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  • अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में जीत के लिए ये थी भारत की रणनीति, सुषमा की बड़ी भूमिका

    अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में जीत के लिए ये थी भारत की रणनीति, सुषमा की बड़ी भूमिका

     

     

    अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में जज के पद के लिए न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी को जून में अपना उम्मीदवार घोषित करने के बाद से भारत ने करीब 175 देशों से समर्थन मांगा. कई देशों से उच्चतम स्तर पर संपर्क कर भंडारी के पक्ष में समर्थन मांगा गया और आज आखिकार वह आईसीजे में दोबारा चुने गए.

    अधिकारियों के मुताबिक, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने खुद करीब 60 देशों के अपने समकक्षों से बात कर भंडारी के पक्ष में समर्थन मांगा था.

    एक अधिकारी ने बताया कि भंडारी के फिर से निर्वाचन के लिए भारत ने गहन सकारात्मक अभियान चलाया. उसे हर संभव मंच पर विभिन्न स्तरों पर इस मुद्दे को उठाया.

    अधिकारी ने कहा कि उच्चतम स्तर पर भी प्रधानमंत्री ने विश्व नेताओं के साथ अपनी बैठकों के दौरान इस मुद्दे को उठाया. एक अधिकारी ने बताया, ‘भारत ने कभी भी नकारात्मक अभियान नहीं चलाया. हमारे उम्मीदवार की मजबूती, भारत की मजबूती और मजबूत संवैधानिक प्रणाली के दम पर यह अभियान चलाया गया.’ये भी पढ़ें
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  • आर्थिक प्रतिबंधों से बौखलाए उत्तर कोरिया ने पार्टियों पर पाबंदी लगाई

    आर्थिक प्रतिबंधों से बौखलाए उत्तर कोरिया ने पार्टियों पर पाबंदी लगाई

     

     

    दक्षिण कोरियाई जासूसों का दावा है कि
    उत्तर कोरिया पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों से बौखलाए
    तानाशाह किम जोंग उन ने अब अपने देश में शराब पीने और गाना बजाने वाली पार्टियों पर प्रतिबंध लगा दिया है.

    दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय खुफिया सेवा ने संसद को बताया कि लगातार मिसाइल और परमाणु हथियारों के परीक्षण के कारण संयुक्त राष्ट्र के लगाए प्रतिबंधों से उत्तर कोरिया की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ने लगा है. ऐसे में प्योंयांग इससे अपने नागरिकों के बीचे विरोध के किसी भी स्वर को उठने से पहले ही रोक देना चाहता है.

    एजेंसी के मुताबिक उत्तर कोरिया ने शराब पीने, गाना बजाने और दूसरे मनोरंजन से जुड़े कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगा दिया है जिससे किसी भी प्रकार की भीड़ इकट्ठा होती है. साथ ही वो बाहरी सूचनाओं पर नियंत्रण को मज़बूत कर रही है.

    रिपोर्ट ऐसे वक्त पर आया है जब ब्रिटेन में चीन के राजदूत ने प्रतिबंधों को केवल एक माध्यम बताया, उद्देश्य नहीं. साथ ही जोड़ा कि और अधिक प्रतिबंध नहीं लगाने चाहिए. चीन ने 2006 से लगातार संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों का समर्थन किया है.अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ख़ासतौर पर चीन और रूस का ज़िक्र करते हुए अपने हाल के एशिया प्रशांत क्षेत्र के दौरे के दौरान कहा था कि इन देशों को उत्तर कोरिया के साथ व्यापार संबंधों को पूरी तरह ख़त्म कर देना चाहिए.

    इससे पहले ट्रंप ने चीन पर अपने कम्युनिस्ट पड़ोसी को परमाणु महत्वाकांक्षाओं को त्यागने के लिए किसी भी तरह की कोशिशें नहीं करने का आरोप लगाया था.

    दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय खुफिया सेवा ने कहा कि फिलहाल उत्तर कोरिया की तरफ से किसी नए परमाणु परीक्षण के भले ही संकेत ना मिले हों, लेकिन किम जोंग के दृढ़ निश्चय को देखते हुए परमाणु परीक्षण किसी भी समय होने से इंकार नहीं किया जा सकता.

  • यूपी निकाय चुनाव में योगी ने डाला वोट

    उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव के प्रथम चरण का मतदान कड़ी सुरक्षा के बीच जारी है। पहले चरण के तहत उप्र के 24 जिलों में मतदान हो रहा है। …
    एजेंसी
    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव के प्रथम चरण का मतदान कड़ी सुरक्षा के बीच जारी है। पहले चरण के तहत उप्र के 24 जिलों में मतदान हो रहा है। बूथों के बाहर मतदाताओं की लंबी कतारें लगी है। मतदान शांतिपूर्ण तरीके से कराए जाने के मद्देनजर मंगलवार की शाम से ही जिले की सभी सीमाएं सील कर दी गई हैं। इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में अपना वोट डाला और कहा कि विपक्ष किसी भी कीमत पर नहीं जीत पाएगा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रचंड बहुमत से आएगी।

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    सभी 24 जिलों में बुधवार सुबह 7.30 बजे ही कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान शुरू हो गया। बदायूं में भारी संख्या में सुबह से ही वोट डालने के लिए भीड़ जुटी हुई है। पुरुषों व महिलाओं की लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई हैं। लोग मतदान करने के इंतजार में खड़े हैं। मतदान को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के लिए सुबह से ही पुलिस बल तैनात है और तलाशी के बाद वोटरों को मतदान कक्ष में प्रवेश करने दिया जा रहा है। इस चरण में राज्य के 24 जिलों श्यामली, मेरठ, हापुड़, बिजनौर, बदायूं, हाथरस, कासगंज, आगरा, कानपुर, जालौन, हमीरपुर, चित्रकूट, कौशांबी, प्रतापगढ़, उन्नाव, हरदोई, अमेठी, फैजाबाद, गोंडा, बस्ती, गोरखपुर, आजमगढ़, गाजीपुर और नक्सलवाद से प्रभावित सोनभद्र जिले में मतदान जारी है।

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    पहले चरण में सबसे दिलचस्प चुनाव अयोध्या नगर निगम का माना जा रहा है। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में मेयर पद के लिए किन्नर गुलशन बिंदु चुनावी मैदान में हैं। किन्नर के चुनाव लड़ने की वजह से अयोध्या का चुनाव लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। अयोध्या में पहली बार मेयर और पार्षदों का चुनाव होगा क्योंकि अयोध्या को हाल ही में नगर निगम बनाया गया है।

  • बदलेगी देश के रेलवे स्टेशनों की सूरत, ये होगा नया डिज़ाइन

    बदलेगी देश के रेलवे स्टेशनों की सूरत, ये होगा नया डिज़ाइन

     

     

    रेलवे की सूरत बदलने के मकसद से देश के कई रेलवे स्टेशनों की शक्ल बदलने की तैयारी है. इनमें दिल्ली का पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन भी शामिल है. पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन को दोबारा विकसित करने का प्लान भी तैयार किया जा चुका है.

    स्टेशन के डिज़ाइन में कोई बदलाव नहीं होगा, यानी वही लाल और सफ़ेद रंग की क़िलेनुमा दीवारें, दो ऊंची मीनारें और उनके बीच में एक बड़ी सी गोल पुराने ज़माने की एनालॉग घड़ी, ये सब कुछ पहले जैसा रहेगा. लेकिन साफ़ सफ़ाई और ज़्यादा सुविधाओं के ज़रिये बड़े बदलाव किये जाएंगे.

    स्टेशन में ऐसी कई जगह हैं, जहां कूड़ा करकट जमा रहता है. कई ऐसी जगह हैं जहां अंधेरा रहता है, लेकिन नए प्लान के मुताबिक सफ़ाई पर खास ध्यान दिया जाएगा और स्टेशन पर कहीं भी अंधेरा नहीं होगा. ऐसी जगहों की भी पहचान की गई है, जहां स्टेशन पर सबसे ज़्यादा भीड़ जमा होती है, इन जगहों से भीड़ कम करने के लिए भी कुछ बड़े कदम उठाए जाएंगे.

    ये काम तीन चरणों में पूरा होगा. 6 महीने से एक साल के वक़्त में पूरे होने वाले काम पहले चरण में रखे गए हैं. दूसरे चरण में वो काम रखे गए हैं जिनमें डेढ़ साल तक का वक़्त लगेगा और तीसरा चरण वो है जिसमें होने वाले काम क़रीब 2 साल में पूरे होंगे.दो साल में पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन में वो सारे काम पूरे करने की योजना है, जिनके बाद स्टेशन की शक्ल पूरी तरह से बदल जाएगी. सबसे बड़े बदलाव आपको पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफ़ॉर्म पर देखने को मिलेंगे. जहां पुराने फ़ुटओवर ब्रिज की जगह पर दो नए फ़ुटओवर ब्रिज दिखाई देंगे. ये नए ब्रिज ज़्यादा चौड़े और खूबसूरत होंगे.

    प्लेटफ़ॉर्म पर लगने वाले बोर्ड बदले जाएंगे, नए रंग रोगन से स्टेशन को नई शक्ल दी जाएगी.
    प्लेटफ़ॉर्म पर ट्रेन का इंतज़ार कर रहे लोगों के बैठने के लिए पहले से ज़्यादा बेंच लगाई जाएंगी, जो पहले से ज़्यादा ख़ूबसूरत भी होंगी.

    जिन लोगों को कई घंटे तक ट्रेन का इंतज़ार करना पड़ता है और वो प्लैटफ़ॉर्म पर ही बिस्तर लगा कर सोने को मजबूर हो जाते हैं, उनके लिए हाईटेक वेटिंग रूम बनाए जाएंगे, ताकि यात्रियों को स्टेशन पर कोई तकलीफ़ ना हो।

    स्टेशन के अंदर, यानी रेलवे स्टेशन के मेन गेट से दाखिल होने से प्लैटफॉर्म तक की जगह में आपको कई बड़े बदलाव दिखाई देंगे. नया फ़र्श बिछाया जाएगा. खास रंगों की थीम स्टेशन की दीवारों में नई जान फूंकने का काम करेगी.

    पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर लगे कई CCTV कैमरे काम नहीं करते थे. लेकिन अब हर कैमरा काम करेगा और कुल कैमरों की गिनती पहले से क़रीब दोगुनी से भी ज़्यादा की जाएगी. भीड़ को काबू करने के लिए टिकट खिड़कियों की गिनती बढ़ाई जाएगी और कुछ ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन भी लगाई जाएंगी.

    सामान की जांच के लिए एयरपोर्ट की तर्ज़ पर स्कैनिंग मशीनों का इस्तेमाल होगा और लोगों के बैठने के लिए बढ़िया सोफ़े लगाए जाएंगे. पीने के पानी के लिए जगह जगह आपको डिस्पेंसिंग मशीनें मिलेंगी, मोबाइल चार्जिंग की जगह मिलेगी, और हर कोने पर कूड़ेदान होंगे.

    समय से या देरी से चलने वाली रेलगाड़ियों की जानकारी देने वाले सारे बोर्ड डिजिटल तो होंगे ही, साथ ही बड़ी सी स्क्रीन पर यात्रियों के लिए टीवी देखने का विकल्प भी होगा.

    पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर सबसे बड़ी परेशानी स्टेशन की मेन एंट्री की जगह है. जहां गंदगी भी है और बेतहाशा भीड़ भी है. इसके लिए भी खास योजना तैयार की गई है. साफ़ सफ़ाई रखने की तैयारी तो है ही, गंदगी फैलाने वालों पर CCTV के ज़रिये निगरानी भी होगी और कड़ा जुर्माना भी रखा जाएगा.

    स्टेशन में पार्किंग के लिए अलग से जगह रखी जाएगी, ताकि यात्रियों के खड़े होने की जगह पर लोगों को गाड़ियां लेकर ना पहुंचना पड़े. प्राइवेट कैब ऑपरेटर्स के लिए स्टेशन के मेन एंट्री गेट पर अलग से काउंटर लगाए जाएंगे. ये बहुत कुछ एयरपोर्ट की तर्ज पर होगा, जैसे देश के कुछ और स्टेशनों पर पहले से किया गया है.

    रिक्शा और ऑटो के लिए अलग से लेन तय की जाएगी और ये सुनिश्चित किया जाएगा कि यात्रियों को कोई परेशानी ना हो.

  • कांग्रेस के ‘हार्दिक’ बोनस को ऐसे छीन सकती है BJP

    कांग्रेस के ‘हार्दिक’ बोनस को ऐसे छीन सकती है BJP

     

     

    (राजीव पाठक)

    गुजरात चुनाव के लिए मतदान से पहले कांग्रेस को पाटीदारों का समर्थन मिल गया है. हार्दिक ने साफतौर पर कह दिया है कि कांग्रेस ने जो प्रपोजल दिया है उससे वो काफी हद तक सहमत हैं. जिस तरह से पटेल समाज का समर्थन कांग्रेस को मिला है, इससे पार्टी को फायदा मिलेगा.

    जब से कांग्रेस ने लिस्ट जारी की थी तब से पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पास) और कांग्रेस में मतभेद की खबरें आ रही थीं. इससे कांग्रेस को राहत मिल गई है, क्योंकि हार्दिक ने साफतौर पर कहा है कि उसने कोई टिकट नहीं मांगी है. अगर पास का कोई कार्यकर्ता निर्दलीय भी लड़ता है, तो वो कांग्रेस के साथ रहे.

    दूसरी ओर बीजेपी के पास मौका है ये दिखाने का कि हार्दिक पूरी तरह कांग्रेस के साथ है. ये पाटीदारों की संस्था नहीं है.हालांकि गौर करने वाली बात है कि गुजरात में पाटीदारों से जुड़ी दो संस्थाएं हैं, लेउवा पटेलों की खोड़ाधाम और कड़वा पटेलों की उनियाधाम. इन दोनों संस्थाओं ने अभी तक किसी को भी समर्थन नहीं दिया है. ये दोनों संस्थाएं क्या रुख अपनाती हैं इससे चुनाव पर गहरा असर पड़ेगा. ये दोनों ही इंडिपेंडेंट संस्था हैं. वो राजनीति में शामिल नहीं होगीं. वो पाटीदारों के हित के लिए सामाजिक आंदोलन करेंगे.

    बीजेपी की कोशिश होगी के वो इनका समर्थन हासिल करे. अगर बीजेपी इनको साथ ले आती है, तो इससे हार्दिक का असर भी काफी कम हो सकता है. हार्दिक का असर युवाओं में ज्यादा है, सब पर नहीं. दूसरी तरफ कांग्रेस को ये ध्यान रखना है कि उसे पाटीदारों का जो भी वोट मिलेगा वो बोनस वोट होगा.

    लेकिन कांग्रेस इसका कितना फायदा ले पाती है, ये देखने वाली बात होगी. दूसरी ओर दोनों इंडिपेंडेंट संस्थाओं का चुप रहना कांग्रेस को फायदा पहुंचा सकता है.

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  • GST घटने के बाद सस्‍ते हो गए रोजमर्रा की जरूरत के ये प्रॉडक्‍ट

    GST घटने के बाद सस्‍ते हो गए रोजमर्रा की जरूरत के ये प्रॉडक्‍ट

     

     

    आईटीसी, डाबर, हिंदुस्तान यूनिलीवर और मैरिको जैसी एफएमसीजी कंपनियों ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों में कटौती का लाभ ग्राहकों को देने के लिए अपने विभिन्न उत्पादों के दाम घटा दिए हैं.

    कंपनियों ने कहा है कि उन अन्य श्रेणियों में कीमतों में कटौती करेंगी जिनमें कर दर घटाई गई है. सरकार ने एक दिन पहले ही कंपनियों से जीएसटी दरों में कटौती का लाभ उपभोक्ताओं को देने को कहा था.

    उल्लेखनीय है कि जीएसटी परिषद की गुवाहाटी में 10 नवंबर को हुई बैठक में 178 वस्तुओं पर लगने वाले कर में कटौती की. इससे उच्च 28 प्रतिशत जीएसटी दर में केवल 57 वस्तुएं ही रह गयी. जीएसटी दर 15 नवंबर से लागू की जानी थी. इसके अलावा कई वस्तुओं पर जीएसटी की दर 18 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत तथा 12 प्रतिशत से 5 प्रतिशत किया गया है.

    आईटीसी के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी ने हालिया जीएसटी अधिसूचना के तहत लागू कर दरों के हिसाब से अपने उत्पादों के दाम घटाए हैं. इसी तरह हिंदुस्तान यूनिलीवर के प्रवक्ता ने कहा कि हम ब्रू कॉफी गोल्ड के 50 ग्राम के पैक का दाम 145 रुपये से घटाकर 111 रुपये किया है.इसी तरह मैरिको के मुख्य वित्त अधिकारी विवेक कार्वे ने कहा कि कंपनी ने डियोडोरेंट्स, हेयर जेल, हेयर क्रीम और बॉडी केयर उत्पादों के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) में बदलाव किया है. इससे पहले दिन में रोजमर्रा के उपयोग का सामान बनाने वाली डाबर इंडिया ने जीएसटी दरों में हाल की कटौती का फायदा ग्राहकों को देते हुए शैंपू, त्वचा देखभाल और घरों में उपयोग होने वाले अन्य वस्तुओं के दाम में नौ प्रतिशत तक की कटौती की घोषणा की थी.

    कंपनी ने आज एक बयान में कहा, ‘‘वह मौजूदा भंडार पर जीएसटी में कटौती का लाभ ग्राहकों को दे रही है. इसके तहत उत्पादों के मूल्य में नौ प्रतिशत का लाभ व्यापार सहयोगियों को दी जा रही है.

    डाबर ने पिछले सप्ताहांत अपने सभी व्यापार सहयोग को कीमत समीक्षा के बारे में जानकारी दी थी और उन्हें इसका तत्काल लाभ ग्राहकों को देने का निर्देश दिया गया है.

    कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी ललित मलिक ने कहा, ‘उसने जीएसटी कानून के अनुरूप हमने पिछले सप्ताह अपने सभी व्यापार एवं कारोबार सहयोगियों को जीएसटी की घटी दर के हिसाब से मौजूदा भंडार पर ग्राहकों से मूल्य वसूलने का निर्देश दिया है.’

    बयान के अनुसार डाबर ने नये उत्पादन के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) में तत्काल प्रभाव से कटौती की है. कीमत में 8 प्रतिशत से 10 प्रतिशत तक की कटौती की गयी है. ये नये माल अगले महीने बाजार में आएंगे.

  • पैसे मांगने पर खौलते रस से भरी कड़ाही में मजदूर को फेंका, मौत

    पैसे मांगने पर खौलते रस से भरी कड़ाही में मजदूर को फेंका, मौत

     

     

    शाहजहांपुर में दिल दहलाने वाली एक घटना घटी है. एक कोल्हू मालिक ने मजदूरी के पैसे मांगने पर एक मजदूर को खौलते गन्ने के रस भरी कड़ाही में फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई.

    खौलते रस से बुरी तरह झुलसे मजदूर को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. घटना थाना निगोही के पतराजपुर गांव की है. बताया जा रहा है कि बिलसण्डा चठिया का रहने वाला इंद्रपाल गन्ने के कोल्हू पर काम कर गुड़ बनाता था.

    परिजनों का आरोप है कि मजदूरी के पैसे मांगने पर कोल्हू मालिक गजेन्द्र शर्मा ने मजदूर इन्द्रपाल को कड़ाही में फेंक दिया. उसने अपनी मजदूरी के पैसे मांगे तो दोनों में विवाद हो गया. इससे खफा गजेन्द्र ने इन्द्रपाल को खौलती कड़ाही में फेंक दिया.

    परिजनों ने आरोपी मालिक गजेन्द्र के खिलाफ थाने में तहरीर दी है. बुधवार देर शाम तक पुलिस ने केस दर्ज नही किया था. पुलिस का कहना है कि वह मामले की जांच कर रही है.मजदूर के परिजन ओमप्रकाश ने बताया कि पैसे को लेकर हुई कहासुनी में राजेन्द्र शर्मा ने इंद्रपाल को धक्का दे दिया और वह रस से भरी कड़ाही में गिर गए. इंद्रपाल को पहले निगोई लाया गया. वहां से डॉक्टरों ने उसे शाहजहांपुर के लिए रेफर कर दिया. शाहचहांपुर पहुंचने पर उसकी मौत हो गई. वहां से शव परिजनों को सौंप दिया गया.

  • “शहर का विकास ही पहली प्राथमिकता”: श्रीमती पूर्णिमा श्रीवास्तव

    रायबरेली। सदर विधायक सुश्री अदिति सिंह ने क्षेत्र की जनता से नगरपालिकाध्यक्ष चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी पूर्णिमा श्रीवास्तव को चुनने की अपील की। सुश्री अदिति सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की ओर से कर्मठ और ईमानदार छवि वाली पूर्णिमा श्रीवास्तव जी को टिकट दिया गया है। क्योंकि विकास ही हमारी प्राथमिकता है। सुश्री अदिति सिंह ने कहा कि पूर्णिमा श्रीवास्तव जी के नगर पालिकाध्यक्ष बनने के बाद शहर में गरीबों की बस्तियों और जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जों पर रोक लगाकर सरकारी प्रक्रिया के तहत 90 साल का पट्टा कराकर उनका मालिकाना हक दिलवाया जाएगा। क्योंकि कांग्रेस पार्टी गरीबों की पार्टी है। सुश्री अदिति सिंह ने कहा कि इस समय कांग्रेस से मैं विधायक हूँ, आदरणीय सोनिया गाँधी सांसद है एवं नगर पालिकाध्यक्ष हमारा होने से हम शहर का विकास दोगुना रफ्तार से करा पाएंगे। कांग्रेस विधायक ने कहा कि आज यातायात दिवस है। इसलिए मैं सभी से निवेदन करती हूँ कि शहर में यातायात करते समय सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि पूर्णिमा श्रीवास्तव के पालिकध्यक्ष बनने के बाद हम रायबरेली में यातायात व्यवस्था को तेजी से विकसित करेंगे।
    सुश्री अदिति सिंह ने कहा कि नगरपालिका के अधिकारीगण, कर्मचारीगण और खुद पालिकाध्यक्ष , जनता के बीच रहकर, जनता के बीच जाना शुरु करेंगी। जिससे लोगों को हो रही तमाम समस्याओ का निराकरण होगा।

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    सुश्री अदिति सिंह ने कहा कि सफाई कर्मचारियों के नम्बर एवं उनकी उपस्थिति जनता के बीच सुनिश्चित की जायेगी। जिससे जनता को सफाई को लेकर कोई असुविधा न हो। क्योंकि शहर में सबसे अधिक समस्यायें नाली – खंडन्जा को लेकर आती है। अगर नगर पालिका हमारे पास नही होगी तो हम सम्पूर्ण विकास करने में समर्थ नही हो पाएंगे।
    सुश्री अदिति सिंह ने कहा कि मार्केट एवं सामाजिक स्थलों पर महिलाओं के लिए शौचालय की सुविधाएं उपलब्ध की जायेगी एवं पेयजल, बिजली एवं अन्य सुविधाएं भी जनता तक सीधे पहुंचाई जाएंगी।

    रायबरेली कांग्रेस जिलाध्यक्ष वीके शुक्ला और पार्टी के रायबरेली शहर अध्यक्ष सैदुल हसन ने कांग्रेस की नगर पालिकाध्यक्ष प्रत्याशी पूर्णिमा श्रीवास्तव को लोगों से समर्थन देने की अपील की।

    जिलाध्यक्ष वीके शुक्ला ने कहा कि इससे पहले चुने गए नगर पालिकाध्यक्ष की ओर से शहर का विकास नही कराया गया। ये जनता के साथ धोखा है। इस बार जनता ऐसे लोगों को अपना समर्थन नही देगी। जनता का वोट विकास की इच्छाशक्ति रखने वाले प्रत्याशी को जाएगा, जिसमें कांग्रेस प्रत्याशी पूर्णिमा श्रीवास्तव सबसे आगे हैं।

    वीके शुक्ला ने कहा कि पार्टी संगठन पूर्णिमा श्रीवास्तव के समर्थन में पूरी तरह से सक्रिय है। प्रत्याशी को हर वर्ग का साथ भी मिल रहा है। जिससे इस बार नगर पालिकाध्यक्ष के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी पूर्णिमा श्रीवास्तव की विजय बिल्कुल स्पष्ट दिख रही है। जिलाध्यक्ष वीके शुक्ला ने भाजपा पर जुमलेबाजी का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आते ही बीजेपी की ओर से स्मार्ट सिटी का राग अलापा जा रहा है। जो केवल जनता का वोट पाने का एक लुभावना वादा है। चुनाव बाद ये सब वादे हवा-हवाई हो जाएंगे। इसको रायबरेली की जनता पूरी तरह से समझ चुकी है। इसलिए इन जुमलेबाजों के चक्कर मे नही पड़ने वाली।

    वीके शुक्ला ने कहा कि पिछले दिनों एनटीपीसी ऊंचाहार में राज्य सरकार की लापरवाही के चलते दर्जनों मजदूरों ने अपनी जान गंवा दी। क्योंकि एनटीपीसी को अधूरा निर्माण में ही शुरू कर दिया गया था। जिसका खामियाजा मजदूरों को उठाना पड़ा। वही रायबरेली में यूपीए सरकार की ओर से शुरू की गई कई योजनाओं को राजनैतिक द्वेष के चलते पूरा नहीं करवाया गया। जिसमें रायबरेली एम्स प्रमुख रूप से शामिल है। केंद्र को मोदी सरकार की ओर से एम्स रायबरेली का बजट रोक दिया गया। ऊंचाहार की संवेदनशील घटना पर भी एम्स के विकास को लेकर भाजपा की और से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गयी। जिससे जनता के लिए भाजपा का रवैया साफ तौर पर उजागर हुआ है।

    शहर अध्यक्ष सैदुल हसन ने कहा कि पिछले पालिकाध्यक्ष की ओर से शहर की जनता को स्वच्छ पेयजल तक मुहैया नही करवा पाया गया। नगर विकास को लेकर समरसेबल टंकी की मरम्मत एवं रखरखाव को लेकर भी नगर पालिका असफल रही है।

    सैदुल हसन ने कहा कि श्रीमती सोनिया गाँधी जी के प्रयासों से शहर में सिटी रिसोर्स सेन्टर की स्थापना के लिए 8 अक्तूबर 2013 को इसकी आधारशिला रखी गयी थी। जिसका निर्माण भी अभी तक पूरा नही हो पाया है। क्योंकि इसके बाद सरकारों की ओर से राजनैतिक द्वेष के चलते बजट ही मुहैया नहीं कराया गया। जोकि सरकार की विफलता का एक प्रमाण है।

  • BSP जिलाध्यक्ष पर टिकट बेचने का आरोप, 100 लोगों ने छोड़ी पार्टी

    BSP जिलाध्यक्ष पर टिकट बेचने का आरोप, 100 लोगों ने छोड़ी पार्टी

     

     

    बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के तमाम नेताओं-कार्यकर्ताओं ने लखनऊ के जिलाध्यक्ष हरिकृष्ण गौतम पर निकाय चुनाव के टिकट बेचने का आरोप लगाया है. साथ-साथ करीब 100 लोगों ने इसके विरोध में बसपा छोड़ने का ही ऐलान कर दिया है. पार्टी छोड़ने वालों में बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद हैं.

    प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता कर बसपा के पूर्व मंडल संयोजक प्रभाकर सिंह ने जिलाध्यक्ष हरिकृष्ण गौतम पर निकाय चुनावों में सभासद के टिकट के लिए प्रति टिकट एक से डेढ़ लाख रुपये लेने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि बड़े पद पर चुनाव लड़ने के लिए टिकट देने के एवज में और ज्यादा रकम मांगी गई. सिंह का कहना है कि पार्टी में इस भ्रष्टाचार की जानकारी बसपा मुखिया मायावती को भी नहीं है.

    पार्टी छोड़ने वालों का कहना है कि टिकट देने के नाम पर पैसे मांगने की शिकायत वह मायावती से करना चाहते थे, लेकिन इन नेताओं ने उन्हें मायावती से मिलने नहीं दिया.

    सिंह ने बताया कि अभी तक 70 से 80 लोग पार्टी छोड़ने के फैसले को लिखित मंजूरी दे चुके हैं, जबकि कुछ लोगों से मौखिक आश्वासन मिला है. प्रभाकर सिंह का कहना है कि पार्टी छोड़ने वालों का संख्या और अधिक हो सकती है.इस मौके पर प्रभाकर सिंह के साथ लखनऊ के पूर्व जिलाप्रभारी रुखसाना नकवी भी शामिल थे.

  • सरकार का ये प्लान, बना देगा आपकी हवाई यात्रा आसान

    सरकार का ये प्लान, बना देगा आपकी हवाई यात्रा आसान

     

     

    हवाई उड़ानों को भी आधार नम्बर से जोड़ने की तैयारी हो चुकी है जल्दी ही मोदी सरकार ‘डिजि यात्रा’ नाम की योजना शुरू करने जा रही है जिसके तहत

    – यात्रियों को हवाई उड़ान की टिकट बुक कराते वक़्त अपना आधार नम्बर देना होगा
    – ऐसा करने से एयरपोर्ट पर पहुँचने के बाद आपको कई ज़रूरी दस्तावेज़ दिखाने की ज़रूरत नहीं होगी
    – फ़िलहाल सरकार ने इस योजना का केवल पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का फ़ैसला लिया है.– लेकिन आने वाले वक़्त में इसी योजना को पूरे देश में लागू करने की तैयारी है.

    कोलकाता, विजयवाड़ा और अहमदाबाद एयरपोर्ट में शुरू होगा इसका पायलट प्रॉजेक्ट

    ‘डिजि-यात्रा’ योजना के पायलट प्रॉजेक्ट के तहत ‘साल 2018 से देश के 3 एयरपोर्ट पर उन यात्रियों को खास सुविधाएं दी जाएंगी, जो टिकट बुक कराते वक़्त अपने आधार नम्बर की जानकारी देंगे
    कोलकाता, विजयवाड़ा और अहमदाबाद एयरपोर्ट को पायलट प्रॉजेक्ट शुरू करने के लिए चुना गया है.और अगर इन तीन हवाई अड्डों पर योजना कामयाब रही, तो पूरे देश में इसी तर्ज पर आधार का इस्तेमाल किया जाएगा.साल 2018 से आप अगर कोलकाता, विजयवाड़ा या फ़िर अहमदाबाद से घरेलू उड़ान भरेंगे, तो आप डिजियात्रा योजना का फ़ायदा उठा सकते हैं

    कैसे होगा टिकट की बुंकिग की प्रोसेस

    योजना के तहत आपको केवल अपना 12 अंकों का आधार नम्बर टिकट बुक कराने के वक़्त देना होगा.
    – इसके बाद जब आप उड़ान भरने के लिए एयरपोर्ट पहुँचेंगे, तो वहाँ आपको एक ई-गेट से एंट्री मिलेगी। जहाँ टिकट पर छपा नम्बर स्कैन किया जाएगा.
    – फ़िर आधार कार्ड से जुड़ी आपकी जानकारियाँ और आपके बायोमैट्रिक्स मिलाने के लिए एक मशीन आपके फ़िंगर प्रिंट और आँखों की पुतलियों के निशान की जाँच करेगी.
    – एक बार ई-गेट पर पहचान का मिलान करने के बाद उड़ान भरने से पहले एयरपोर्ट पर आपको जगह जगह पहचान पत्र दिखाने की ज़रूरत नहीं रहेगी.
    – टिकट का प्रिंट आउट लेने की ज़रूरत भी नहीं रहेगी और आपके बायोमैट्रिक्स ही आपकी पहचान के लिए काफ़ी होंगे.
    – इसके अलावा आपको बोर्डिंग पास दिखाने की भी ज़रूरत खत्म हो जाएगी.

    अभी तक आधार से जुड़ी जानकारियों का इस्तेमाल तो सरकार की कई योजनाओं में होता है. लेकिन इस योजना के तहत आधार से जुड़े बायोमैट्रिक्स का पहचान के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा. बीते कुछ समय से बेंगलुरू और हैदराबाद के एयरपोर्ट पर भी यात्रियों की एंट्री के लिए आधार नम्बर के इस्तेमाल की योजना शुरू की गई है.एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया का दावा है कि आधार नम्बर से अपनी हवाई यात्रा को जोड़ने वाले लोगों को कई दूसरी सुविधाएं देने के लिए भी एयरलाइंस से बात की जा रही है.