Blog

  • गलत पार्क की गई कार की खींचो फोटो और पाओ इनाम

    गलत पार्क की गई कार की खींचो फोटो और पाओ इनाम

     

     

    केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को नागरिकों से कहा कि अगर कोई पार्किंग के नियम तोड़ कर गलत जगह पर अपनी कार खड़ी करता है तो उसकी तस्वीर खींचकर संबंधित अधिकारियों या प्राधिकरणों को भेजें.

    उसके आधार बाद संबंधित वाहन मालिक पर लगाए जाने वाले 500 रुपये के जुर्माने का 10 प्रतिशत इनाम संबंधित फोटो भेजने वाले व्यक्ति को मिल सकता है.

    गडकरी ने कहा कि अपने मंत्रालय के बाहर पार्किंग स्थल नहीं होने लेकर उन्हें खुद शर्म महसूस होती है, जिसके कारण राजदूतों और बड़े लोगों को वहां सड़क पर गाड़ी खड़ी करनी पड़ती है और संसद का रास्ता बाधित होता है.

    गडकरी ने आज कहा, ‘मोटर वाहन अधिनियम में, मैं एक नया प्रावधान जोड़ने जा रहा हूं. इसके तहत सड़क पर कोई भी गाड़ी खड़ी हो, तो सिर्फ मोबाइल से उसकी तस्वीर खींचकर संबंधित विभाग या पुलिस को भेजनी होगी. उसके आधार पर वाहन मालिक पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और इसकी 10 प्रतिशत राशि शिकायतकर्ता को जाएगी.’

  • Congress के ये बड़े नेता 9 साल तक कोमा में रहने के बाद नहीं रहे

    नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रिय रंजन दासमुंशी का 72 की उम्र में सोमवार को निधन हो गया. प्रिय रंजन दासमुंशी पिछले काफी समय से कोमा में थे. बीमार पड़ने से पहले दासमुंशी ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (एआईएफएफ) चला रहे थे.।
    दासमुंशी साल 2006 में फीफा विश्व कप में मैच कमिश्नर का पद हासिल करने वाले पहले भारतीय थे. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया और क्रोएशिया के बीच खेले गए ग्रुप स्तर के मैच में इस पद की जिम्मेदारी संभाली थी।
    अपोलो अस्पताल के अधिकारियों ने बताया, श् पिछले एक महीने से उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी और उनकी मृत्यु आज दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर हुई. निधन के समय उनकी पत्नी और बेटे अस्पताल में मौजूद थे.।
    पूर्व केंद्रीय मंत्री को साल 2008 में अटैक आया था. जिसके बाद दासमुंशी के शरीर के बाएं हिस्से ने पैरालिसिस अटैक की वजह से काम करना बंद कर दिया था. वह तब से अस्पताल में भर्ती थे.।
    प्रिय रंजन दासमुंशी ने संसद में प्रवेश करने से पहले 1971 में भारतीय युवा कांग्रेस के साथ अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत की थी.।
    दासमुंशी पश्चिम बंगाल की रायगंज (लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र) सीट का प्रतिनिधित्व करते थे. 1985 में पहली बार उन्हें केंद्रीय मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई.। दासमुंशी ने लगभग 20 वर्षों तक अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष के रूप में भी सेवा की ।

  • VIDEO: 4 लाख एटम बमों के बराबर गर्मी पैदा कर रहे हैं हम

    VIDEO: 4 लाख एटम बमों के बराबर गर्मी पैदा कर रहे हैं हम

     

     

    जर्मनी के बॉन शहर में इन दिनों जलवायु परिवर्तन सम्मेलन चल रहा है. दुनिया क्लाइमेट चेंज पर क्यों बात कर रही है?  क्योंकि धरती का तापमान बढ़ रहा है जो फिलहाल 16 डिग्री सेल्सियस के क़रीब है. 1951 से 1980 के बीच धरती का तापमान 14 डिग्री सेल्सियस था. 1880 में यह तापमान और एक डिग्री और कम था. यानी 71 साल में तापमान में एक डिग्री की बढ़ोत्तरी मगर सिर्फ़ 30 साल में दो डिग्री की. देखने में मामूली सा मौसम का यह गणित है बेहद भयानक. यह तापमान ग्लेशियर्स को तेजी से पिघला रहा है, नतीजे में चारों महासागरों में जलस्तर बढ़ रहा है.

    आपको जानकार ताज्जुब होगा कि इसकी वजह हम खुद हैं. और ये यूं ही नहीं. इंसान की उत्पादन और निर्माण की गतिविधियां असल में तापमान बढ़ा रही हैं. 2017 में जितनी गर्मी हम पैदा कर रहे हैं वह हिरोशिमा वाले 4 लाख एटॉमिक बमों के बराबर है. 1950 के बाद से इस गर्मी का बड़ा कारण हैं ग्रीनहाउस गैसें हैं. ग्रीनहाउस गैसों से होने वाला नुकसान झेलने वाले देशों में भारत होगा.

    लेकिन ये ग्रीनहाउस इफेक्ट क्या है? सूरज की ऊर्जा के ओज़ोन लेयर तक आने और फिर छनकर धरती तक पहुँचने की प्रॉसेस है ग्रीनहाउस इफ़ेक्ट. पृथ्वी के चारों ओर इन ग्रीनहाउस गैसों की एक परत होती है. इनमें हैं कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड. ग्रीनहाउस गैसें न होतीं तो पृथ्वी इतनी गर्म होती कि यहां जीवन नहीं होता.

    इस पूरे क्लाइमेट चेंज का हम पर क्या असर पड़ने वाला है? अगले 25-30 साल में धूप, बारिश, सर्दी, गर्मी सबका चक्र बदल जाने वाला है. यह प्रकृति के व्यवहार में दिख भी रहा है. मसलन, समुद्र के जलस्तर में सालाना 3 मिलीमीटर की बढ़ोतरी हो रही है और सालाना 4% की रफ़्तार से ग्लेशियर्स पिघल रहे हैं. इसका सीधा प्रभाव दक्षिण भारत के समुद्रतटीय इलाक़ों  पर होगा. इससे वहां के के 5.5 करोड़ लोगों को ख़तरा है.आप अपने स्तर पर इस बारे में क्या कर सकते हैं?

    -कम से कम बिजली खर्च करें

    – ज़्यादा से ज़्यादा पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें

    – सोलर पैनल इस्तेमाल करें

    – कचरा डीकम्पोज़ करना सीखें

    – क्लाइमेट चेंज के बारे में आपस में बात करें.

  • प्लास्टिक फैक्ट्री में आग, 25 से ज्यादा लोग जिंदा दफन

    लुधियाना । लुधियाना फैक्ट्री में आग लगने से गिरी 6 मंजिला इमारत के मलबे से अब तक 10 लोगों के शवों को निकाला जा चुका है. पुलिस का कहना है कि अभी इमारत के मलबे में 15 से ज्यादा लोगों दबे होने की आशंका है. ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. दबने वाले लोगों में करीब 6-7 फायरब्रिगेडकर्मी भी शामिल हैं. फायरब्रिगेडकर्मी आग बुझा रहे थे, तभी इमारत गिर गई और वे उसमें दब गए।.
    लुधियाना में एक भीषण अग्निकांड में 25 से ज्यादा लोग जिंदा दफन हो गए. हादसा उस वक्त हुआ जब आग बुझाने के बाद इस बिल्डिंग में अचानक एक धमाका हुआ और पूरी पांच मंजिला बिल्डिंग भरभराकर जमींदोज हो गई. मलबे से 8 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं जिनमें 3 दमकल कर्मी भी शामिल हैं. यह हादसा लुधियाना के सूफिया चैक स्थित एक प्लास्टिक की फैक्ट्री में हुआ जब लोग आग पर काबू पाने के बाद बचा हुआ सामान समेट रहे थे. लुधियाना के जिलाधीश प्रदीप अग्रवाल के मुताबिक, इस भवन के मलबे में फंसे लोगों में 8-9 फायर ब्रिगेड के कर्मचारी भी शामिल हैं.।

    यह भी पढ़ेे: भागलपुर एन.एच.80 की मरम्मत में बरती जा रही है लापरवाही

    दरअसल सोमवार सुबह करीब 8रू00 बजे पॉलिथिन बनाने वाली एक फैक्ट्री में अचानक आग लग गई. आग की खबर मिलते ही फैक्ट्री मालिकों ने फायर ब्रिगेड को फोन किया. करीब 15 फायर टेंडर मौके पर पहुंचे, दो ढाई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया लेकिन आग बुझाने के 4 घंटे बाद अचानक बिल्डिंग में एक धमाका हुआ और उसके बाद पूरी बिल्डिंग भरभराकर गिर गई.।
    जिस वक्त यह बिल्डिंग जमींदोज हुई उस वक्त बिल्डिंग के बाहर कई आग बुझाने वाले कर्मी मौजूद थे. फैक्ट्री में काम करने वाले एक दर्जन से अधिक लोग आग से बचा हुआ सामान बाहर फेंक रहे थे. लुधियाना के लोकसभा सांसद रवनीत सिंह बिट्टू के मुताबिक, फैक्ट्री की अंतिम मंजिल पर केमिकल से भरा एक ड्रम था जो आग की जद में आने के बाद फट गया और घमके से पूरी बिल्डिंग धराशाई हो गई.।
    प्रशासन में सेना और एनडीआरएफ की टीम के अलावा स्थानीय पुलिस के सहयोग से बचाव कार्य शुरू किया और सात-आठ घंटे की मशक्कत के बाद तीन शव बाहर निकाल लिए गए. मलबे में दबा एक व्यक्ति भी जिंदा बाहर निकल आया लेकिन भवन की मलबे में अभी भी बीस के करीब लोग फंसे हुए हैं.।

  • मृत आतंकवादियों में अपनी तस्वीर देख हैरान जम्मू का व्यक्ति

    मृत आतंकवादियों में अपनी तस्वीर देख हैरान जम्मू का व्यक्ति

     

     

    कई मीडिया हाउस ने रविवार को कथित रूप से गलती से जम्मू के एक स्थानीय नागरिक अब्दुल माजिद की तस्वीर लश्कर-ए-तैयबा के उन छह मृत आतंकवादियों की तस्वीरों के साथ दिखायी जो शनिवार को उत्तर कश्मीर के बांदीपुरा जिला में मुठभेड़ में मारे गए थे.

    अब्दुल माजिद ने बताया, ‘जब मैंने इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया में मृत आतंकवादियों की तस्वीरों के साथ अपनी तस्वीर देखी तो मैं हैरान रह गया. किसी ने मेरे फेसबुक अकाउंट से मेरी तस्वीर डाउनलोड कर ली और मृत आतंकवादियों में से एक के तौर पर मेरी तस्वीर वितरित कर दी.’ माजिद ने इसे साज़िश बताते हुए जांच की मांग की है.

    माजिद यहां के खटी का तालाब में व्यंजन की दुकान चलाते हैं. वो विवाहित है और उनके दो बच्चे भी हैं तथा वो इस्लाम धर्म का प्रचार प्रसार करने वाले धार्मिक समूह से भी जुडे़ हैं.

    उन्होंने कहा कि इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज़ करायी है. उन्होंने कहा, ‘मैं कोई आतंकवादी नहीं हूं. वो मेरी तस्वीर कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं? ये मीडिया और राज्य प्रशासन की लापरवाही है.’ माजिद की तस्वीर कई अख़बारों ने पहले पन्ने पर प्रमुखता से छापी थी और उनका उपनाम ‘अबु जारगम’ बताया था.उन्होंने कहा, ‘ये ख़बर मेरे परिवार के लिए बहुत बड़ा झटका था. वो सभी बहुत निराश थे.’ उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं मालूम ये किसकी साज़िश है. लेकिन जिसने भी ये किया है उससे मेरी छवि तार तार हुई है. ये मीडिया और प्रशासन की लापरवाही है. आखिर उन्होंने कैसे बगैर सबूत किसी बेकसूर की तस्वीर प्रकाशित की.’

  • एनजीटी ने निर्माण पर प्रतिबंध लगा दिया, दिल्ली-एनसीआर में ट्रकों के प्रवेश

    एनजीटी ने निर्माण पर प्रतिबंध लगा दिया, दिल्ली-एनसीआर में ट्रकों के प्रवेश

     

     

    राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने राष्ट्रीय राजधानी में वर्तमान प्रदूषण के स्तर पर डेटा जमा करने के बाद, राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल ने शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध हटा लिया। अधिकारियों को ट्रकों के आंदोलन पर सख्ती से निगरानी रखने के निर्देश देते हुए, ग्रीन पैनल ने कहा कि भारी वाहनों को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रवेश करने की भी अनुमति दी जाएगी।

    एनजीटी के अध्यक्ष स्वतंत्र कुमार कुमार की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश को भी प्रदूषण को रोकने के लिए जो कदम उठाएंगे, उनके संबंध में विस्तृत कार्यवाही प्रस्तुत करने के लिए कहा।

    “इस एक्शन प्लान को प्रदूषण के स्तर पर सीधा लिंक होना चाहिए। वायु प्रदूषण को रोकने और नियंत्रित करने के लिए कदम स्वचालित रूप से खेलने में आना चाहिए और किसी भी राज्य में सरकारी अधिकारियों के निर्णय पर निर्भर नहीं होना चाहिए। ”

    पीठ ने कहा कि यदि कार्रवाई योजना दो सप्ताह के भीतर जमा नहीं की जाती है तो ‘अनुकरणीय लागत’ को अधिकारियों पर लगाया जाएगा।

    इसके अलावा, ग्रीन पैनल ने कहा कि अधिकारियों द्वारा उठाए गए निवारक और एहतियाती कदमों के अधीन पूर्वी और पश्चिमी एक्सप्रेस हाइवे दोनों के निर्माण की अनुमति दी जाएगी।

    हालांकि, ट्रिब्यूनल ने कहा कि कचरे को जलाने और फसल के अवशेष से संबंधित निर्देश जारी रहेगा।

    इसके अतिरिक्त, एनजीटी ने देखा कि प्रदूषण के स्तर को कम करने में पानी छिड़काव सफल साबित हुआ है। प्रदूषण के स्तर से निपटने के लिए उपाय लागू करने के लिए राज्यों को निर्देश देने के लिए, पीठ ने कहा: “एनसीआर, विशेषकर एनसीटी दिल्ली की सरकार की सभी संबंधित सरकारों को हम निर्देश देते हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि भविष्य में कोई कदम उठाए बिना भविष्य में कोई कदम उठाया जाए। पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित। ”

    इस बीच, सीपीसीबी और संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को मासिक आधार पर एनजीटी से पहले परिवेशी वायु गुणवत्ता विश्लेषण करने के लिए कहा गया है।

  • हैदराबाद की सड़कों पर भीख मांगती पकड़ी गई अंग्रेजी बोलने वाली महिलाएं

    हैदराबाद की सड़कों पर भीख मांगती पकड़ी गई अंग्रेजी बोलने वाली महिलाएं

     

     

    हैदराबाद की सड़कों पर हाल ही में भीख मांगते हुए पकड़े गए कुछ लोगों में दो अधेड़ उम्र महिलाएं भी हैं जो अंग्रेजी बोलती हैं और यहां लौटने से पहले पश्चिमी देशों में काम करने का दावा करती हैं.

    तेलंगाना कारावास विभाग ने पुलिस और नगर निगम के साथ तालमेल से 20 अक्तूबर से 235 पुरुषों और 130 से अधिक महिलाओं को भीख मांगते हुए पकड़ा है और आनंद आश्रमों में उन्हें रखा है. हैदराबाद को भिक्षावृत्ति से मुक्त करने के अभियान के तहत यह किया जा रहा है.

    एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘लांगेर हौज में एक दरगाह के पास भीख मांगते हुए पकड़ी गयीं करीब 30 महिलाओं में 50 और 44 साल की दो महिलाएं हैं जो हैदराबाद की रहने वाली हैं. पुलिस 11 नवंबर को उन्हें आनंद आश्रम ले गयी थीं.’

    आश्रम के कर्मचारियों को जब पता चला कि दोनों महिलाएं अच्छी अंग्रेजी बोलती हैं तो उन्हें हैरानी हुई. इनमें से बड़ी महिला ने कर्मचारियों को बताया कि उसके पास एमबीए की डिग्री है. वह यहां वापस आने से पहले लंदन में एकाउंटेंट का काम करती थी. उसके बेटे ने इस बात की पुष्टि की जिससे अधिकारियों ने संपर्क किया था.चेरलापल्ली खुली जेल के अधीक्षक और आश्रम प्रभारी के. अर्जुन राव ने बताया कि 44 वर्षीय दूसरी महिला ने कहा कि उसके पास ग्रीन कार्ड है और वह अमेरिका में काम कर चुकी है.

    उन्होंने कहा, ‘50 साल की महिला के पति की मौत हो गयी थी और वह कुछ दिक्कतों का सामना कर रही थी. उसने एक तांत्रिक से संपर्क किया और उसकी सलाह पर दरगाह के पास भीख मांगना शुरू कर दिया. उसका बेटा अमेरिका में आर्किटेक्ट है.’ राव के मुताबिक दूसरी महिला ने दावा किया है कि उसके रिश्तेदारों ने पैतृक संपत्ति में उसके हिस्से को लेकर धोखाधड़ी की जिसके बाद उसने भीख मांगना शुरू कर दिया.

  • जेआईसीए ने दिल्ली मेट्रो पर रिपोर्ट जारी की

    जेआईसीए ने दिल्ली मेट्रो पर रिपोर्ट जारी की

     

     

  • निकाय चुनाव के पहले चरण में 55% मतदान, बदायूं में फाड़े बैलेट पेपर, होगी दोबारा वोटिंग

    55% voting in first phase of body election

    लखनऊ। यूपी निकाय चुनाव के पहले चरण में करीब 55 फीसदी मतदान हुआ। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार शाम 5 बजे तक करीब 55 फीसदी मतदान हुआ। मतदान शांतिपूर्ण सम्पन्न हुआ। बदायूं के बूथ नंबर 72 पर लोगों ने बैलेट पेपर फाड़ दिए थे जिससे आयोग ने यहां दोबारा वोटिंग करवाने का फैसला किया। पहले चरण के चुनाव में 24 जिलों में मतदान हो रहा था। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में वोट डाला।

    राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त सतीश अग्रवाल ने बताया कि पहले चरण का मतदान शांतिपूर्ण रहा। कहीं भी सांप्रदायिक या जातिगत हिंसा नहीं हुई। केवल बदायूं के एक बूथ पर पुनर्मतदान होगा।

    उन्होंने कहा कि वेबकास्टिंग से अच्छा परिणाम मिला।। नियमित मॉनिटरिंग केंद्रीय अर्द्घसैनिक बलों, पीएसी की तैनाती से भी फायदा हुआ। वहीं, कुछ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में न होने पर उन्होंने कहा कि लिस्ट पूरी तरह सही है।

    उन्होंने पहले चरण के चुनाव को परफेक्ट शो करार दिया और कहा कि यह मीडिया, प्रशासन, पुलिस और राजनीतिक दलों के सहयोग से सम्पन्न हुआ। ग्रामीणों क्षेत्रों में 74 फीसदी जबकि शहरों में काफी कम मतदान हुआ। ये एक विडम्बना है कि शहरों में लोग वोट नहीं करते।

    पहले चरण में कुल 1,09,26,972 वोटर और 26,314 प्रत्याशी मैदान में थे। जिनमें से 15,997 पुरुष व 10,317 महिला प्रत्‍याशी थे। मतदान के लिए 3731 मतदान केंद्र और 11683 बूथ बनाए गए थे। इन बूथों पर 4095 वार्डों में से 4062 वार्डों के लिए पार्षद व सभासदों के लिए भी मतदान हुआ।

  • युवा कांग्रेस का PM पर आपत्तिजनक ट्वीट, फिर किया डिलीट

    युवा कांग्रेस का PM पर आपत्तिजनक ट्वीट, फिर किया डिलीट

     

     

    युवा कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अंग्रेजी बोलने की काबिलियत का मजाक उड़ाते हुए एक आपत्तिजनक ट्वीट किया. युवा कांग्रेस की ऑनलाइन मैगजीन युवा देश ने यह ट्वीट किया. इसमें एक फोटो है जिसमें पीएम मोदी के साथ अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप और ब्रिटेन की पीएम थेरेसा में खड़ी हैं.

    फोटो में तीनों को बातचीत करते दिखाया गया है. इसमें मोदी दोनों से यह पूछते दिखाई देते हैं, ‘आप लोगों ने देखा विपक्ष मेरे कैसे कैसे मेमे बनवाता है?’

    इसके बाद ट्रंप की तस्‍वीर के साथ लिखा है कि उसे मेमे नहीं मीम कहते है. फिर थेरेसा मे को यह कहते दिखाया गया है, ‘तू चाय बेच.’

    यह ट्वीट मंगलवार को शाम 6 बजे किया गया. इस ट्वीट पर विवाद हो गया है. विवाद बढ़ने के बाद ट्वीट को हटा लिया गया.गुजरात के मुख्‍यमंत्री विजय रुपाणी ने इस पर कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी से सवाल किया. उन्‍होंने पूछा, ‘क्‍या राहुल गांधी इस तरह के गरीब विरोधी ट्वीट का समर्थन करते हैं.’

    रुपाणी ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘युवा कांग्रेस की ओर से किया गया इस तरह का भेदभावभरा और गरीब विरोधी ट्वीट भारत के गरीबों के प्रति मानसिकता को दिखाता है. क्‍या शहजादे राहुल इसका समर्थन करते हैं?’