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  • रायबरेली हादसा: अस्पताल पहुंचे राहुल गांधी, पीड़ितों से की मुलाकात

    रायबरेली हादसा: अस्पताल पहुंचे राहुल गांधी, पीड़ितों से की मुलाकात

     

     

    रायबरेली में हुए हादसे के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी यहां पहुंचे हैं। राहुल गांधी अस्पताल में गए जहां हादसे में पीड़ितों को भर्ती कराया गया है। यहां उन्होंने अस्पताल में मरीजों से मुलाकात की। वही दूसरी तरफ इस हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ गई है। अब मृतकों की संख्या बढ़ गई है। हादसे में काफी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    यहां एनटीसीपी ऊंचाहार की 500 मेगावाट की 6वीं इकाई में ब्वायलर की राख वाली पाइप लाइन अचानक से फट गई। हादसा इतना ज्यादा भयानक था कि इसमें मौके पर मौजूद 24 से ज्यादा श्रमिकों की मौत हो गई है तथा 100 से ज्यादा श्रमिकों के घायल होने की खबर सामने आ रही है। बुधवार रात हुए इस हादसे के बाद प्रशासन में भी हड़कंप मच गया है।

    हादसे के बाद कई घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी घायलों को नजदीकी नीजि अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ घायल ऐसे भी हैं जिन्हें एनटीपीसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद अभी तक किसी भी एनटीपीसी अधिकारी का बयान सामने नहीं आया है। हादसे के वक्त जानकारी है कि एनटीपीसी की सभी 6 इकाइयों में विद्युत उत्पादन का काम चल रहा था। यह भयंकर विस्फोट उस पाइप लाइन में हुआ है जिसमें ब्वायलर से राख निकाली जाती है।





  • यूपी में दरिंदगी की सारी हदें पार, गैंगरेप कर पिलाया यूरिया बनाई वीडियो

    यूपी में दरिंदगी की सारी हदें पार, गैंगरेप कर पिलाया यूरिया बनाई वीडियो

     

     

    यूपी में अपराध का ग्राफ कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। दिल दहला देने वाला मामला सूबे के बरेली से सामने आया है। यहां एक महिला के साथ इतनी बुरी और घटिया तरह से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया जिसे सुनकर साफ कहा जा सकता है कि अब वक्त आ गया है कि इन जैसे अपराधियों को कोई ऐसी सजा दी जाए जिसके बाद वह ऐसा करने के बारे में सोच भी ना पाए।

    दरअसल यहां लिफ्ट देने के बहाने पहले आरोपियों ने पीड़िता के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। अपराधियों के मन में हवस की भूख इतनी ज्यादा बढ़ गई थी कि पीड़िता को उन्होंने इतनी बुरी तरह से प्रताड़ित किया की बयां नहीं किया जा सकता। आरोपियों ने पीड़िता को अपना यूरिया तक पिला दिया। दरिंदों का दिल इस घटिया हरकत से भी नहीं भरा तो उन्होंने इस पूरी घटना की वीडियो बना ली। बार बार दया की भीख मांगने के बाद भी आरोपियों का दिल नहीं पसीजा। जिसके बाद आरोपियों ने उसे सड़क किनारे फेंक दिया।

    जानकारी है कि पीड़िता अपने मायके में रहती है। अपने पति से परेशान होने के कारण वह अपने मायके में रहा करती है। वह किसी काम से कचहरी जा रही थी लेकिन रास्ते में पीड़िता को अपने पति का दोस्त मिल गया जिसके बाद वह लिफ्ट के बहाने उसकी गाड़ी में बैठ गई। यह पूरी वारदात तड़के 4 बजे की बताई जा रही है। पीड़िता ने जब देखा की इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है तो यह मामला मीडिया में आ गया। मामला बढ़ता देख पुलिस ने पीड़िता का बयान लिया तथा तत्काल इस मामले को दर्ज किया। फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया तथा आगे की कार्रवाई शुरु कर दी।





  • एडीएमसी मेयर सरकार के खिलाफ विरोध मार्च की अगुवाई करने के लिए

    एडीएमसी मेयर सरकार के खिलाफ विरोध मार्च की अगुवाई करने के लिए

     

     

    पूर्व दिल्ली के नगर निगम निगम (ईडीएमसी) को निधि का भुगतान करने में देरी से पूर्व दिल्ली के महापौर नीमा भगत ने गुरुवार को दिल्ली सरकार के खिलाफ ‘रन फॉर फंड्स’ नाम का एक विरोध प्रदर्शन किया, जिसने परियोजनाओं को रोक दिया और वेतन और बकाया का भुगतान किया। कर्मचारियों।

    सुश्री भगत ने कहा कि विरोध प्रदर्शन, जो दिल्ली सचिवालय तक निर्मन विहार मेट्रो स्टेशन के पास मधुबना चौक से शुरू होगा, दिल्ली सरकार की ओर से चौथी दिल्ली वित्त आयोग की सिफारिशों के मुताबिक 9,278 करोड़ रुपये सरकार की मांग करेगी। पूर्व दिल्ली के सभी बीजेपी कौंसिलर मार्च में भाग लेंगे।

    वित्तीय संकट

    सुश्री भगत ने कहा कि एडीएमसी प्रमुख वित्तीय संकट से गुजर रहा है और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि निगम वेतन और पेंशन का समय पर भुगतान करने में सक्षम नहीं है। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से निगम कर्मचारियों को बकाया नहीं दिया गया है और यह कि विकास कार्य को चलाने के लिए नागरिक निकाय के पास धन नहीं है।

    “दिल्ली सरकार के दृष्टिकोण से ऐसा लगता है कि उन्हें पूर्वी दिल्ली के विकास में कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली सरकार हमें 9,278 करोड़ रुपये का हिस्सा देती है तो हमारी स्थिति दक्षिण दिल्ली नगर निगम [एसडीएमसी] से बेहतर हो सकती है, जिसे तीन नगर पालिकाओं में सबसे अधिक समृद्ध माना जाता है।

    “यह राजनीतिक रूप से प्रेरित कदम नहीं है हमें अपने राजनीतिक मतभेदों को अलग रखना चाहिए और शहर के लोगों के लिए काम करना चाहिए। हम उन्हें पैसे के लिए भीख माँग नहीं रहे हैं हम उनसे पूछ रहे हैं कि वे क्या देय हैं, “उसने कहा।

    एडीएमसी की वित्तीय स्थिति तीन नगर पालिकाओं में सबसे खराब है। सालाना, ईडीएमसी गैर-योजना प्रमुख के तहत 600 करोड़ रुपये कमाता है, जिसमें से 175 करोड़ संपत्ति कर से आता है। इनमें से, कम से कम 350 करोड़ रुपये वेतन का भुगतान करते हैं

    बीजेपी की अगुवाई वाली नई टीम के आठ महीने के कार्यकाल में नागरिक निकाय ने पहले से ही स्वच्छता कर्मचारियों द्वारा दो हड़ताल देखे हैं।

  • जेसीओ राजपत्रित अधिकारी, सेना ने पिछले नोट को निरस्त किया

    जेसीओ राजपत्रित अधिकारी, सेना ने पिछले नोट को निरस्त किया

     

    नयी दिल्ली। सेना ने जूनियर कमीशन्ड ऑफिसर (जेसीओ) को ‘गैर-राजपत्रित’ अधिकारी बताने वाले अपने एक पिछले नोट को खारिज करते हुए कहा कि जेसीओ राजपत्रित (गजेटेड) अधिकारी होते हैं। इस कदम से 64 हजार से अधिक जवानों को फायदा होगा। सेना ने दो दिन पहले यह निर्णय लिया जो बड़ी संख्या में इसके जवानों के बीच वेतन-असमानता तथा रैंकिंग से संबंधित मुद्दों को लेकर उपजे असंतोष के बीच लिया गया। सेना मुख्यालय ने एक आधिकारिक प्रपत्र में 2011 में एक आरटीआई अर्जी के जवाब में जारी अपने एक पत्र को रद्द कर दिया है।

    इस पत्र में कहा गया था कि जेसीओ गैर-राजपत्रित अधिकारी होते हैं। उच्च पदस्थ आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि सेना ने जेसीओ के दर्जे पर 2011 में बड़ी त्रुटि की थी और अब सेना मुख्यालय ने अस्पष्टता को समाप्त करते हुए साफ कर दिया है कि जेसीओ राजपत्रित अधिकारी हैं। इस नये फैसले से नायब सूबेदार, सूबेदार और सूबेदार मेजर की तीन श्रेणियों में बंटे 64 हजार से अधिक जेसीओ को लाभ होगा।

    2011 के नोट से जेसीओ के बीच व्यापक नाराजगी देखने को मिली थी। जब पूछा गया कि सेना मुख्यालय ने 2011 में गलती कैसे कर दी, तो एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने कहा कि सैन्य कानून के मैनअुल में अधिकारियों और जेसीओ की अलग अलग परिभाषाएं हैं और यह नियम पुस्तिका की गलत व्याख्या का मामला हो सकता है। पत्र जारी करना सेना द्वारा सरकार को यह संदेश देने के तौर पर देखा जा रहा है कि जवानों के एक वर्ग की शिकायतों पर ध्यान दिया जाए।

  • क्लीन चिट पर कमलनाथ बोले, “संघ का विभाग बन कर रह गयी सीबीआई”

    क्लीन चिट पर कमलनाथ बोले, “संघ का विभाग बन कर रह गयी सीबीआई”

     

    इंदौर। मध्यप्रदेश के बहुचर्चित व्यापमं मामले में सीबीआई द्वारा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को “क्लीन चिट” दिये जाने पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ ने आज तीखे तेवर दिखाये। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की प्रमुख जांच एजेंसी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विभाग बन कर रह गयी है। कमलनाथ ने यहां संवाददाताओं से कहा, “क्या उन्हें (शिवराज को) किसी अदालत ने क्लीन ​चिट दी है। जिस सीबीआई ने उन्हें क्लीन चिट दी है, वह संघ का विभाग बनकर रह गयी है।” उन्होंने कहा, “सीबीआई को व्यापमं मामले की जांच के लिये कहा गया था। लेकिन वह फैसला सुनाने में लग गयी। इससे साफ साबित होता है कि यह जांच एजेंसी संघ की एक शाखा बन चुकी है।”

    विशेष अदालत के समक्ष 31 अक्तूबर को दायर आरोप-पत्र में सीबीआई ने कहा कि मध्यप्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) के अधिकारी नितिन महिंद्रा से बरामद हार्ड डिस्क ड्राइव के मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा कराये गये फॉरेंसिक विश्लेषण से स्पष्ट हुआ है कि उसमें ऐसी कोई फाइल स्टोर नहीं थी जिसमें ‘‘सीएम’’ अक्षर हो। कमलनाथ ने प्रदेश की भाजपा सरकार को “देश की सबसे भ्रष्ट सरकार” बताते हुए दावा किया कि सूबे में भाजपा के 14 साल लम्बे कार्यकाल में 160 घोटाले सामने आये हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार की शुरू की गयी “भावान्तर भुगतान योजना” किसानों को कृषि उपज का उचित मूल्य प्रदान करने के अपने मकसद में नाकाम साबित हो रही है।

    उन्होंने कहा, “इस योजना की गड़बड़ियों से किसान और कारोबारी, दोनों परेशान हैं। लेकिन शिवराज और उनकी सरकार को इस परेशानी से कोई सरोकार नहीं है। मुंह चलाना और सरकार चलाना अलग-अलग बातें हैं।” कमलनाथ ने सूबे में कृषि क्षेत्र की बदहाली का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के 35 जिलों के सूखे की स्थिति से जूझने के बीच किसानों को प्याज, सोयाबीन और दलहनों का सही मूल्य नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा, “भाजपा के राज में प्रदेश में इतने किसानों ने आत्महत्या की है कि यह एक विश्व रिकॉर्ड बन गया है। इसे गिनीज बुक में भी शामिल किया जा सकता है। “कमलनाथ ने माल और सेवा कर (जीएसटी) की जटिलताओं और विसंगतियों को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर भी निशाना साधा।

    उन्होंने कहा, “हम जीएसटी के तहत एक देश, एक कर की व्यवस्था चाहते थे। लेकिन मोदी सरकार ने ऐसा जीएसटी पेश किया है कि कुर्ते और पायजामे पर कर की अलग-अलग दरें घोषित कर दी गयी हैं। जीएसटी लागू होने के बाद कारोबारी अपने धंधे पर ध्यान देने के बजाय कर सलाहकारों के चक्कर लगा रहे हैं।” कमलनाथ ने केन्द्र की महत्वाकांक्षी “स्मार्ट सिटी योजना” के औचित्य पर प्रश्न किया। उन्होंने कहा, “जब मैं पिछली सरकार में शहरी विकास मंत्री था, तो मेरे पास इस योजना की फाइल आयी थी। तब मैंने अफसरों से सवाल किया था कि स्मार्ट सिटी की परिभाषा क्या होती है। इसका जवाब मुझे अब तक नहीं मिल सका है, जबकि मोदी सरकार में इस योजना के नाम पर हजारों करोड़ रुपये के कार्यों की घोषणा हो गयी है।”

  • आधार सत्यापित यात्रियों को रेलवे ने बड़ी सुविधा देने की घोषणा की

    आधार सत्यापित यात्रियों को रेलवे ने बड़ी सुविधा देने की घोषणा की

     

    भारतीय रेलवे ने आधार सत्यापित यात्रियों के लिए आईसीआरटीसी पोर्टल पर प्रतिमाह बुक कराये जाने वाले टिकटों की संख्या छह से बढ़कार 12 कर दी है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। माना जा रहा है कि यह कदम यात्रियों को आईआरसीटीसी पोर्टल पर अपने ऑनलाइन बुकिंग एकाउंट को आधार से जोड़ने को प्रोत्साहित करने के लिए रेलवे का अभिनवकारी उपाय है। आईआरसीटीसी के अधिकारियों ने बताया कि यात्री अब भी आधार कार्ड सत्यापन के बगैर महीने में छह टिकट बुक करा सकते हैं। यदि यह संख्या छह के पार जाती है जो यूजर और एक यात्री का आधार नंबर आईआरसीटीसी पोर्टल पर डालना होगा।

    उन्होंने बताया कि आईआरसीटीसी पोर्टल पर यूजर को ‘माई प्रोफाइल’ श्रेणी के तहत आधार केवाईसी क्लिक करना होगा और आधार संख्या डालनी होगी। उसे ‘वन टाइम’ पासवर्ड मोबाइल नंबर पर मिलेगा और फिर उसे सत्यापन के वास्ते प्रविष्ट करनी होगी। इसके अलावा, यात्रा पर जा रहे लोगों में किसी एक की आधार संख्या भी मास्टर लिस्ट के तहत इसी तरह सत्यापित करानी होगी। अधिकारियों ने बताया कि यूजर सत्यापित यात्रियों के नामों को मास्टर लिस्ट में स्टोर कर सकते हैं। प्रतिमाह छह से अधिक टिकट बुक कराने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले ऐसा करना चाहिए। इस कदम से टिकट बुकिंग में गड़बड़ी दूर होगी क्योंकि दलाल एवं यात्रा एजेंट फर्जी यूजर आईडी नहीं बना पायेंगे।

  • उत्तर कोरिया को आतंकी देशों में शामिल कर सकता है अमेरिका

    उत्तर कोरिया को आतंकी देशों में शामिल कर सकता है अमेरिका

     

     

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्र्रंप की पांच देशों की एशिया यात्रा के मद्देनजर व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिका उत्तर कोरिया को आतंकवाद का प्रायोजक घोषित करने पर विचार किया जा रहा है. ट्रंप की एशिया यात्रा के दौरान उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर चर्चा किए जाने की संभावना है. उत्तर कोरिया ने सितंबर में सबसे बड़ा परमाणु परीक्षण किया था, जिसके बाद से कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ गया.

    उत्तर कोरिया की सरकारी संवाद समिति केसीएनए ने इसे हाइड्रोजन बम का परीक्षण बताया था. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एच आर मैक्मास्टर ने कहा कि अमेरिका, उत्तर कोरिया को आतंकवाद का प्रायोजक देश घोषित कर सकता है.

    यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका के पास उत्तर कोरिया को आतंकवाद का प्रायोजक घोषित करने का विकल्प है, इस पर मैक्मास्टर ने व्हाइट हाउस संवाददाता सम्मेलन में कहा, इस विकल्प पर विचार चल रहा है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का मंत्रिमंडल उत्तर कोरिया पर संपूर्ण रणनीति के तौर पर इस पर विचार कर रहा है. मैक्मास्टर उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के सौतेले भाई किम जोंग-नाम की हत्या को लेकर उत्तर कोरिया की सरकार पर बरसे.

    उन्होंने कहा कि जो सरकार नर्व एजेंट का इस्तेमाल कर एक सार्वजनिक हवाईअड्डे पर किसी की हत्या कराती हो और जो निरंकुश नेता इस तरीके से अपने भाई की हत्या कराता हो उसे स्पष्ट तौर पर आतंकवादी कृत्य कहेंगे. इस पर विचार चल रहा है और मुझे लगता है कि आप इसके बारे में जल्द ही कुछ और सुनेंगे.चीन पर उन्होंने कहा कि वह निश्चित तौर पर ज्यादा कर रहा है लेकिन जाहिर है कि यह पर्याप्त नहीं है. ट्रंप आज से जापान, दक्षिण कोरिया, चीन, वियतनाम, फिलीपीन और हवाई की 12 दिवसीय यात्रा की शुरुआत करेंगे.

  • बॉयलर विस्फोट: राहुल ने हादसे की न्यायिक जांच की मांग की

    बॉयलर विस्फोट: राहुल ने हादसे की न्यायिक जांच की मांग की

     

    नयी दिल्ली। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने रायबरेली जिले के ऊंचाहार स्थित राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) के संयंत्र का बॉयलर फटने से हुई 26 लोगों की मौत पर दुख जताते आज श्रमिकों की इस मांग को दोहराया कि लापरवाही की वजह से हुई इस दुर्घटना की न्यायिक जांच होनी चाहिए। राहुल ने घायलों का हालचाल पूछने के लिए रायबरेली पहुंच एनटीपीसी संयंत्र परिसर में अधिकारियों से बातचीत की और स्थिति का जायजा लिया।

    बाद में उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘‘ एनटीपीसी घटना के पीड़ितों का दर्द देखकर बहुत दुःख हुआ। उनके परिवारों को बेहतर मुआवजा और सरकारी नौकरी व घायलों को हर संभव मदद मिलनी चाहिए।’’ उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘श्रमिकों की मांग है कि लापरवाही की वजह से हुई इस दुर्घटना की न्यायिक जांच होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।’’ रायबरेली दौरे में राहुल के साथ कांग्रेस महासचिव गुलाम नबी आजाद और उत्तर प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष राज बब्बर भी थे।

    रायबरेली से सांसद और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ऊंचाहार में हुए हादसे पर गहरा दुख जाहिर करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वह पीड़ितों की हर संभव मदद करें। ऊंचाहार स्थित एनटीपीसी के 500 मेगावाट क्षमता वाले संयंत्र का बॉयलर कल शाम फट जाने से अब तक 26 लोगों की मौत हुई है।

  • आधार कार्ड लिंक कराने वाले मैसेज और काल से मिलेगी राहत

    आधार कार्ड लिंक कराने वाले मैसेज और काल से मिलेगी राहत

     

     

    अगर आपकी मोबाइल फोन कंपनी और बैंक रोजाना आपको मैसेज या कॉल करके आपको फोन नंबर या बैंक अकाउंट आधार कार्ड से जोड़ने का आग्रह कर रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है. सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी कंपनियों और बैंकों से कहा है कि वो अपने मैसेज और कॉल से ग्राहकों को सही जानकारी दें. हैरानी की बात ये है कि सुप्रीम कोर्ट के जज खुद भी ऐसे मैसेज और कॉल से परेशान हैं.

    आजकल मोबाइल फोन सर्विस प्रोवाइडर कंपनियां रोजाना कॉल कर अपने ग्राहकों से कह रही हैं कि वो जल्द अपना मोबाइल फोन नंबर अपने आधार कार्ड से लिंक कराएं. ऐसा नहीं करने पर उनका नंबर बंद हो सकता है. बैंक भी अपने ग्राहकों को ऐसा ही कॉल या मैसेज भेज रहे हैं. कई बैंक ये कह रहे हैं कि अगर बैंक अकाउंट आधार से लिंक नहीं हुआ तो अकाउंट बंद कर दिया जाएगा.

    ऐसे सारे मैसेज या कॉल पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पाबंदी लगा दी है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि अगर कोई कंपनी ग्राहकों को आधार से जोड़ने का आग्रह कर रही है तो उन्हें पूरी जानकारी दें. ऐसा नहीं लगना चाहिए की तत्काल लिंक कराना अनिवार्य है. कोर्ट ने कहा है कि कंपनियों को अपने ग्राहकों का बताना होगा कि आधार लिंक कराने की आखिरी तारीख क्या है.

    मौजूदा नियम के मुताबिक मोबाइल फोन आधार से लिंक कराने की आखिरी तारीख 6 फरवरी 2018 है जबकि बैंक अकाउंट लिंक कराने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2017 है. लेकिन घबराइये नहीं. ये आखिरी तारीख भी बढ़ाई जा सकती है.दरअसल आधार का मामला फिलहाल विचाराधीन है. कोर्ट को तय करना है कि क्या सरकार आधार कार्ड बनाने को अनिवार्य बना सकती है. क्या आधार कार्ड के लिए बायोमैट्रिक डेटा ज़रूरी होगा. और क्या सरकार अपने स्कीमों का फायदा देने के लिए आधार को अनिवार्य कर सकती है. और क्या ग्राहकों को अपना आधार कार्ड बैंक या मोबाइल फोन से लिंक कराने के लिए मजबूर किया जा सकता है.

    ये सारी बातें सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ तय करेगी जिसकी सुनवाई नवंबर के आखिरी हफ्ते में शुरू होगी. कोर्ट ये मामले निजता के अधिकार के परिपेक्ष्य में देखेगा क्योंकि कोर्ट ने निजता के अधिकार को मूलभूल अधिकार घोषित कर दिया है.

    केंद्र सरकार की तरफ से एटॉर्नी जनरल के के वेनूगोपाल ने कहा कि सरकार आधार लिंक कराने की आखिरी तारीख को मार्च तक बढ़ा सकती है. और अगर इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी रही तो आखिरी तारीख को मार्च से भी आगे बढ़ाया जा सकता है.

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  • बीआरओ ने लद्दाख में दुनिया की सबसे ऊंची सड़क बनाई

    बीआरओ ने लद्दाख में दुनिया की सबसे ऊंची सड़क बनाई

     

    श्रीनगर। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने जम्मू कश्मीर के लद्दाख क्षेत्र में मोटर वाहन चलने लायक दुनिया की सबसे ऊंची सड़क बनाई है। यह सड़क 19,300 फुट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित ‘उमलिंगला टॉप’ से होकर गुजरती है। बीआरओ की ‘हिमांक परियोजना’ के तहत यह कामयाबी हासिल की गई। बीआरओ के प्रवक्ता ने बताया कि यह लेह से 230 किमी दूर हानले के पास स्थित है। चिसुमले और देमचक गांवों को जोड़ने वाली 86 किमी लंबी सड़क रणनीतिक महत्व की है।

    ये गांव पूर्वी क्षेत्र में भारत-चीन सीमा से महज कुछ ही दूरी पर स्थित हैं। इस कठिन कार्य को करने को लेकर बीआरओ कर्मियों की सराहना करते हुए परियोजना के चीफ इंजीनियर ब्रिगेडियर डीएम पुरवीमठ ने कहा कि इतनी अधिक ऊंचाई पर सड़क बनाना चुनौतियों से भरा हुआ था। उन्होंने कहा कि इस स्थान की जलवायु निर्माण गतिविधियों के लिए हमेशा ही प्रतिकूल रहती है। गर्मियों में तापमान शून्य से 15-20 डिग्री सेल्सियस कम रहता है जबकि सर्दियों में यह शून्य से 40 डिग्री नीचे चला जाता है।

    इस ऊंचाई पर ऑक्सीजन की मात्रा सामान्य स्थानों से 50 फीसदी कम रहती है। उन्होंने कहा, ‘‘मशीनों और मानव शक्ति की क्षमता विषम जलवायु और कम ऑक्सीजन के चलते सामान्य स्थानों पर 50 फीसदी कम हो जाती है। साथ ही, मशीन ऑपरेटरों को ऑक्सीजन के लिए हर 10 मिनट पर नीचे आना होता है। ब्रिगेडियर ने कहा कि इतनी ऊंचाई पर उपकरणों का रखरखाव एक अन्य बड़ी चुनौती है। इस सेक्टर में सड़क निर्माण की देखरेख करने वाले कमांडर 753 बीआरटीएफ प्रदीप राज ने कहा कि बीआरओ कर्मियों को इस काम पर रखने से पहले काफी प्रशिक्षण दिया जाता है।