सकती है.
भविष्य की चुनौतियाँ और समाधान
हालांकि संभल में बिजली चोरी रोकने के लिए कार्रवाई शुरू हो गई है, लेकिन यह देखना बाकी है कि इसका दीर्घकालिक प्रभाव क्या होगा. लोगों को जागरूक करने, बिजली चोरी को रोकने के लिए नए उपायों को अपनाने और नियमित निगरानी की आवश्यकता है. ज़रूरी है कि बिजली विभाग और प्रशासन मिलकर इस समस्या का स्थायी समाधान निकाले.
Take Away Points
- संभल में बिजली चोरी एक बड़ी समस्या है जिससे विभाग को भारी नुकसान हो रहा है.
- बिजली चोरी रोकने गई टीम पर हमले की घटनाएँ चिंताजनक हैं.
- प्रशासन ने बिजली विभाग को पूरा सहयोग दिया है और अब तक 5 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है तथा 1200 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं.
- बिजली चोरी को रोकने के लिए ज़्यादा जागरूकता और कड़े उपायों की आवश्यकता है.








