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  • दिल्ली की हवा फिर ‘वेरी पुअर’ हुई

    दिल्ली की हवा फिर ‘वेरी पुअर’ हुई

     

     

    दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में
    हवा की गुणवत्ता में सोमवार को अचानक गिरावट आई और ये ‘पुअर’ से ‘वेरी पुअर’ हो गई. अधिकारियों ने इसके संभावित कारणों में पड़ोसी राज्यों में पुआल जलाने में वृद्धि को बताया है.

    तापमान में गिरावट आने और पंजाब और हरियाणा से आने वाली उत्तर पश्चिमी हवाओं की गति में कमी आने से राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के इलाकों में लोगों के कुछ और दिनों तक विषाक्त हवा में सांस लेने की संभावना है. हरित अदालत के आदेश के बावजूद पंजाब और हरियाणा में बीते तीन दिनों में पुआल जलाने में वृद्धि हुई है.

    केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के सदस्य सचिव ए सुधाकर ने आईएएनएस से कहा, ‘पुआल जलाने के कारण क्षेत्र में प्रदूषण के स्तर में वृद्धि होने की संभावना है.’

    राष्ट्रीय वैमानिकी एवं अंतरिक्ष प्रशासन (नासा) के उपग्रह चित्रों में सोमवार को हरियाणा और पंजाब के अमृतसर, तरन तारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, मुक्तसर, भटिंडा, मोगा व कपूरथला जिलों में बीते दो दिनों में पुआल जलाने में वृद्धि को दिखाया गया है.सुधाकर ने कहा, ‘दिल्ली की औसत हवा की गुणवत्ता कई कारणों से ‘पुअर’ से ‘वेरी पुअर’ के बीच कुछ दिनों तक बनी रहेगी.’

  • हैदराबाद: शादी के एक महीने बाद फोन से दिया तीन तलाक, केस दर्ज

    हैदराबाद: शादी के एक महीने बाद फोन से दिया तीन तलाक, केस दर्ज

     

     

    तीन तलाक को लेकर सुप्रीम कोर्ट भले ही इसे गैरकानूनी बता चुका है. लेकिन फिर भी देशभर में तीन तलाक के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. तीन तलाक का ऐसा ही एक मामला हैदराबाद से सामने आया है. जहां शादी के एक महीने बाद ही शौहर ने अपनी बीवी को फोन कर तीन तलाक दे दिया. पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है.

    हैदराबाद की अथिया बेगम नाम का महिला ने बताया कि उसकी शादी को एक महीना हुआ है. महिला का आरोप है कि उसका पति शेख सरदार मजहर 13 नवंबर को घर से बाहर गया. इसके कुछ घंटे बाद उसने फोन किया और उसे तीन तलाक दे दिया.

    पीड़ित आथिया के अनुसार, उसके पति ने कहा कि वो उसके साथ रहना नहीं चाहता है, उसने एक और लड़की से शादी की थी. अथिया ने कहा, ‘मेरी शादी से पहले, मैंने उसे लगभग 2 लाख रुपये दिए थे. यहां तक कि लगभग 6 लाख रुपये खर्च भी किए. अब मैं चाहती हूं कि उसे दंडित किया जाए.’

    पीड़िता ने कुल्लमपुरा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है.

  • योगी राज में महफूज नहीं हैं बेटियां, मासूम बच्चियों के साथ हुई हैवानियत

    योगी राज में महफूज नहीं हैं बेटियां, मासूम बच्चियों के साथ हुई हैवानियत

     

     

    फतेहपुर। सूबे की योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की भारतीय जनता पार्टी की सरकार कानून व्यवस्था को चॉक-चौबंद करने के लाख दावे करे, लेकिन अपराधियों में पुलिसिया सिस्टम और कानून का डर कहीं नजर नहीं आ रहा है। खासतौर पर महिलाओं और लड़कियों के साथ आये दिन छेड़छाड़, लूटपाट और बलात्कार की घटनाएं सामने आ रही हैं। ताजा मामला फतेहपुर का है, जहां एक हवस के दरिंदे ने ना उम्र देखा ना समाज का लिहाज और फूल जैसी मासूम बच्चियों के साथ ही दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दे दिया।

    चार मासूम छात्राये चने का साग तोड़ने के लिए खेत गयी थी ।की तभी इंसानी रुपी भेड़िये की नज़र मासूम छात्राओ पर पड़ी तो आरोपी ने दो छात्राओं को पकड़ लिया और दो छात्राएं आरोपी के चंगुल से बच निकली । मगर दो छात्राओं को आरोपी अपनी हवश का शिकार बनाने की नियत से अश्लील हरकत करने लगा । उसी समय सामने से जंगली साड आ गया जिससे आरोपी अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सका। वही ही पुलिस ने मामला दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

    फतेहपुर जिले के गाजीपुर थाने क्षेत्र के गम्भरी गाँव में मासूम चार छात्राये खेत में चने का साग तोड़ने गयी हुयी थी। वही खेत में आरोपी रोहित पहले से खेत में बैठा था। इन छात्राओं को उसने झाड़ियों के अंदर साग तोड़ने के बहाने ले.गया। इसके चंगुल से दो छात्राये तो बच् निकली मगर दो छात्राये आरोपी का शिकार हो गयी। आरोपी अपनी मनमानी करता रहा। उसी समय सामने से जंगली साड आ गया जिसको देखआरोपी रोहित भगाने लगा मौका देख छात्राये वहा से अपनी जान बचाकर जैसे तैसे अपने घर आयी। अपने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। वही परिजनों ने स्थानी थाने में आरोपी के खिलाफ तहरीर देकर गिरफ्तारी की मांग की। वही पुलिस अधीक्षक श्री पर्णा गांगुली ने बताया की मामला दर्ज कर लिया गया हैं। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया हैं।





  • पद्मावती विवाद पर बोले BJP नेता- ‘हर थियेटर को जलाने की रखते हैं ताकत’

    पद्मावती विवाद पर बोले BJP नेता- ‘हर थियेटर को जलाने की रखते हैं ताकत’

     

     

    फिल्म ‘पद्मावती’ विवाद के बीच संजय लीला भंसाली और दीपिका पादुकोण के सिर कलम पर इनाम की घोषणा करने वाले बीजेपी नेता सूरज मल अमू के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. इसके बाद बीजेपी नेता ने एक और भड़काऊ बयान दिया है.

    मंगलवार को उन्होंने कहा, “हिंदुस्तान के हर सिनेमाहॉल में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा. इस देश का युवा और क्षत्रिय समाज एक-एक सिनेमा हॉल को जलाने की ताकत रखता है.”

    बता दें कि बीजेपी नेता सूरज मल अमू ने रविवार को कहा था कि जो भी संजय लीला भंसाली और अभिनेत्री दीपिका पादुकोण का सिर कलम करेगा उसे 10 करोड़ का इनाम दिया जाएगा.

    इसी से नाराज होकर गुरुग्राम के एक शख्स ने बीजेपी नेता सूरजपाल अमू के खिलाफ मंगलवार को एफआईआर दर्ज कराई है.उन्होंने कहा था, ‘मैं उन लोगों के परिवार की देखरेख करूंगा, जो भंसाली और दीपिका का सिर काटकर लाएंगे.’ उन्होंने धमकी दी थी कि वो अभिनेता रणवीर सिंह के पैर तोड़ देंगे, अगर उन्होंने अपने शब्द वापिस नहीं लिए.
    बता दें कि फिल्म पद्मावती को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. इस विवाद में सिर्फ बीजेपी नेता ही नहीं कांग्रेस के कुछ नेता भी शामिल हैं. जहां मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में इस फिल्म को रिलीज न होने देने की बात कही है, वहीं पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी कहा कि इतिहास से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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    पद्मावती विवाद पर बोले कमल हासन, ‘मैं चाहता हूं कि दीपिका का सिर बचा रहे’

  • मुलायम सिंह यादव के 79वें जन्मदिन समारोह से शिवपाल नदारद

    लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के 79वें जन्मदिन समारोह से उनके अनुज शिवपाल सिंह यादव नदारद रहे। पार्टी कार्यालय में आयोजित समारोह में सपाध्यक्ष अखिलेश यादव समेत सभी प्रमुख नेता नजर आये लेकिन नाराज शिवपाल समारोह में शामिल नहीं हुए। उनके समर्थकों के अनुसार वह इटावा में हैं। नगरीय निकाय चुनाव में अपने समर्थकों को चुनाव लड़ा रहे हैं।

    ‘यादव परिवार’ में एक साल से अधिक चले विवाद के शुरुआती दौर में लग रहा था कि मुलायम सिंह यादव अपने अनुज के साथ हैं और पुत्र अखिलेश से नाराज हैं। हाल ही में डा0 राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर लोहिया पार्क में आयोजित कार्यक्रम में पिता-पुत्र एक साथ दिखे। अखिलेश ने अपने पिता का पैर छूकर आर्शीवाद लिया। इसके बाद दीपावली में पैतृक गांव इटावा के सैफई में पूरा परिवार साथ था। वहां भी अखिलेश ने पिता का पैर छूकर आर्शीवाद लिया था हांलाकि उन्होंने चाचा का भी पैर छुआ और आर्शीवाद लिया।

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    मुलायम सिंह यादव की पुत्र से बढ़ी नजदीकियों की वजह से शिवपाल अलग-थलग पड़ गये और वह अब पार्टी के सार्वजनिक समारोह में नहीं दिख रहे हैं। मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन पर पार्टी कार्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये गये। लोकगीत हुए। नेताओं ने श्री यादव का पैर छुआ। उनके दीर्घायु होने की कामना की। लोक गायकों ने अपने गीतों से लोगों को आकर्षित किया। इस अवसर पर पार्टी के उपाध्यक्ष किरणमयनंदा, प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम, पूर्वमंत्री पारसनाथ यादव समेत काफी संख्या में सपा कार्यकर्ता मौजूद थे।

  • यूपी के पूर्व सीएम एनडी तिवारी की हालत गंभीर, सीएम योगी मिलने पहुंचे

    यूपी के पूर्व सीएम एनडी तिवारी की हालत गंभीर, सीएम योगी मिलने पहुंचे

     

     

    नई दिल्ली। तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे एनडी तिवारी की हालत गंभीर बनी हुई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एनडी तिवारी का हाल-चाल जानने अस्पताल पहुंचे। सीएम ने एनडी तिवारी के परिजनों से मिलकर उनका हाल-चाल जाना। एनडी तिवारी के बेटे रोहित ने सीएम योगी को तिवारी के स्वास्थ्य से जुड़ी सारी जानकारी दी। रोहित ने बताया कि पिताजी की हालत अभी गंभीर बनी हुई है। आपको बता दें कि तिवारी आईसीयू में भर्ती है। दिल्ली के एक निजी अस्पताल में फिजियोथेरेपी कराये जाने के दौरान उन्होंने प्रतिक्रिया देना बंद कर दिया था।

    92 साल के एनडी तिवारी पिछले महीने चाय पीते समय बेहोश हो गए थे। ब्रेन स्ट्रोक आने के बाद 20 सितंबर को तिवारी को नई दिल्ली के मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती किया गया था। वहां उनके बेटे रोहित शेखर तिवारी भी मौजूद  रहे। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से उनकी तबीयत खराब है। उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम यानी वेंटिलेटर पर रखा गया था। एनडी तिवारी की बात करें तो वो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। तिवारी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जिस समय एक था उस वक्त राज्य के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकें है।

    एक जनवरी 1976 को वह पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। यह कार्यकाल बेहद संक्षिप्त था। 1977 के जयप्रकाश आंदोलन की वजह से 30 अप्रैल को उनकी सरकार को इस्तीफा देना पड़ा। तिवारी तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। उत्तर प्रदेश के विभाजन के बाद वे उत्तरांचल के भी मुख्यमंत्री बने। केंद्रीय मंत्री के रूप में भी उन्हें याद किया जाता है। तिवारी आंध्रप्रदेश के राज्यपाल बनाए गए लेकिन यहां उनका कार्यकाल बेहद विवादास्पद रहा।





  • भाजपा कार्यकर्ताओं की समस्याओं का तुरंत हो निदान

    भाजपा कार्यकर्ताओं की समस्याओं का तुरंत हो निदान

     

     

    बलिया। निकाय चुनाव को लेकर भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसको लेकर जहां सीएम योगी आदित्यनाथ लगातार दौरे कर रहे हैं। वहीं उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य भी लगातर तूफानी दौरे पर हैं। इस दौरान वे निकाय चुनाव की जनसभा को सम्बोधित करने और पार्टी के उम्मीदवारों के लिए वोट मांगने बलिया जनपद के सिकंदरपुर आए। इस दौरान उन्होने लोगों को कहा कि निकाय चुनाव में लोकसभा और विधानसभा से भी ज्यादा लहर है।

    भाजपा इस बार निकाय चुनाव में भी विरोधी पार्टियों का सूपड़ा साफ कर देगी। डिप्टी सीएम मौर्य़ ने कहा कि नगर के विकास के लिए भाजपा ने रोडमैप तैयार कर लिया है ऐसे में केंद्र और राज्य के बाद निकाय में भी सरकार बीजेपी की होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होने अखिलेश और मायवती पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दोनों के पास अपना कोई आधार नही बचा है। इसके साथ ही वो जनता के कम दर्शन से भी डर हुए है इसलिए प्रचार में नहीं निकल रहे हैं।

    वहीं सभा को सम्बोधित करते हुए उन्होने प्रशासनिक अधिकारियों के पेंच कसते हुए कहा कि अगर पार्टी का एक छोटा सा कार्यकर्ता भी शिकायत लेकर आये या समस्या तो उसकी समस्या का निदान प्रथम प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए। रामजन्मभूमि मद्दे पर बोलते हुए उन्होने कहा कि कोर्ट के निर्णय के आधार पर ही होगा मंदिर का निर्माण।





  • भोपाल गैंगरेप पीड़िता को ‘राष्ट्रमाता पद्मावती’ पुरस्कार दे सकती है शिवराज सरकार

    भोपाल गैंगरेप पीड़िता को ‘राष्ट्रमाता पद्मावती’ पुरस्कार दे सकती है शिवराज सरकार

     

     

    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में राज्य स्थापना दिवस की देर शाम गैंगरेप का शिकार बनी छात्रा को ‘राष्ट्रमाता पद्मावती पुरस्कार’ से सम्मानित किया जा सकता है. इस पर सरकार विचार कर रही है.

    राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को पद्मावती फिल्म के प्रदर्शन पर रोक के ऐलान के साथ ही महिलाओं के सम्मान के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्ति को ‘राष्ट्रमाता पद्मावती’ पुरस्कार और वीरता के लिए महाराणा प्रताप पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की थी.

    राज्य के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह से मंगलवार को जब संवाददाताओं ने पूछा कि क्या भोपाल की गैंगरेप पीड़िता को सम्मानित किया जा सकता है? इस पर मंत्री ने कहा, ‘मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महिला सम्मान के लिए काम करने वाले को राष्ट्रमाता पद्मावती पुरस्कार देने का ऐलान किया है. सरकार भोपाल गैंगरेप पीड़िता को यह सम्मान देने पर विचार कर रही है.’

    बता दें, राजधानी भोपाल में एक पुलिसकर्मी दंपति की बेटी के साथ एक नवंबर को हुए गैंगरेप के मामले में पुलिस ने रिपोर्ट तक लिखने में हीला-हवाली की थी. पीड़िता को दो दिन तक थानों के चक्कर लगाना पड़े थे. मामला मीडिया पर आने के बाद सरकार हरकत में आई और विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर जांच शुरू की. इसके बाद तीन थाना प्रभारी और दो उपनिरीक्षकों (सब इंस्पेक्टर) को निलंबित कर दिया गया, वहीं एक नगर पुलिस अधीक्षक को पुलिस मुख्यालय में संलग्न किया गया.इस मामले को लेकर राजनीति भी खूब गरमाई हुई है. कांग्रेस ने राजधानी से लेकर जिला मुख्यालय स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया. इसके अलावा महिला सुरक्षा पर भी खूब सवाल उठे.

  • कश्‍मीर: बड़े नेताओं पर हमले की फिराक में तिलमिलाए हुए आतंकी

    कश्‍मीर: बड़े नेताओं पर हमले की फिराक में तिलमिलाए हुए आतंकी

     

     

    देश में कुछ बड़े राजनेताओं खास कर बीजेपी नेताओं, कुछ केंद्रीय मंत्रियों और कुछ मुख्यमंत्रियों की सुरक्षा को लेकर एक नए खुलासे से हड़कंप मचा हुआ है. भारत की खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि सीमापार के कई आतंकी संगठन मिल कर देश के कुछ राजनेताओं पर हमला करने की फिराक में हैं. हालांकि, सरकार की तरफ से इस खबर पर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

    खुफिया एजेंसी ने सरकार को दी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों ने मिलकर यह मास्टर प्लान तैयार किया है. जैश-ए-मोहम्मद का मुखिया मौलाना मसूद अजहर इस प्लान का मास्टर माइंड है. गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों के हाथों लगातार शिकस्त झेलने की वजह से आतंकी संगठनों ने अपना निशाना घाटी से दूसरी तरफ मोड़ दिया है.

    इंटेलिजेंस एजेंसी को जानकारी मिली है कि आतंकी संगठन भारत में किसी बड़े राजनीतिक शख्सियत की हत्या की योजना पर जोर-शोर से काम कर रहे हैं. आईबी की इस रिपोर्ट के बाद केंद्र और राज्य सरकारें मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों की सुरक्षा को लेकर चौकन्ना हो गई हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक खुफिया एजेंसियों ने इस बारे में पिछले दिनों ही सरकार के साथ जानकारी साझा की है.

    इस आतंकी वारदात को अंजाम देने के लिए आतंकी संगठन बांग्लादेशी कैडर का इस्तेमाल कर रहे हैं. इन आतंकी संगठनों ने भारत के वैसे केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों को निशाना बनाने की योजना बनाई है, जिनकी सुरक्षा अपेक्षाकृत ज्यादा कड़ी नही होती है.

    जम्मू-कश्मीर में पिछले चार-पांच दिनों में ही सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में 11 आतंकी मारे गए हैं, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर का भांजा ताल्हा रशीद भी शामिल है. माना जा रहा है कि भारतीय सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई के बाद आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का चीफ अजहर खासा नाराज है. जैश प्रमुख अजहर मसूद को अपने भांजे की मौत से गहरा सदमा पहुंचा है.

    बता दें कि ताल्हा रशीद जम्मू-कश्मीर में हाल के दिनों में बड़े आतंकी वारदात में मुख्य भूमिका अदा कर रहा था. पुलवामा पुलिस कैंप पर हमला हो या फिर श्रीनगर एयरपोर्ट पर हुए हमले में उसकी भूमिका काफी अहम थी.

    पिछले दिनों भारतीय सुरक्षा बलों ने एक और मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर जकीउर रहमान लखवी के भतीजे सहित छह आतंकियों को भी एक मुठभेड़ में मार गिराया था.

    एक तरफ मोदी सरकार आने के बाद पिछले कुछ सालों में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों की कार्रवाई ने आतंकियों की कमर तोड़ दी है तो दूसरी तरफ घाटी के भटके युवा भी अब मुख्यधारा में लौटने लगे हैं. इन सारी घटनाओं से आतंकी संगठनों के आकाओं में तिलमिलाहट पैदा हो गई है. दोनों आतंकी संगठनों को इन दो घटनाओं ने इतना परेशान किया कि वह अब तिलमिलाहट में बीजेपी के कुछ नेताओं को निशाना बनाना चाह रही है.

    देश के जाने-माने रक्षा विशेषज्ञ और वरिष्ठ पत्रकार क़मर आगा फर्स्टपोस्ट हिंदी से बात करते हुए कहते हैं, ‘बदलते घटनाक्रम में दो बात सामने आ रही है. एक तो पाकिस्तान की कश्मीर पॉलिसी बिल्कुल फेल हो गई है. इनके 190 लोग मर गए हैं. सारे कमांडर लगभग मर गए हैं. कमांडर से मेरा मतलब है वो जो आतंकी संगठन को लीड कर सके. इनको पाकिस्तान से कमांडर भेजना पड़ रहा है. लखवी के भतीजे को भेजा जो कि बहुत ही अनुभवी था, जिसके बारे में सोचा भी नहीं था कि वह मर जाएगा. इनके पास अब लोग भी नहीं बचे हैं. बॉर्डर पर भारतीय सुरक्षाबल काफी मुस्तैद और सतर्क है.’

    कमर आगा आगे कहते हैं, ‘देखिए आतंकवादियों का मुख्य काम होता है आतंक फैलाना. जब भी उनकी तरफ से कोशिश की जाती है वे एनकाउंटर में मारे जा रहे हैं. कश्मीर में और ग्लोबली मुसलमानों को भी इस बात का एहसास हो गया है कि मिलिटेंसी के जरिए कोई ऑब्जेक्टिव पूरा होने वाला नहीं है. जो पुराने आतंकी जो घाटी में हैं वह फंस चुके हैं. वह वहां से निकलना चाहें तो भी नहीं निकल सकते. अब इन लोगों की कोशिश होगी कि आतंक बना रहे. अब यह जरूरी नहीं है कि वह सत्ता पक्ष के लोगों पर ही सिर्फ टारगेट करें, विपक्षी लीडर्स पर भी टारगेट कर सकते हैं. कुल मिलाकर हम कह सकते हैं आतंकी संगठन न्यूज में बने रहना चाहते हैं.’

    गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा अभी भी एक खतरनाक संगठन बना हुआ है. घाटी में अभी भी इस संगठन के स्थानीय और विदेशी लड़ाकू मिलाकर लगभग 100 आतंकी मौजूद हैं.

    घाटी में सक्रिय आतंकी संगठनों में हिज्बुल मुजाहिदीन सबसे बड़ा आतंकी संगठन है. जबकि, सीमा पार से लगातार घुसपैठ और स्थानीय लोगों की दिलचस्पी के कारण लश्कर-ए-तैयबा दूसरा आतंकी संगठन बना हुआ है.

    पिछले सप्ताह ही घाटी के एक आतंकवादी ने आतंक का रास्ता छोड़ कर घर वापसी की थी. माजिद इरशाद खान नाम का यह आतंकी अपनी मां की अपील के बाद मुख्यधारा में लौटा था. इससे भी आतंकी संगठनों के कमर टूटने की बात साबित होती है. ऐसे में आतंकी संगठनों के आकाओं ने नए मास्टर प्लान के जरिए फिर से घाटी के युवाओं का विश्वास हासिल करने के लिए हमला करने की रणनीति बनाई है.

    दूसरी तरफ आतंकी संगठन अल-कायदा ने भी भारत में अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं. इंडियन एक्प्रेस ने कुछ दिन पहले ही अल-कायदा के बारे में एक नया खुलासा किया था. इस खुलासे में कहा गया था कि अल-कायदा भारत के पढ़े-लिखे युवा मुस्लिमों के लिए क्षेत्रीय भाषाओं में जिहादी साहित्य की बिक्री शुरू कर दी है. खास बात यह है कि यह बिक्री सोशल साइट्स के जरिए की जा रही है.

    अलकायदा खासकर डॉक्टर और इंजीनियर जैसे नौकरी पेशा करने वाले मुस्लिम युवाओं को उकसाने का काम कर रहा है. जिहादी साहित्य के साथ सोशल साइट्स पर भारतीय भाषाओं में वीडियो भी उपलब्ध करवाया जा रहा है.

  • निकाय चुनाव: वोट डालने के बाद बोले योगी, प्रचंड बहुमत से जीतेगी बीजेपी

    निकाय चुनाव: वोट डालने के बाद बोले योगी, प्रचंड बहुमत से जीतेगी बीजेपी

     

     

    गोरखपुर। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुराना गोरखपुर के वार्ड संख्या 68 स्थित कन्या पाठशाला के बूथ संख्या 699 पर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वोट डालने के बाद योगी ने कहा कि नगर निकाय चुनाव में भाजपा प्रचंड बहुमत से जीतेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा अतिक्रमण को दूर करने और लोगों को समस्याओं से निजात दिलाने के लिए निकाय चुनाव लड़ रही है। उन्होंने कहा कि रुझान भाजपा के पक्ष में है।

    yogi adityanath

    बता दें कि काफी खुश दिख रहे योगी ने सुबह 7.50 बजे ही मतदान स्थल पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वोट डालने जा रहे मुख्यमंत्री योगी मुस्कुरा रहे थे। वह काफी प्रसन्न मुद्रा में थे। अपनी पहचान में मुताबिक उन्होंने गेरुआ रंग धारण किया था और तेजी से कदम बढ़ाते हुए बूथ के भीतर प्रवेश करने को आतुर थे। शायद उन्हें केवल मताधिकार का प्रयोग करना ही लक्ष्य के रूप में दिख रहा था।

    वहीं मतदान केंद्र के अंदर जाते हुए योगी वहां मौजूद पत्रकारों द्वारा किये जाने वाले सवालों पर मुस्कुराते हुए आगे बढ़ रहे थे और जवाब देने के बजाय केवल मुस्कुराकर विक्ट्री का सिम्बल दिखाना ही मुनासिब समझा। इस दौरान प्रशासन ने मीडियाकर्मियों को बूथ के बाहर ही रोक रखा था। बूथ के भीतर तकरीबन तीन मिनट तक जरूरी प्रक्रिया पूरी कर मताधिकार का प्रयोग कर लौट रहे योगी ने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। हालांकि बाद में उन्होंने निकाय चुनाव में भाजपा की प्रचंड बहुमत से जीत का दावा किया।