दिल्ली-एनसीआर में बुधवार को भी स्मॉग का असर है. पूरे एरिया में धूल, ह्यूमिडिटी ज्यादा होने और हवा की रफ्तार कम होने के कारण एयर क्वालिटी बहुत खराब है.
स्मॉग को देखते हुए दिल्ली सरकार ने आज (बुधवार को) सभी प्राइमरी स्कूलों को बंद रखा है. सरकार का कहना है कि स्थिति बेहतर नहीं हुई तो स्कूल को आगे भी कुछ दिनों के लिए बंद किया जा सकता है.
नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल (एनजीटी) ने कहा है कि दिल्ली में इमरजेंसी जैसी स्थिति है. एनजीटी ने दिल्ली के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा और यूपी को भी प्रदूषण रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं.
वहीं, ईपीसीए ने भी प्रदूषण के इस संकट से निबटने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायू प्रदूषण के ‘खातरनाक’ स्तर पर पहुंचने के बाद इसे रोकने के लिए हरित निकायों ने आज ‘समन्वित और व्यवस्थित’ कार्य योजना की वकालत की है. प्रदूषण ने यहां रहने वालों की स्वास्थ्य चिंता बढा दी है. हरित निकायों (टेरी तथा ग्रीनपीस इंडिया) ने वायू प्रदूषण को रोकने के संबंध में सरकार को कुछ सिफारिश भी की है. इस साल यह दूसरा मौका है जब दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 448 दर्ज किया गया है.
भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने दिल्ली में सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर आपात स्थिति बताते हुए सरकार से अपील की है कि स्कूलों में आउटडोर खेलों और ऐसी अन्य गतिविधियों पर रोक लगाई जाए. दिल्ली सरकार ने बच्चों, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं और दमा और हृदय से जुड़ी अन्य बीमारियों सहित ऐसे लोगों के लिए स्वास्थ्य परामर्श जारी किया है. इनके इससे प्रभावित का खतरा अधिक है.
उच्चतम न्यायालय की सिफारिश पर श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (जीआरएपी) को लागू करने के लिए बनाए गए पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण ने कहा कि अगले नोटिस तक योजना के अनुसार गंभीर श्रेणी के लिए तय सभी उपायों पर अमल किया जाएगा.
कम दृश्यता के कारण उड़ानों का परिचालन प्रभावित हुआ. 300 उड़ानों का परिचालन दो घंटे तक की देरी से किया गया क्योंकि तीन में से केवल एक रनवे का इस्तेमाल किया गया. वहीं दिल्ली आने वाली 25 ट्रेन विलंबित हुईं. वायु गुणवत्ता सूचकांक 500 के पैमाने पर 448 अंक के साथ गंभीर स्तर पर मापा गया और इस साल दूसरी बार यह इस श्रेणी में गया है. इससे पहले 20 अक्तूबर को दीवाली की आतिशबाजी के बाद प्रदूषण का स्तर 403 तक पहुंच गया था.
केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की एजेंसी सिस्टम ऑफ एअर क्वालिटी एंड वेदर फॉरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी में पिछले 24 घंटों में पीएम 2.5 और पीएम 10 का औसत स्तर 406 और 645 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा. यह सुरक्षित स्तर 60 और 100 से कई गुना अधिक है.
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के कई निगरानी केंद्रों ने प्रदूषण के सभी स्तर को पार कर जाने के कारण काम करना बंद कर दिया.
सीपीसीबी के वायु प्रयोगशाला के प्रमुख दीपांकर साहा ने कहा कि धुंध को स्मॉग नहीं कहा जा सकता है क्योंकि दिल्ली की हवा में गैसीय प्रदूषकों सल्फर ऑक्साइड और नाइट्रोजन डाई-ऑक्साइड का स्तर सुरक्षित सीमा से परे नहीं गया है.