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  • बलात्‍कारी को 6 महीने में हो फांसी: अरविंद केजरीवाल

    बलात्‍कारी को 6 महीने में हो फांसी: अरविंद केजरीवाल

     

     

    दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने समाज में बढ़ते महिला अपराधों को रोकने के लिए सुझाव दिया है. अरविंद ने कहा है कि बलात्‍कारी को 6 महीने में फांसी हो, तभी यहां बलात्‍कार रुकेंगें.

    दिल्‍ली महिला आयोग की अध्‍यक्ष स्‍वाति जयहिंद के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए केजरीवाल ले कहा है कि बलात्‍कारियों पर कार्रवाई के लिए जितनी भी नई अदालतें चाहिए, दिल्‍ली सरकार उन्‍हें बनाने के लिए पैसे देने काे तैयार है.

    बता दें कि स्‍वाति जयहिंद ने दिल्‍ली में सात साल की बच्‍ची के दुष्‍कर्म की शिकार होने के बाद ट्वीट किया था. जिसमें उन्‍होंने कहा कि देश में बच्‍चों के दुष्‍कर्म रोकने की मानसिकता बदलनी होगी. डर पैदा करना होगा. हर हाल में दुष्‍कर्मी को 6 महीने में फांसी देनी होगी. स्‍वाति ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से इस मामले में उच्‍च स्‍तरीय बैठक बुलाने की एक बार फिर मांग भी की है.

    स्‍वाति के इसी ट्वीट को रीट्वीट करते हुए मुख्‍यमंत्री केजरीवाल ने दुष्‍कर्मियों पर तत्‍काल कार्रवाई की मांग की है. इसके लिए केजरीवाल सरकार ने अदालतों के निर्माण में पैसे देने के लिए भी कहा है.

  • नोटबंदी: कितनी हकीकत और कितना फ़साना!

    नोटबंदी: कितनी हकीकत और कितना फ़साना!

     

     

    बीते साल 8 नवंबर को मोदी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 500 और 1000 के नोटों को बैन कर दिया था. नोटबंदी के लिए कालाधन, नकली करेंसी, आतंकवाद पर रोक और कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा देना बताया गया था. इस फैसले के बाद बैंकों और ATM पर लंबी लाइनें देखने को मिलीं और फ़ोर्ब्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक इससे प्रभावित 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई. जानिए नोटबंदी को लेकर जो दावे किए गए थे वो कितने सही थे..

    1. दावा: 3 लाख करोड़ रुपए की ब्लैक मनी बर्बाद हो जाएगी.

    हकीकत: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संसद में बताया कि 1.48 लाख बैंक खातों में 1.48 लाख करोड़ रुपये जमा किए गए. हर खाते में कम से कम 80 लाख रुपये जमा किए जबकि खातों में औसत डिपोजिट 3.3 करोड़ रुपये रहा. उधर RBI के मुताबिक 99.3% पुराने नोट सिस्टम में वापस आ गए हैं. इसका मतलब कुल 15.44 लाख करोड़ रुपए में से 15.28 लाख करोड़ वापस आ गए. तो कालाधन कहां गया?

    2. दावा: नोटबंदी से नकली करेंसी से मुक्ति मिलेगीहकीकत: बीते एक साल में सिस्टम में 20% नकली करेंसी बढ़ गई है. नए 2000 और 500 के भी नकली नोट पकड़े जा रहे हैं.

    3. दावा: सिस्टम में कैश आएगा जिससे टैक्स कलेक्शन में इजाफा होगा

    हकीकत: टैक्स जमा करने वालों की संख्या में 2% की गिरावट देखी गई. टैक्स फ़ाइल करने वालों की संख्या में 25% का इजाफा दर्ज किया गया जबकि पिछले साल ये 27% था. हालांकि टैक्स कलेक्शन 20% तक बढ़ गया.

    4. दावा: डिजिटल लेनदेन बढ़ेगा

    हकीकत: शुरुआत में जब तक नए नोट उपलब्ध नहीं थे इसके अच्छे नतीजे दिखे. हालांकि अप्रैल में जैसे ही बैंकों को नए नोट मिलने लगे डिजिटल लेन-देन घटने लगा. पिछले साल नवंबर महीने में 67.14 करोड़ डि‍जिटल ट्रांजेक्शन हुए थे. दिसंबर महीने में य‍ह बढ़कर 95.750 करोड़ पर पहुंच गए. हालांकि इस साल जुलाई तक यह आंकड़ा घटकर 86.23 करोड़ पर आ गए.

    रिकॉर्ड्स के मुताबिक आरटीजीएस और एनईएफटी ट्रांसफर 2016-17 में क्रमश: 6 फीसदी और 20 फीसदी बढ़े हैं. हालांकि पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया के मुताबिक नोटबंदी के बाद कैशलेस लेनदेन की रफ्तार 40 से 70 फीसदी बढ़ी है.

    5. दावा: इकोनॉमी को होगा फायदा

    हकीकत: GDP में 2% की गिरावट दर्ज की गई. पहली तिमाही में जीडीपी वृद्ध‍ि दर घटकर 6.1 फीसदी पर आ गई. पिछले साल इसी अव‍धि के दौरान यह 7.9 फीसदी पर थी. इसके बाद अप्रैल-जून तिमाही में वृदि्ध दर और भी कम हुई और यह 5.7 फीसदी पर पहुंच गई. पिछले साल इस दौरान यह 7.1 फीसदी पर थी. इसके आलावा नए नोटों की छपाई पर 7900 करोड़ रुपए खर्च हुए जबकि पहले ये रकम 3400 करोड़ रुपए थी. पुराने नोटों को संभालने में RBI ने 17,400 करोड़ रुपए खर्च किए जबकि पहले ये खर्च सालाना 500 करोड़ रुपए था.

  • मजदूरों के फंड से खरीदे गए लैपटॉप, वॉशिंग मशीन, SC हैरान

    मजदूरों के फंड से खरीदे गए लैपटॉप, वॉशिंग मशीन, SC हैरान

     

     

    निर्माण श्रमिकों के हितों पर खर्च किए जाने को जमा 29,000 करोड़ रुपए के कोष में से लैपटॉप और वॉशिंग मशीन खरीदे जाने और वास्तविक उद्देश्यों पर केवल 10 फीसदी खर्च होने की बात सामने आने पर
    सर्वोच्च न्यायालय ने हैरानी जताई है.
    सर्वोच्च न्यायालय ने इस प्रकार के कार्य व्यवहार को हैरान और बहुत चिंता पैदा करने वाला बताया.

    कोर्ट ने कहा कि निर्माण श्रमिक कानून के तहत उपकर लगाकर सरकार की ओर से एकत्रित किए गए धन को लाभार्थियों के कल्याण पर खर्च किए जाने के बजाए बेकार किया गया और दूसरे कामों में लगाया गया.

    न्यायाधीश मदन बी लोकर और न्यायाधीश दीपक गुप्ता की खंडपीठ ने केंद्रीय श्रम सचिव को 10 नवंबर से पहले न्यायालय में पेश होने का निर्देश दिया है. साथ ही ये बताने को कहा है कि ये अधिनियम कैसे लागू किया और क्यों इसका दुरुपयोग हुआ.

    इससे पहले न्यायालय के कहने पर नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) ने न्यायालय में शपथ पत्र दाखिल किया था, जिसमें हैरान करने वाली जानकारी दी गई थी. कैग ने बताया कि निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए एकत्र किए धन से उनके लिए लैपटॉप और वॉशिंग मशीन खरीदे गए.नेशनल कैंपेन कमेटी फॉर सेंट्रल लेजिस्लेशन ऑन कंस्‍ट्रक्‍शन लेबर नाम के गैर सरकारी संगठन ने जनहित याचिका दायर करके आरोप लगाया था कि रीयल एस्टेट कंपनियों से निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों के लिए कल्याण के लिए उपकर लगाकर पूंजी एकत्र की गई थी. उन्होंने कहा था कि इस पूंजी का सही से इस्तेमाल नहीं हो रहा है क्योंकि लाभ देने के लिए लाभार्थियों की पहचान के लिए कोई तंत्र नहीं है.

    शीर्ष अदालत ने कहा कि कानून का दुरुपयोग किया जा रहा है, क्योंकि लाभार्थियों (निर्माण श्रमिकों) को वो लाभ नहीं दिया गया, जिसके वो हकदार थे और उनके लिए एकत्रित धन को श्रम कल्याण बोर्डों ने यदि हड़पा न हो तो भी उसको बर्बाद ज़रूर किया है.

    न्यायालय ने केंद्र और राज्य सरकारों को आड़े हाथों लेते हुए टिप्पणी कि निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए भारी मात्रा में इस क्षेत्र से 29,000 करोड़ रुपए एकत्र किया गया और उसका दस फीसदी भी निर्माण श्रमिकों के कल्याण पर नहीं खर्च किया गया.

    न्यायालय ने 2015 नाराज़गी जताई थी कि 26,000 करोड़ रुपए की विशाल राशि बिना खर्च किए पड़ी है. इससे बुरी बात और क्या हो सकती है.

  • Cyber Crime : ऐसे करें साइबर अपराध से बचाव, एटीएम से पैसा निकालते वक्त रखें इन बातों का ध्यान

    लखनऊ। सुविधाओं के आधुनिक दौर में साइबर अपराधियों की नजर हमेशा इसका लाभ उठाने वाले ग्राहकों की कमाई पर लगी हुई है। ऐसे करें साइबर अपराध से बचाव- इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल सर्वजनिक कंप्यूटर सिस्टम पर करने से बचें।- पासवर्ल्ड डालने के बाद रिमेंबर पासवर्ल्ड को कभी ओके न करें।- लालच देने वाले विज्ञापन या पॉप अप एड को क्लिक न करें।- डेबिट कार्ड से पेमेंट करते वक्त ध्यान दें कि आप खुद ही कार्ड स्वाइप करें। साथ ही देख लें कि मशीन में कोई स्कीमर न लगा हो।- डेबिट कार्ड के पीछे लिखे सीवीवी नंबर को हमेशा छुपाकर रखें।- फर्जी ईमेल से बचें, इससे आपके कंप्यूटर को हैक किया जा सकता है।- ई-वॉलेट एप पर पैसे जितना कम रखें, उतना सुरक्षा के लिहाज से बेहतर रहेगा।- एटीएम में पैसा निकालते वक्त ध्यान रखें कि कोई अपनी गुप्त सूचनाएं न देख रहा हो। इससे कार्ड क्लोनिंग का खतरा रहता है। ऑनलाइन साइबर अपराधियों की गतिविधियों का आलम राजधानी लखनऊ में यह देखने को मिला है कि गत एक साल में साइबर अपराध में बड़ा उछाल आया है। महज लखनऊ में ही साइबर अपराधियों ने विगत महीनोे में लोगों के खातों से एक करोड़ रुपये पर डाका डाल दिया। इस साल साइबर सेल में 1600 साइबर क्राइम की रिपोर्ट दर्ज हुई है। वहीं साल 2016 में यह आकड़ा 986 केस तक था। नोटबंदी के बाद तेजी से बढ़ा साइबर अपराध साइबर सेल के अधिकारियों का कहना है कि नोटबंद के बाद लोगों ने ज्यादा से ज्यादा ई-कॉमर्स का इस्तेमाल शुरु किया। ई-वॉलेट, पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) समेत अन्य ऑनलाइन लेन-देन व्यवस्थाओं का तेजी से उपयोग किया। इसके बाद साइबर अपराधियों ने लोगों को तेजी से अपना शिकार बनाना शुरु कर दिया।

    इसका आलम यह रहा कि साइबर क्राइम का ग्राफ काफी तेजी से बढ़ा है। वहीं लखनऊ में सभी मामलों को मिलाकर लोगों से एक करोड़ रूपये से अधिक की ऑनलाइन ठगी हुई। कार्ड क्लोनिंग, ई-वॉलेट समेत कई हथकंडे साइबर अपराधी इन दिनों कार्ड क्लोनिंग ही नहीं बल्कि ई-वॉलेट में पैसा रखने वालों को भी अपना निशाना बना रहे हैं। वहीं ई-कॉमर्स में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने की जगह डेबिट कार्ड का उपयोग करने वाले साइबर अपराधियों का आसान निशाना साबित हो रहें। साथ ही मैलवेयर (कंप्यूटर सिस्टम पर फर्जी पॉपअप विंडो, फर्जी सूचनाएं, संदेहपूर्ण गूगल सर्च), की-स्ट्रोक लॉगिंग व अन्य तरिकों से लोगों को शिकार बनाया जा रहा है। वहीं साइबर सेल के अधिकारियों का कहना है कि अगर पीड़ित ऐसे मामलों की तुरंत शिकायत दर्ज कराएं तो ज्यादा से ज्यादा केस सुलझाएं जा सकते हैं।

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    ‘‘डेयर एंड ब्रेव’’ खतरनाक गेम, रहें सावधान

  • ‘पैराडाइज पेपर्स’ में 714 भारतीयों के नाम, अमिताभ बच्चन- जयंत सिन्हा भी शामिल

    ‘पैराडाइज पेपर्स’ में 714 भारतीयों के नाम, अमिताभ बच्चन- जयंत सिन्हा भी शामिल

     

     

    नोटबंदी की सालगिरह के दो दिन पहले ‘कालाधन’ और ‘भ्रष्टाचार’ को लेकर अहम खुलासा हुआ है. ‘पनामा पेपर्स’ का खुलासा करने वाले जर्मनी के अखबार ‘जीटॉयचे साइटुंग’ ने ये ‘पैराडाइज पेपर्स’ को लेकर हैरान करने वाले खुलासे किए हैं. ‘पैराडाइज पेपर्स’ में फर्जी कंपनियों, फर्मों से जुड़े कुल 1.34 करोड़ दस्तावेज शामिल हैं. जिनमें अमिताभ बच्चन, केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा समेत 714 भारतीयों के नाम सामने आए हैं.

    इंटरनेशनल कॉन्सोर्टियम ऑफ इंवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (ICIJ) ने 96 मीडिया ऑर्गेनाइजेशन के साथ मिलकर ‘पैराडाइज पेपर्स’ नाम के दस्तावेजों की जांच की है. इसमें दुनिया भर में ताकतवर लोगों का पैसा विदेशों में भेजने वाले फर्मों और फर्जी कंपनियों के बारे में बताया गया है.

    ‘पैराडाइज पेपर्स’ में 180 देशों के नाम शामिल
    अंग्रेजी अखबार ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर के मुताबिक, ‘पैराडाइज पेपर्स’ में 180 देशों के नाम हैं. जिसमें भारत 19वें नंबर पर है. इनमें बड़ी-बड़ी विदेशी कंपनियों के भी नाम हैं.बरमूडा की लॉ फर्म ‘एप्पलबी’ के सबसे ज्यादा डॉक्यूमेंट्स
    ‘पैराडाइज पेपर्स’ में सबसे ज्यादा दस्तावेज बरमूडा की लॉ फर्म ‘एप्पलबी’ (Appleby) के हैं. 119 साल की इस कंपनी में वकीलों, अकाउंटेंट्स और बैंकर्स का एक बड़ा नेटवर्क है. ये नेटवर्क दुनियाभर के अमीरों और ताकतवर लोगों का पैसा विदेशों में मैनेज करते हैं. उनके लिए कंपनियां सेट अप करते हैं.

    बता दें कि ‘एप्पलबी’ की दूसरी सबसे बड़ी क्लाइंट एक इंडियन कंपनी है, जिसकी दुनियाभर में करीब 118 सहयोगी कंपनियां हैं. इस कंपनी के इंडियन क्लाइंट्स में कुछ बड़े कॉर्पोरेट्स और कंपनियां हैं. ईडी और सीबीआई इनमें से कुछ कंपनियों की छानबीन कर रही है.

    इन भारतीयों के नाम शामिल
    ‘पैराडाइज पेपर्स’ में केंद्रीय विमानन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा, बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन, बीजेपी से राज्यसभा सांसद और कारोबारी आरके सिन्हा, संजय दत्त की पत्नी मान्यता दत्त के पुराने नाम दिलनशीं, नीरा राडिया, विजय माल्या, कार्ति चिदंबरम का जिक्र है.

    बरमूडा की कंपनी में बिग बी के शेयर्स
    रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिग बी के बरमूडा की एक कंपनी में शेयर्स होने का खुलासा हुआ है. वहीं, केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा का नाम ‘ओमिड्यार नेटवर्क’ में साझेदारी को लेकर सामने आया है. राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा की कंपनी ‘एसआईएस सिक्यॉरिटीज’ का नाम भी ‘पैराडाइज पेपर्स’ में है.

    डोनाल्ड ट्रंप और एलिजाबेथ-2 का नाम भी शामिल
    ‘पैराडाइज पेपर्स’ में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रू़डो के चीफ फंडरेज़र, इंग्लैंड की क्वीन एलिजाबेथ-2 का नाम भी सामने आया है. ट्रंप के आईसीआईजे (ICIJ) ने ‘पैराडाइज पेपर्स’ में ट्रंप के अरबपति कॉमर्स सेक्रेटरी विलबर रॉस और रूस के बीच रिश्ते, कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रू़डो के चीफ फंडरेज़ के खुफिया लेनदेन, मेडिकल और कंज्यूमर बेस्ड कंपनियों में क्वीन एलिजाबेथ- 2 के शेयर्स के दस्तावेज रिलीज किए हैं.

    पुतिन के दामाद के भी दस्तावेज
    ‘पैराडाइज पेपर्स’ में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दामाद रॉश का नाम भी सामने आया है. रॉश अरबपति इंवेस्टर हैं. नेविगेटर होल्डिंग्स में उनके कुल 31 फीसदी स्टैक्स हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, रॉश की प्राइवेट इक्विटी फर्म नेविगेटर में सबसे बड़ी शेयरहोल्डर है.

    सामने आए इन कॉरपोरेट्स हाउस के नाम
    जीएमआर ग्रुप, अपोलो टायर्स, हेवेल्स, हिंदूजा समूह, एम्मार एमजीएफ, विडियोकॉन, हीरानंदानी समूह, डीएस कंस्ट्रक्शन, यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड इंडिया और डिएगो के दस्तावेज भी लीक हुए हैं.

    बता दें कि ‘पैराडाइज पेपर्स’ कुछ और दस्तावेज अभी रिलीज होने बाकी हैं. माना जा रहा है कि इसमें कई और जाने-माने अमीर और ताकतवर लोगों के नाम आ सकते हैं.

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  • मिलेनियम सिटी को अपनी पहली महिला महापौर मिलती है

    मिलेनियम सिटी को अपनी पहली महिला महापौर मिलती है

     

     

    वार्ड नं। 7 के भाजपा नगरसेवक मधु आजाद शुक्रवार को गुरुगुराम की पहली महिला महापौर बन गए।

    भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और नौकरशाहों की मौजूदगी में उन्हें जॉन हॉल में पार्षदों की बैठक में निर्विरोध चुन लिया गया।

    सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पदों को भी महिला काउंसलर्स ने जीता था।

    भाजपा के लिए समर्थन

    हालांकि, बीजेपी को भारी झटका लगा है, जिसकी 35 सभाओं में 26 नगरपालकों की ताकत है, कांग्रेस के नेता गजे कहलाना की पत्नी प्रमिला गजे कहलाना, जो वार्ड नं। 9 से जीते, को भाजपा के ब्रह्म को पराजित करने वाले वरिष्ठ उप-महापौर के रूप में चुना गया। प्रकाश यादव

    सदन में 26 भाजपा नगर पार्षदों में से 14 ने पार्टी के प्रतीक पर जीत हासिल की थी और 12 निर्दलीय पार्टी बाद में पार्टी में शामिल हुई थी।

    भाजपा की सुनीता, जो वार्ड संख्या 33 से जीती थी, को बिना विपक्ष के उपमहाध्यक्ष चुना गया था। उन्होंने नगरपालिका के चुनाव में एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था, लेकिन बाद में केंद्रीय मंत्री राज्य योजना और स्थानीय सांसद इंदरजीत सिंह की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हुए और पांच अन्य शामिल हुए।

    यद्यपि महापौर और दो डेप्युटी के पदों को दिवाली से पहले भरे जाने की संभावना थी, लेकिन देरी का कारण था क्योंकि श्री सिंह और हरियाणा के पीडब्ल्यूडी मंत्री राव नरबीर द्वारा प्रतिनिधित्व वाले दो गुटों द्वारा स्वीकार किए गए उम्मीदवारों के नाम पर समझौता नहीं किया जा सकता था। सिंह।

    हालांकि, सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि पिछले तीन दिनों में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बरला और वरिष्ठ पार्टी नेताओं के बीच कई बैठकों के बाद सभी तीनों पदों को पार्टी के प्रतीक पर जीत हासिल करने वाले पार्षदों में जाना चाहिए।

    आंतरिक संघर्ष

    हालांकि महापौर और उप-महापौर पद के लिए पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार निर्वाचित हुए, वार्ड संख्या 13 के नगर पार्षद ब्रह्म प्रकाश यादव को 11 वोटों के अंतर से वरिष्ठ उप-महापौर पद के लिए काबलाना से हार गए।

    सूत्रों ने दावा किया कि इंदरजीत शिविर ने खराब प्रदर्शन किया और श्रीमती काबला के पक्ष में मतदान किया जिसमें श्री यादव को हराया गया था, जिन्हें पीडब्ल्यूडी मंत्री के करीब माना जाता है।

    “इंद्रजीत के शिविर में 23 नगरपालिकाएं थीं और सुश्री काबलाना को वोटों की इसी संख्या में ही वोट मिला था। बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, यह स्पष्ट संकेत है कि भाजपा के उम्मीदवार के लिए किसने पिच को खारिज किया था। ”

    स्थानीय एमपी के शिविर ने हालांकि, आरोपों का खंडन किया और कहा कि उनके पास केवल 18 पार्षदों का समर्थन है।

    भाजपा प्रवक्ता रमन मलिक ने कहा कि सीनियर डिप्टी मेयर का परिणाम का विश्लेषण किया जाएगा।

  • वाजपेयी ने पवार को NDA में शामिल होने का दिया था न्यौता: प्रफुल्ल पटेल

    वाजपेयी ने पवार को NDA में शामिल होने का दिया था न्यौता: प्रफुल्ल पटेल

     

     

    अटल बिहारी वाजपेयी ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार को 1999 में एनडीए में शामिल होने का निमंत्रण दिया था, जब वो प्रधानमंत्री थे लेकिन मराठा नेता ने विनम्रतापूर्वक पेशकश को ठुकरा दिया. ये बात सोमवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री और पार्टी के नेता प्रफुल्ल पटेल ने कही.

    पटेल ने कहा कि पवार ने बीजेपी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल होने की पेशकश को ठुकरा दिया क्योंकि उनका मानना था कि उनकी विचारधारा उनसे नहीं मिलती है.

    एनसीपी की दो दिवसीय चिंतन बैठक में पटेल ने कहा, ‘1999 में वाजपेयी ने पवार साहब को एनडीए में शामिल होने का न्यौता दिया था लेकिन उन्होंने विनम्रतापूर्वक पेशकश ठुकरा दी.’ चिंतन बैठक रायगढ़ जिले के करजट में हो रही है.

    पटेल ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला, ममता बनर्जी, एम करुणानिधि, नीतीश कुमार, नवीन पटनायक और रामविलास पासवान जैसे कई नेता एनडीए में शामिल हो गए और उनमें से अधिकतर अब सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं.पटेल ने कहा, ‘कई वाजपेयी सरकार में शामिल होने के लिए तैयार थे लेकिन पवार साहब ने निमंत्रण ठुकरा दिया. पवार साहब ने एनडीए में शामिल नहीं होने का निर्णय किया क्योंकि उनका मानना था कि उनकी विचारधारा उनसे नहीं मिलती.’ उन्होंने कहा, ‘अगर वो गठबंधन में शामिल हो गए होते तो कोई आपत्ति नहीं करता.’

    पूर्व नागर विमानन मंत्री ने कहा कि अगर 76 वर्षीय नेता ने पेशकश स्वीकार कर ली होती तो वाजपेयी सरकार में उन्हें तत्कालीन गृह मंत्री लालकृष्ण आडवाणी के साथ दूसरा स्थान हासिल हो जाता.

    पटेल ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अगला चुनाव लड़ने के लिए तैयार रहने को कहा और कहा कि 2019 एनसीपी का वर्ष होगा. उन्होंने कहा, ‘ये हमारे पवार साहब का वर्ष होगा.’

  • कामकाजी महिलाएं अब यौन उत्पीड़न की कर सकती हैं ऑनलाइन शिकायत

    कामकाजी महिलाएं अब यौन उत्पीड़न की कर सकती हैं ऑनलाइन शिकायत

     

     

    केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न संबंधी शिकायतों को ऑनलाइन दर्ज कराने के लिए आज ऑनलाइन शिकायत प्रबंधन प्रणाली ‘एसएचई बॉक्स’ (यौन उत्पीड़न इलेक्ट्रॉनिक बॉक्स) शुरू किया. उन्होंने कहा कि शिकायत दर्ज होने के दिन से ही उस पर कार्रवाई शुरू होगी.

    ‘एसएचई बाक्स’ (यौन उत्पीड़न इलेक्ट्रॉनिक बॉक्स) महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय की वेबसाइट पर होगा. मेनका ने बताया कि उनके मंत्रालय के तहत एक प्रकोष्ठ ऑनलाइन दर्ज करवाई गई प्रत्येक शिकायत को देखेगा. वह इसे संबद्ध संगठन की आतंरिक शिकायत समिति के साथ साझा करेगा. कानून के तहत ऐसी समिति बनाना अनिवार्य है.

    शिकायतकर्ता इस समिति द्वारा की जारी जांच की स्थिति पर भी नजर रख सकेगी. उन्होंने कहा कि अभी तक मंत्रालय ने सरकारी महिला कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाने के लिए एक हेल्पलाइन शुरू की थी. इस पर मंत्रालय को 346 शिकायतें मिलीं.

    मेनका गांधी ने कहा कि उनका मंत्रालय शिकायत मिलने के दिन से ही उस पर कार्रवाई करने लगता है. उन्होंने कहा कि इन शिकायतों पर कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस और गृह मंत्रालय सहित अन्य मंत्रालयों के अधिकारियों के साथ समन्वय किया जाता है.उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे अपनी वास्तविक समस्याओं की ऑनलाइन शिकायत अवश्य कराएं. लेकिन वे इसका उपयोग किसी ‘हल्की शिकायत’ के लिए नहीं करें. उन्होंने कहा कि ‘हल्की शिकायत’ करने से इसका उद्देश्य ही विफल हो जाता है.

    मेनका ने बताया कि उनके मंत्रालय ने पहले भी सरकारी कर्मचारियों के लिए एक वेब पेज शुरू किया था, जिसका विस्तार अब निजी क्षेत्र के लिए भी किया गया है. एसएचई बॉक्स का इस्तेमाल करने वालों के पास पोर्टल के जरिए महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय के अधिकारियों से संवाद करने का विकल्प होगा. उन्हें निश्चत समयावधि में जवाब दिया जाएगा.

    इस पोर्टल में उन 112 संगठनों की जानकारी भी दी गई है, जिन्हें महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न मुद्दे पर कार्रवाई के लिए प्रशिक्षण (कार्यशाला चलाने) के लिए सूचीबद्ध कर रखा है.

    कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न कानून 2013 के तहत 10 या अधिक कर्मचारी वाले किसी भी संगठन के लिए आतंरिक शिकायत समिति का गठन करना अनिवार्य है, जो यौन उत्पीड़न संबंधी शिकायतों का निस्तारण कर सके.

  • व्यवसाय वसूली के लिए बच्चे के कदम उठाते हैं

    व्यवसाय वसूली के लिए बच्चे के कदम उठाते हैं

     

     

    राजनयिकरण के कुछ महीनों के बाद, किनारी बाजार के व्यापारियों ने कहा कि वे सुबह अपनी दुकान खोलने और पूरे दिन अपने मोबाइल फोन पर वीडियो देख रहे थे या मक्खियों को स्विटिंग करते थे क्योंकि उनके पास कोई ग्राहक नहीं था।

    मार्च तक, नकद स्वतंत्र रूप से फिर से उपलब्ध था और व्यवसाय धीरे-धीरे ठीक हो गए। लेन-देन नकद लेनदेन के लिए वापस आ गया था, क्योंकि व्यापारियों ने व्यापार के तरीके को बदलने में विफल रहा। कई दुकानों ने डेबिट कार्ड मशीनों के लिए आवेदन किया था और मोबाइल वेलेट्स के माध्यम से भुगतान स्वीकार करना शुरू कर दिया था, यह कहा गया था कि यह केवल महीनों में ही एक अस्थायी उपाय था और लोगों को आम तौर पर खरीदारी करने के लिए नकदी मिलती है।

    ‘धीमी वसूली’

    “मैं बेचता हूँ जरी सीमाओं, नकली आभूषण और trinkets के लिए साड़ी तथा lehengas । यह सिर्फ शादी के मौसम के दौरान है, मैं पिछले साल के स्टॉक को बेचने में सक्षम हूं। शादी खरीदारी एक अलग ballgame है क्योंकि यह एक बार परिवार में खर्च के लिए एक जीवन भर है। हालांकि डिजाइनरों के बड़े आदेश अभी भी वापस नहीं हैं। इसे ठीक करने के लिए एक साल का समय लिया है, “ग्यानेंद्र पाल ने कहा

    जिग्नेश, जो दारिबा कलान में एक दुकान में चांदी-चढ़ाव वाले उपहार आइटम बेचते हैं, ने कहा कि उनके सामान्य कॉर्पोरेट ग्राहकों में से कोई भी नहीं जो त्यौहार के मौसम में भारी मात्रा में खरीदारी करने का आदेश देते हैं। “आमतौर पर, हमें उपहार देने के लिए एक ही मद के 100-150 टुकड़ों के लिए दिवाली से कई महीनों पहले मिलते हैं। इस साल कोई भी खरीदार नहीं था क्योंकि वे अभी भी सतर्क हैं। नकद वापस आ गया है लेकिन खर्च अभी भी निजी खरीद के लिए सीमित है, “उन्होंने कहा।

    मोहम्मद। पुराने शहर में एक दुकान वाले अनवर ने कहा, जबकि छोटे व्यवसायों ने परीक्षण के समय ज्वार में कामयाब रहे, यह कारीगरों की तरह सबसे ज्यादा परेशान था क्योंकि कोई मांग नहीं थी और यह ये कारीगर हैं जो रोज़ या साप्ताहिक मजदूरी पर जीवित रहते हैं।

    लेकिन इन छोटे व्यवसायों के कर्मचारियों के लिए, जा रहा कठिन रहा है। 10 वर्ष से अधिक समय के लिए किनारी बाजार में एक दुकान के रूप में काम करने वाले रविंद्र कुमार ने कहा कि उनके नियोक्ता ने उन्हें जाने के लिए कहा था क्योंकि उनकी सहायता की जरूरत नहीं थी। “कोई नौकरी नहीं थी इसलिए मैंने अपने भाई की मदद करना शुरू कर दिया, जो इलेक्ट्रीशियन है यह केवल पिछले महीने था कि मेरे नियोक्ता ने मुझे नौकरी की पेशकश की और मैं वापस आया श्रीमान ने कहा कि मेरे जैसे कई लोग अपनी नौकरी खो चुके हैं, लेकिन अब वे अपना रास्ता खोज रहे हैं। ”

  • राजनीतिक पार्टी बनाएंगे कमल हासन, घोषणा जल्द

    राजनीतिक पार्टी बनाएंगे कमल हासन, घोषणा जल्द

     

     

    कमल हासन ने रविवार को यह घोषणा की कि वो जल्द ही नई राजनीतिक पार्टी बनाएंगे. उन्होंने कहा कि लोगों को इस बारे में थोड़ा धैर्य बनाए रखना होगा. कमल हासन की इस घोषणा से कई दिनों से चले आ रहे उन कयासों पर विराम लग गया है जो कमल हासन के राजनीति में आने को लेकर चल रहे थे.

    अपने फैन और वेलफेयर क्लब के 39 वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में हासन ने कहा, ‘मैं जरूर पार्टी लॉन्च करूंगा और राजनीति में उतरूंगा’. उन्होंने कहा कि वे अपने राजनीतिक जीवन के पहले कदम की शुरुआत अपने 63 वें जन्मदिन पर 7 नवंबर को एक मोबाइल ऐप के लॉन्च के साथ करेंगे. इसके जरिए वे अपने समर्थकों से जुड़े रहेंगे और समर्थकों के द्वारा दिए जा रहे फंड और चंदे पर नजर रख सकेंगे.

    हासन ने कहा कि वे पार्टी को लॉन्च ‘शांत’ तरीके से करेंगे. उन्होंने कहा कि वे अपने फैंस से अपनी पार्टी के लिए चंदा लेंगे.

    हासन ने कहा कि उन्हें अपना एक हाथ लोगों की भलाई के लिए खोलने में कोई शर्म नहीं है. दक्षिण भारत के सुपर स्टार ने कहा कि अगर देश के अमीर लोग सही से टैक्स दें तो देश के ऊपर कोई कर्ज नहीं रहेगा.

    जन्मदिन पर नहीं मनाएंगे जश्न 

    कमल हासन ने यह भी कहा कि 7 नवंबर को वे अपने जन्मदिन पर कोई जश्न नहीं मनाएंगे. चेन्नई के कई इलाकों में आए बाढ़ की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि वो दिन केक नहीं बल्कि नहर काटने का दिन होगा. कमल हासन हिंदू आतंकवाद पर दिए गए अपने बयान पर कायम हैं.

    उन्होंने कहा है कि अगर सच बोलने वाले लोगों को जेलों में डालते रहेंगे तो जेलें कम पड़ जाएंगी.

    उन्होंने धमकी देने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि मंदिरों को गिरा देना चाहिए. हासन ने कहा कि ‘यह उनके लिए कोई मायने नहीं रखता कि कितने लोग मेरा विरोध कर रहे हैं. मेरे लिए यह मतलब रखता है कि हम क्या कर रहे हैं. मैं मार खाने को तैयार हूं. बार-बार मार खा सकता हूं, मैं कोई थाविल (पलटवार करने वाला एक यंत्र) नहीं हूं.’

    कमल हासन के बयानों पर रविवार को ही हिंदू महासभा के उपाध्यक्ष अशोक शर्मा ने कहा था कि कमल हासन और उनके जैसे बाकी लोगों को गोली मार देना चाहिए या फिर फांसी पर लटका देना चाहिए, ताकि वे लोग कुछ सबक सीख सकें.

    इससे पहले कमल हासन ने एक तमिल पत्रिका में देश में ‘हिंदू आतंकवाद’ के मौजूदगी का जिक्र किया था. उन्होंने कहा था कि हिंदू आतंकवाद नहीं है ऐसा नहीं कहा जा सकता. साथ ही, उन्होंने कहा था कि पहले दक्षिणपंथी लोग अपने विरोधियों से वाद-विवाद या बहस करते थे पर अब वह हिंसा पर उतारू हो जाते हैं.