Blog

  • भारत में फ्रांस का ‘नमस्ते भारत’ कार्यक्रम शुरू

    भारत में फ्रांस का ‘नमस्ते भारत’ कार्यक्रम शुरू

     

     

    भारत और फ्रांस ने अपने संबंधों को प्रगाढ़ बनाने की दिशा में लोगों के बीच सम्पर्क को मजबूत बनाने पर जोर दिया है और इस सिलसिले में फ्रांस ने नमस्ते भारत 2017-18 का आयोजन किया है, जो भारत के विभिन्न शहरों में चार महीने तक चलेगा.

    भारत में फ्रांस के राजदूत एलेक्सांद्र जेगियर और संस्कृति एवं सहयोग मामलों के काउंसलर बर्नाड दा हार्टिंग ने बोंजोर इंडिया 2017-18  के शुरूआत की घोषणा की. यह कार्यक्रम नवंबर 2017 से फरवरी 2018 के दौरान चलेगा. इस दौरान देश के 20 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 33 शहरों में 100 कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा.

    इस कार्यक्रम के दौरान नवोन्मेष, शिक्षा, शोध, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में भारत-फ्रांस की विशेषज्ञता का प्रदर्शन किया जायेगा.

    भारत में फ्रांस के राजदूत एलेक्सांद्र जेगियर ने संवाददाताओं से कहा कि भारत फ्रांस के ऐतिहासिक संबंधों, मित्रता एवं विश्वास को और प्रगाढ़ बनाने में बोंजोर इंडिया, नमस्ते भारत जैसे कार्यक्रमों की महत्वपूर्ण भूमिका है. पिछले कुछ वर्षो में दोनों देशों के संबंधों के आयाम में वृद्धि हुई है और आदान प्रदान बढ़े हैं.

    उन्होंने कहा कि ऐसे विश्व में जो एक दूसरे से जुड़े और एक दूसरे पर निर्भर हैं, उस स्थिति में हम मानवता के पैदा हुई साझी चुनौतियों से मिलकर निपटने का प्रयास कर रहे हैं.

    एलेक्सांद्र जेगियर ने कहा कि बोंजोर इंडिया के तीसरे संस्करण में हम अपने गठजोड़ में नवोन्मेष एवं रचनात्मकता पर ध्यान दे रहे हैं. इसमें युवाओं पर खास जोर दिया गया है ताकि अपने संबंधों को नयी उर्जा एवं गति प्रदान कर सकें. संस्कृति एवं सहयोग मामलों के काउंसलर बर्नाड दा हार्टिंग ने कहा कि बोंजोर इंडिया सभी के लिये है और इसमें सभी शामिल हो सकते हैं. यह एक ऐसा कार्यक्रम है जो दुनिया को एकता के सूत्र में बांधता है.

    इस कार्यक्रम के बाद फ्रांस में भारत की ओर से नमस्ते फ्रांस कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा.

  • डॉक्टरों ने स्वच्छ हवा की मांग के लिए राजधानी में बच्चों से आग्रह किया

    डॉक्टरों ने स्वच्छ हवा की मांग के लिए राजधानी में बच्चों से आग्रह किया

     

     

    इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने दिल्ली के विद्यार्थियों से साफ हवा की सांस लेने के अधिकार का दावा करने के लिए कहा है और 13 नवंबर को उन्हें स्कूल की सुबह विधानसभा के दौरान काले मुखौटा / रूमाल पहनने का आग्रह किया है।

    विध्वंसकारी प्रभाव

    आईएमए के अध्यक्ष डॉ। के। के अग्रवाल ने कहा: “दिल्ली की हवा की गुणवत्ता वर्तमान में ‘गंभीर’ श्रेणी में है और हमारे बच्चों के विकास और स्वास्थ्य पर इसके विनाशकारी प्रभाव पड़ता है। बाल दिवस [14 नवंबर] को, आईएमए स्वच्छ वायु आंदोलन के माध्यम से वायु प्रदूषण के खिलाफ उनकी लड़ाई का समर्थन करेगा ”

    एसोसिएशन ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के सभी डॉक्टरों से भी कहा है कि वे प्रत्येक एक स्कूल में जाएं और वायु प्रदूषण और इसके खतरों के बारे में विधानसभा को संबोधित करें।

    क्रैकर प्रतिबंध

    गंभीर सलाहकार, गंभीर देखभाल, फुफ्फुसीय और नींद विकारों, इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल, डॉ। राजेश चावला ने कहा, “इस दिवाली में पटाखों पर प्रतिबंध के बावजूद, हवा की गुणवत्ता सूचकांक एक हद तक बिगड़ गया है, यह हवा एक सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरा बन गई है।” ।

    तत्काल कदम

    शहर के डॉक्टरों ने निवासियों को सुबह और शाम के घंटों के दौरान बाहरी गतिविधियों को बाहर करने या बाहर करने से बचाने की सलाह दी है।

    एम्स के डायरेक्टर डॉ। रांदीप गुलेरिया, एक पल्मोनोलॉजिस्ट, ने कहा: “लोगों को सुरक्षित रहने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने की जरूरत है। श्वसन और हृदय संबंधी समस्याओं वाले बुजुर्ग, बच्चे और रोगियों को सुबह या देर से शाम तक ज़ोरदार गतिविधि से बचना चाहिए। ”

    डॉक्टरों ने कहा कि बाजार में उपलब्ध मास्क फेफड़ों में आने से प्रदूषकों को रखने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकते हैं।

  • भारत में मरीजों को महज दो मिनट देखते हैं डॉक्टर

    भारत में मरीजों को महज दो मिनट देखते हैं डॉक्टर

     

     

    भारत में डॉक्टर मरीजों को औसतन महज दो मिनट ही देखते हैं. एक नये वैश्विक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है. इसमें कहा गया है कि दुनिया की आधी आबादी के लिए प्राथमिक चिकित्सा परामर्श पांच मिनट से भी कम का होता है जो कि बांग्लादेश में 48 सेकेंड और स्वीडन में 22.5 मिनट है.

    ब्रिटेन की चिकित्सा पर आधारित पत्रिका बीएमजे ओपन में कहा गया है कि भारत में प्राथमिक चिकित्सा परामर्श का समय 2015 में दो मिनट था, जबकि बगल के पाकिस्तान में 2016 में यह महज 1.79 मिनट का रहा.

    पत्रिका में शोधकर्ताओं ने लिखा है कि कम परामर्श समय मरीज के खराब स्वास्थ्य नतीजे से जुड़ा है और डॉक्टरों को जूझने के लिए ज्यादा जोखिम हो जाता है. दुनिया भर में प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा की मांग बढ़ने से परामर्श के समय पर दबाव बढ़ रहा है.

    मरीजों और स्वास्थ्य सुविधा तंत्र पर संभावित असर का पता लगाने के लिए शोधकर्ताओं ने 178 संबंधित अध्ययनों से परामर्श समय की समीक्षा की जिसमें 67 देशों और 2.85 करोड़ से ज्यादा परामर्श को समेटा गया है.

  • नोटबंदी पर मोदी सरकार दे रही है दो लाख रूपये, आप 30 नवंबर तक कर सकते हैं एप्लाई !

    नई दिल्ली। नोटबंदी के दौरान लोगों को अपने पैसे बैंकों से निकाले में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था. लेकिन एक साल पूरा होने पर मोदी सरकार 2 लाख रुपये नोटबंदी पर कविता, निबंध लेखन, चित्रकारी, वीडियो और ऐसी विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित करने पर दे रही है. जिसके लिए आप 30 नवंबर तक अप्लाई करने के बाद इसका फायदा उठा सकते हैं.
    प्रत्येक श्रेणी में विजेता को दो लाख रुपए, दूसरे स्थान पर रहने वाले को एक लाख रुपए और तीसरे स्थान पर रहने वाले को 50 हजार रुपए का ईनाम दिया जाएगा. इनके अलावा पांच लोगों को 25-25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी. इस प्रतियोगिता का उद्देश्य लोगों को नोटबंदी के फायदों और आर्थिक नीतियों के प्रति जागरूक करना हैं।

    केंद्र सरकार की वेबसाइट माईजीओवी डॉट इन पर जारी एक अधिसूचना के अनुसार इन प्रतियोगिताओं का मकसद लोगों को रचनात्मक तरीके से भ्रष्टाचार तथा कालाधन के खिलाफ मुहिम में जोड़ना है. उसमें कहा गया है कि इससे जागरूकता बढ़ाने और राष्ट्र के भविष्य की लड़ाई में आगे के कदम को प्रोत्साहित करने में और जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी.।
    इसमें कहा गया है कि आठ नवंबर 2016 की तिथि को देश के लिए स्वर्णाक्षरों में लिखा जाएगा. इसमें कहा गया है कि इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी की घोषणा की थी. नोटबंदी काला धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में क्रांतिकारी कदम था. जन भागीदारी का अप्रत्याशित प्रदर्शन करते हुए 125 करोड़ लोग देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रधानमंत्री के पीछे कंधा से कंधा मिलाकर खड़े हो गए थे.
    वेबसाइट पर निबंध प्रतियोगिता के लिए भ्रष्टाचार तथा कालाधन के खिलाफ रचनाएं मंगाई गई हैं. इसके साथ ही लोगों से इस लड़ाई को आगे और मजबूत करने संबंधी सुझाव भी मांगे गए हैं. वीडियो के लिए कहा गया है कि उनमें लड़ाई की उपलब्धियों और इसकी सामूहिक प्रकृति पर जोर दिया गया हो तथा यह लोगों को इससे जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करता हो. कविताएं लयबद्ध होनी चाहिए. रचनाएं भेजने की अंतिम तिथि 30 नवंबर है.।

    इसे भी पढ़े : नोटबंदी का एक साल : बीजेपी बोलेगी वाह-वाह, कांग्रेस करेगी हाय-हाय

    नोटबंदी से हुये कई फायदे, ब्याज में आई करीब एक प्रतिशत कमी: PMO

  • CBI प्रमुख- नोटबंदी की मदद से भ्रष्टाचार रोकने में मिली मदद

    CBI प्रमुख- नोटबंदी की मदद से भ्रष्टाचार रोकने में मिली मदद

     

     

    सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा के मुताबिक पिछले साल हुई सरकार की नोटबंदी की घोषणा से जांच एजेंसी के भ्रष्टाचार रोधी अभियान को बल मिला, साथ ही अवैध नकदी जमा रखने वाले अधिकारियों और लोगों का खुलासा किया गया. सीबीआई प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने आज यहां बताया कि नोटबंदी की घोषणा के बाद जांच एजेंसी ने इसके बाद से हुए अवैध करेंसी के लेनदेन से जुड़े दर्ज किए गए 84 मामलों में 396 करोड़ रूपये के कथित संदिग्ध कोष का खुलासा किया.

    दयाल ने कहा कि सीबीआई निदेशक ने नोटबंदी से जुड़े मामलों की जांच को शीर्ष वरीयता दी और इन मामलों की जांच कर रही टीम को निर्देश दिया कि वह समयबद्ध तरीके से जांच पूरी करे. प्रवक्ता ने बताया कि उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश दिया कि भ्रष्टाचार में संलिप्त सभी लोगों पर मामला दर्ज किया जाए.

    दयाल ने वर्मा के हवाले से बताया कि नोटबंदी ने सीबीआई को भ्रष्ट लोक सेवकों और अवैध नकदी रखने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर भ्रष्टाचार रोधी अपने अभियान को आगे बढ़ाने में मदद की.

    उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी ने 84 मामलों में संलिप्त पाए गए 307 आरोपियों में अब तक 21 लोकसेवकों और 26 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है. इन मामलों में सात प्राथमिक जांच भी शामिल हैं. ये मामले चलन से बाहर किए गए नोटों की वाणिज्यिक बैंकों, सहकारी बैंकों, डाक घरों, रेलवे और बीमा कंपनियों में फर्जीवाड़ा कर अदला – बदली करने से संबद्ध हैं.उन्होंने कहा कि अवैध रूप से नोटों की अदला – बदली करने, या चलन से बाहर किए गए नोटों को जमा करने में कुछ खास लोक सेवकों या अन्य लोगों के साथ सांठगांठ कर किए गए भ्रष्ट आचरण की देश भर में सीबीआई की सभी शाखाएं सक्रियता से जांच कर रही है.

    सीबीआई ने दावा किया है कि इसने यह सुनिश्चित किया कि कानून के इस तरह के उल्लंघन से जुड़ी हर सूचना पर ध्यान दिया जाए और जरूरत पड़ने पर छानबीन की जाए तथा मामले दर्ज किए जाएं.

    आलोक वर्मा ने कहा कि 12 मामलों में आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं और कुछ मामलों में कार्रवाई की सिफारिश की गई है. जांच एजेंसी ने आम लोगों से 92 शिकायतें प्राप्त की, जिसमें विभिन्न संगठनों में अवैध लेन देन होने की सूचना थी.

    उन्होंने बताया कि कुछ लोगों को काफी मात्रा में नकद करेंसी के साथ पकड़ा गया. चूंकि नयी करेंसी निकालने में लोगों पर कुछ पाबंदियां थी, इसलिए इस बारे में जांच चल रही है कि उनके पास इतनी अधिक मात्रा में राशि कैसे आ गई.

  • इन 5 तरीकों से अपना घर बचाएं स्मॉग से

    इन 5 तरीकों से अपना घर बचाएं स्मॉग से

     

     

    दिल्ली में स्मॉग ने एक बार फिर अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है. नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल (एनजीटी) ने कहा है कि दिल्ली में इमरजेंसी जैसी स्थिति है. एनजीटी ने दिल्ली के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा और यूपी को भी प्रदूषण रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. वहीं, ईपीसीए ने भी प्रदूषण के इस संकट से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं.

    केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की एजेंसी ‘सिस्टम ऑफ एअर क्वालिटी एंड वेदर फॉरकास्टिंग एंड रिसर्च’ (सफर) के मुताबिक दिल्ली में पिछले 24 घंटों में पीएम 2.5 और पीएम 10 का औसत स्तर 406 और 645 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा. यह सुरक्षित स्तर 60 और 100 से कई गुना अधिक है. दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के कई निगरानी केंद्रों ने प्रदूषण के सभी स्तर को पार कर जाने के कारण काम करना बंद कर दिया. ये 5 तरीके आपके परिवार को रखेंगे सुरक्षित…

    1. मास्क

    स्मॉग से बचने के लिए आप अगर सर्जिकल मास्क या सामान्य मास्क का इस्तेमाल कर रहे हैं तो संभल जाएं. इससे बचने के लिए आपको रेस्पिरेटरी मास्क इस्तेमाल करना ज़रूरी है. आपको ऐसे मास्क की ज़रुरत है जिसमें कार्बन फ़िल्टर लेयर हो. दुनिया भर में Honeywell, 3M और Cambridge मास्क सबसे बेहतर माने जाते हैं. ये सभी ऑनलाइन भी आसानी से खरीदे जा सकते हैं.2. एयर प्यूरीफायर
    घर को स्मॉग से बचाने के लिए एयर प्यूरीफायर अच्छा ऑप्शन है. फिलहाल मार्केट में 5 तरह के एयर प्यूरीफायर HEPA, Carbon, UV, Negative Ion और Ozone मौजूद हैं. इनमें से HEPA और Carbon टेक्नोलॉजी पर काम करने वाले सामान्य एयर प्यूरीफायर 5 से 10 हज़ार रुपए की रेंज में मिल जाते हैं. इनमें से Ozone और UV टेक्नोलॉजी सबसे बेहतर मानी जाती है.

    3. घर में लगाएं ये पौधे
    कुछ पौधे भी ऐसे हैं जो स्मॉग से राहत दे सकते हैं…

    Garden Mum (गुल दाउदी)

    Spider Plant (मुस्ली)

    Dracaena (ड्रेसीना)

    weeping fig (फिकस ट्री)

    Peace Lily (पीस लिली)

    Snake Plant (स्नेक प्लांट)

    Bamboo Palm (बांस)

    Aloe Vera (एलो वीरा)

    4. किचन में भी है राहत
    नीम
    नीम की पत्तियों को पानी में उबालिए

    इस पानी से नहाएं और चेहरा-बाल धोएं

    तुलसी
    तुलसी की पत्तियों को मिक्सी में पीस लें

    स्मॉग के दिनों में इसके जूस को पिएं

    हल्दी
    आधा चम्मच हल्दी को एक चम्मच शहद में मिलाएं

    इसे रोजाना सुबह खाली पेट खाएं

    स्टीमिंग
    स्मॉग से लौटें तो पिपरमेंट ऑयल डालकर पानी उबालें

    इस पानी से स्टीमिंग करें राहत मिलेगी

    5. एंटी पॉल्यूशन वॉल पेंट
    मार्केट में ऐसे पेंट भी मौजूद हैं जो पॉल्यूशन से बचाते हैं. ऐसे पेंट हवा में मौजूद धूल के कणों और कार्बन डाई ऑक्साइड को सोख लेते हैं. Royale Atmos के नाम एशियन पेंट्स ने भारत में भी ऐसा पेंट लॉन्च किया है.

  • भारत के इन दो राज्यों में है सबसे ज्यादा रोजगार के मौके

    भारत के इन दो राज्यों में है सबसे ज्यादा रोजगार के मौके

     

     

    देश में रोजगार के सबसे ज्यादा मौके बेंगलुरू और दिल्ली में है. बेंगलुरू में जहां आईटी उद्योग में सबसे ज्यादा मौके हैं तो दिल्ली में एमबीए और ई-कॉमर्स के क्षेत्र में सबसे ज्यादा रोजगार है. टैलेंट प्लेटफार्म यूथ4वर्क द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में यह जानकारी सामने आई है.

    इस सर्वेक्षण में बताया गया कि देश में आईटी उद्योग में सबसे ज्यादा मौके बेंगलुरू (35 फीसदी), हैदराबाद (23 फीसदी), दिल्ली (22.5 फीसदी), अहमदाबाद (19 फीसदी), मुंबई (15 फीसदी)और चेन्नई (11 फीसदी) में है. जबकि एमबीए और ई-कॉमर्स क्षेत्रों में दिल्ली (37 फीसदी), मुंबई (28 फीसदी), बेंगलुरू (21 फीसदी), अहमदाबाद (17 फीसदी), चेन्नई (14 फीसदी) और हैदराबाद (12 फीसदी) में सबसे ज्यादा नौकरियां है.

    सर्वेक्षण में बताया गया कि देश का ई-कॉमर्स उद्योग तेजी से बढ़ रहा है और जल्द ही यह अमेरिका को पीछे छोड़ देगा और अगले दस सालों में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी ई-कॉमर्स अर्थव्यवस्था वाला देश बन जाएगा. इस दौरान देश का ई-कॉमर्स उद्योग 30 फीसदी की रफ्तार से बढ़ेगा. आईटी और ई-कॉमर्स उद्योग में तेजी का प्रमुख कारण इंटरनेट का बढ़ता प्रयोग है.

    सर्वेक्षण में आगे कहा गया कि आईटी क्षेत्र में बढ़ोतरी के साथ इंजीनियर और कंप्यूटर साइंस के विशेषज्ञों की शिक्षा के क्षेत्र में भी मांग बढ़ेगी. आईटी क्षेत्र में 35.6 फीसदी की दर से बढ़ोतरी की उम्मीद है. देश का आईटी क्षेत्र दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी निर्यातक है.यूथ4वर्क के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रंचित जैन ने कहा, “प्रौद्योगिकी हमेशा बदलती है और उन्नत होती जाती है, इसलिए कर्मचारियों को भी समय-समय पर अपना कौशल बढ़ाने की जरूरत है.”

  • सुबह-ए-बनारस का आडवानी ने उठाया लुफ्त

    सुबह-ए-बनारस का आडवानी ने उठाया लुफ्त

     

     

    वाराणसी। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवानी ने अपना 90 वां जन्मदिन बाबा विश्वनाथ की नगरी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मनाया। वैसे तो आने वाली 8 नवम्बर को लालकृष्ण आडवानी का जन्मदिन पड़ता है। लेकिन शनिवार को देव दीपावली का लुफ्त उठाने के बाद यहां पर ही उन्होने अपने जीवन का 90 वां जन्मदिन दीपों के बीच मनाया। इसके बाद सुबह काशी का लुफ्त उठाते नजर आये। पार्टी के मार्गदर्शक मंजल के सदस्य और वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवानी ने देर रात देव दीपावली का लुत्फ उठाने के बाद सुबह बनारस का नजारा लेने का आनंद भी उठाया। इसके लिए वो भो में ही वाराणसी के भैंसासुर घाट आ पहुंचे थे।

    ठीक सूर्योदय के समय लालकृष्ण आडवानी भैंसासुर घाट पहुंच गए। सूत्रों की माने तो आडवानी की दिली इच्छा थी कि सुबह-ए-बनारस का नजारा देखा जाए इसके लिए उन्होने कई तैयारियां की थी। पहले ही सूर्योदय का समय पता किया था। ठीक सूर्योदय के समय वो इस नजारे को देखने पहुंच गए। भाजपा का ये दिग्गज कल शाम को बाबा की नगरी में देव दीपावली का नजारा देखने गंगा घाट तक आ पहुंचा। गंगा घाट पर देवताओं के स्वागत के लिए दीपों की कतारों को देख आडवानी बाग-बाग हो गए।

    पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में आडवानी का ये दौरा काफी चर्चा में भी है। इस दौरान उन्होने मोटरबोट में सवारी करते हुए इस प्राचीन शहर की इमारतों मंदिरों और भवनो का नजारा देखा। इसके साथ ही उन्होने गंगा की महाआरती का भी आनंद उठाया। इस दौरे में उनकी पुत्री प्रतिभा आडवानी भी मौजूद रहीं। समर्थकों में भैसासुर और खिड़किया घाट पर एक अदभुद रंगोली बनाई जिसमें लिखा था , श्री एल के आडवानी 90 इयर्स इसके साथ ही अपने जन्मदिन के पहले ही आडवानी ने अपना औपचारिक जन्मदिन मनाया। इस दौरान महामंडलेश्वर संतोष दास, पुत्री प्रतिभा, निजी सहायक दीपक चोपड़ा, भाजपा राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य अशोक धवन, आदि मौजूद रहे।





  • GST बैठक स्थल पर प्रदर्शन कर रहे गोगोई, दूसरे कांग्रेसी नेता हिरासत में

    GST बैठक स्थल पर प्रदर्शन कर रहे गोगोई, दूसरे कांग्रेसी नेता हिरासत में

     

     

    असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरूण गोगोई और अन्य वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं को गुरुवार प्रदेश पुलिस ने एक प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार कर लिया. ये लोग यहां एक होटल में चल रही जीएसटी परिषद की बैठक का विरोध कर रहे थे. गोगोई के अलावा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रिपुन बोरा, नेता विपक्ष देबब्रत सैकिया और पूर्व मंत्री रकीबुल हुसैन को भी गिरफ्तार किया गया.

    गुवाहाटी के पुलिस आयुक्त हिरेन चंद्र नाथ ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को बैठक स्थल के पास लागू धारा 144 के उल्लंघन पर गिरफ्तार किया गया. नाथ ने पीटीआई को बताया कि कांग्रेस जीएसटी परिषद के सामने प्रदर्शन करना चाहती थी. इसलिये उन्हें रोकना पड़ा. गिरफ्तार व्यक्तियों को बाद में निजी मुचलके पर जमानत दे दी गयी.

    कांग्रेस के प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी ने शहर में होने वाली जीएसटी परिषद की बैठक का स्वागत किया था लेकिन उसके नेता और कार्यकर्ता 28 फीसदी के कर ढांचे को पूरी तरह खत्म करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे.

    प्रवक्ता ने कहा कि सरकार का व्यवहार स्तब्धकारी था. उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी जाहिर की कि जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त गोगोई को पुलिस गिरफ्तारी के बाद सामान्य बस में लेकर गई. गुवाहाटी में आज से एक लग्जरी होटल में जीएसटी परिषद की दो दिवसीय बैठक हो रही है.

  • ओपिनियन पोल: गुजरात में इस बार भी खिलेगा कमल

    ओपिनियन पोल: गुजरात में इस बार भी खिलेगा कमल

     

     

    गुजरात विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां अपने चरम पर है. जीत के लिए बीजेपी और कांग्रेस पूरी ताकत झोंक चुकी हैं. गुजरात की सत्ता में बीजेपी 22 सालों से काबिज है हालांकि, इस बार बीजेपी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चेहरे के बिना चुनाव में उतरी है. ऐसे में गुजरात चुनाव उसके लिए नाक का सवाल बन गया है. लेकिन अल्पेश ठाकोर, हार्दिक पटेल और जिग्नेश मेवाणी की तिकड़ी बीजेपी के लिए सिरदर्द बनी हुई है. दूसरी ओर कांग्रेस भी गुजरात की सत्ता को वापस हासिल करने के लिए अपनी पूरे दमखम के साथ जुटी हुई है.

    कहा तो यहां तक जा रहा है कि ये चुनाव 2019 के लोकसभा चुनाव की नई इबारत लिखेगा. ऐसे में कौन बनेगा सरताज और किसके हौसले होंगे पस्त, सबकी निगाहें इस पर टिकी हुई हैं. बता दें कि गुजरात विधानसभा चुनाव दो चरणों में होने वाले हैं. चुनाव की वोटिंग 9 और 14 दिसंबर को होगी जबकि चुनाव के नतीजे का ऐलान 18 दिसंबर को होगा.

    कम हो सकती हैं बीजेपी की सीटें
    इसी बीच एक न्यूज चैनल के लिए लोकनीति और सीएसडीएस ने ओपिनियन पोल किया है. इस ओपिनियन पोल के मुताबिक बीजेपी फिर से गुजरात में सत्ता हासिल करेगी. हालांकि उसे कई मुद्दों की वजह से नुकसान भी उठाना पड़ेगा जिससे उसकी सीटों में कमी आएगी. बीजेपी को चुनाव में 113-121 सीटें मिल सकती हैं. वहीं दूसरी बड़ी पार्टी कांग्रेस को 58-64 सीटें मिलने के आसार हैं.वोट शेयर में भी बीजेपी आगे
    इस ओपिनियन पोल के अनुसार महिलाओं का झुकाव सबसे ज्यादा बीजेपी की ओर है. अगर वोट शेयर की बात करें तो इस ओपिनियन पोल के मुताबिक बीजेपी को 47 फीसदी जबकि कांग्रेस को 41 फीसदी वोट मिलने की संभावना दिखाई पड़ रही है.

    सीएम के रूप में रूपाणी पहली पसंद
    गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में लोगों की पहली पसंद विजय रूपाणी ही हैं. सर्वे के मुताबिक उन्हें 18 फीसदी लोग पसंद करते हैं जबकि आनंदीबेन पटेल को केवल 7 फीसदी लोग ही पसंद करते हैं.

    इस सर्वे से ये साफ हो गया है कि भले ही कांग्रेस का जीतने का सपना साकार न हो पाए लेकिन उसके वोट प्रतिशत में पिछले साल के मुकाबले इजाफा जरूर होगा. वहीं बीजेपी की सीटें पिछले साल की अपेक्षा कम जरूर होंगी लेकिन इस बार का गुजरात में जीत का सेहरा उसी के सिर बंधेगा.