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  • हार्वी वाइनस्टीन: कैंसर से जूझ रहा है हॉलीवुड का कुख्यात निर्माता

    हार्वी वाइनस्टीन: कैंसर से जूझ रहा है हॉलीवुड का कुख्यात निर्माता

    हार्वी वाइनस्टीन: कैंसर से जूझ रहा है हॉलीवुड का कुख्यात निर्माता

    हॉलीवुड के सबसे विवादित शख्सियतों में से एक, हार्वी वाइनस्टीन, एक बार फिर सुर्ख़ियों में हैं, और इस बार उनके स्वास्थ्य को लेकर। हाल ही में यह खबर आई है कि 72 वर्षीय वाइनस्टीन को एक खतरनाक प्रकार का बोन मैरो कैंसर, क्रॉनिक माइलॉइड ल्यूकेमिया, हुआ है। यह खबर न्यूयॉर्क की एक जेल में उनके इलाज के दौरान सामने आई है जहाँ वह यौन उत्पीड़न के आरोपों में सजा काट रहे हैं। यह जानकर हैरानी होगी कि इस घातक बीमारी के साथ साथ वाइनस्टीन कई और बीमारियों से भी जूझ रहे हैं!

    वाइनस्टीन की गिरती सेहत और मुश्किलें

    यह खबर वाइनस्टीन की बिगड़ती सेहत की एक और कड़ी है। पिछले कुछ समय से वह कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। हाल ही में उनकी इमरजेंसी हार्ट सर्जरी भी हुई थी, जिसके बाद उनका स्वास्थ्य थोड़ा सुधरा था। लेकिन अब कैंसर की इस खबर ने उनके परिजनों और प्रशंसकों के लिए चिंता बढ़ा दी है। उनके वकील ने उनकी प्राइवेसी का हवाला देते हुए इस मामले पर कोई बयान देने से इनकार कर दिया है।

    कई बीमारियों का सामना

    इस साल जुलाई में उन्हें न्यूयॉर्क जेल से अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहाँ उनका इलाज कोविड, निमोनिया, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, स्पाइनल स्टेनोसिस और हार्ट फेलियर जैसी कई गंभीर बीमारियों के लिए चल रहा था। इससे पहले, 2020 में उन्हें कोरोना भी हो गया था। इतनी बीमारियों के साथ कैंसर का खतरा उनके जीवन के लिए और भी अधिक खतरनाक बना देता है।

    #MeToo आंदोलन और कानूनी लड़ाई

    यह बात याद रखना ज़रूरी है कि वाइनस्टीन को कई महिलाओं ने यौन उत्पीड़न के आरोप में दोषी पाया गया था। उनपर 80 से अधिक महिलाओं ने उत्पीड़न, यौन शोषण और बलात्कार के आरोप लगाए थे, जिसके कारण उन पर #MeToo मूवमेंट की गहरी छाप पड़ी थी। हालाँकि अप्रैल 2024 में न्यूयॉर्क के कोर्ट ने मामले के फैसले को पलट दिया था, जिससे नवंबर में उनके केस पर फिर से सुनवाई होनी है।

    जेल की सजा और अपील

    फरवरी 2020 में उन्हें बलात्कार के मामले में दोषी पाया गया था, जिसके बाद उन्हें 23 साल की सज़ा हुई थी। हालांकि, कोर्ट ने उनके केस के जज के फैसले में कुछ कमियाँ बताई, जिससे उनकी सज़ा पर पुनर्विचार हुआ। यह कानूनी लड़ाई उनके स्वास्थ्य के लिए एक और कठिनाई बन गई है, क्योंकि लंबी कानूनी प्रक्रिया और जेल में रहना उनकी सेहत के लिए घातक साबित हो सकता है।

    आगे क्या? वाइनस्टीन के लिए भविष्य की चुनौतियाँ

    यह स्पष्ट नहीं है कि वाइनस्टीन की बीमारी उनके वर्तमान कानूनी मामलों को कैसे प्रभावित करेगी। उनकी गिरती सेहत उनके खिलाफ लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की जाँच और उनके भविष्य के बारे में कई सवाल उठाती है। क्या उनके कानूनी मामले अब उनकी बीमारी को देखते हुए रफ़्तार बदलेंगे? यह सब जानने के लिए कुछ समय का इंतज़ार करना पड़ेगा। उनकी स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में नियमित रूप से जानकारी प्राप्त करना ज़रूरी है।

    आने वाला समय और चुनौतियां

    यह निश्चित ही कहना मुश्किल है कि आने वाला समय वाइनस्टीन के लिए कैसा होगा। उनपर लगे गंभीर आरोप और उनके स्वास्थ्य की गिरती स्थिति दोनों मिलकर एक जटिल स्थिति पैदा करते हैं। एक ओर कानूनी लड़ाई जारी है, दूसरी ओर जानलेवा बीमारी से जूझना पड़ रहा है। उनकी सेहत, उनके परिवार और उनके भविष्य के लिए यह निश्चित रूप से चिंता का विषय है।

    टेक अवे पॉइंट्स

    • हार्वी वाइनस्टीन को क्रॉनिक माइलॉइड ल्यूकेमिया हुआ है।
    • वह कई अन्य बीमारियों से भी जूझ रहे हैं।
    • उनके यौन उत्पीड़न के मामलों पर पुनर्विचार हो रहा है।
    • उनका स्वास्थ्य और उनका कानूनी भविष्य दोनों ही बहुत चिंताजनक हैं।
  • झारखंड में 19 वर्षीय युवती की पत्थरों से कुचलकर हत्या: रोमांस और क्रोध का सनसनीखेज मामला

    झारखंड में 19 वर्षीय युवती की पत्थरों से कुचलकर हत्या: रोमांस और क्रोध का सनसनीखेज मामला

    झारखंड में 19 वर्षीय युवती की पत्थरों से कुचलकर हत्या: रोमांस और क्रोध का सनसनीखेज मामला

    झारखंड के सरायकेला में 19 वर्षीय संजना हांसदा की निर्मम हत्या ने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया है। 27 नवंबर को खरकई नदी के किनारे मिली संजना की लाश ने एक ऐसे रोमांस और क्रोध से भरे ड्रामा का पर्दाफाश किया है जो आपको हैरान कर देगा। इस दिल दहला देने वाली घटना में, एक प्रेम प्रसंग ने खून से रंगा अंत पाया, जिसने पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैला दिया। आइए, जानते हैं इस कहानी के सनसनीखेज पहलुओं के बारे में।

    प्रेम, विवाद और क्रूरता का संगम

    संजना का अपने प्रेमी रोहित मुर्मू से विवाद हुआ था। मिलने की बात पर खरकई नदी किनारे शासन गांव पहुंची संजना से जबरन शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश रोहित ने की थी। संजना के विरोध करने पर गुस्से से भड़के रोहित ने बेरहमी से पत्थरों से कुचलकर उसकी हत्या कर दी। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी और सवाल उठाने लगे कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक प्रेम कहानी इतनी खौफनाक हत्या में तब्दील हो गई? इस मामले में पुलिस की जांच अब तक और भी चौंकाने वाले तथ्य सामने ला चुकी है।

    पुलिस जांच: रोहित की गिरफ्तारी और चौंकाने वाले खुलासे

    घटना के बाद आरोपी रोहित मुर्मू ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटनास्थल से रोहित की मोटरसाइकिल, संजना का चप्पल और मोबाइल फोन बरामद किया। इस खौफनाक हत्या में रोहित ने इतनी बेरहमी से संजना के चेहरे को कुचला कि उसकी शिनाख्त में भी दिक्कत हुई। पुलिस के मुताबिक हत्या का मकसद संजना से जबरन शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश का विरोध था, इस दौरान हुई झड़प के बाद यह घटना घटी।

    झूठी अफवाहें और सार्वजनिक आक्रोश

    इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर गलत जानकारियाँ फैलने लगीं, जिसमें कहा गया कि संजना के साथ गैंगरेप भी हुआ है। इन गलत खबरों से इलाके में लोगों का गुस्सा बढ़ गया। ग्रामीणों ने सरायकेला डीसी ऑफिस के गेट को कई घंटों तक जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रण में रखने और शांति बनाए रखने के लिए पुलिस को काफी मेहनत करनी पड़ी। सच्चाई जानने के बाद लोगों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया।

    हत्या के पीछे छिपा सच: प्रेम और विवाद का गहरा खेल

    एसपी मुकेश लुनायत ने स्पष्ट किया कि जाँच के दौरान इस मामले में सामूहिक बलात्कार का कोई प्रमाण नहीं मिला है। यह एकतरफ़ा प्रेम और झगड़े का नतीजा है। संजना के परिवार की आर्थिक स्थिति कमज़ोर है और उसकी माँ झाड़ू-पोछा का काम करके परिवार का गुज़ारा करती है। यह हादसा बताता है कि कैसे प्रेम विवाद इतना भीषण रूप ले सकता है और छोटी सी बात बड़ी दुर्घटना का रूप ले लेती है।

    हम सबके लिए सीख

    संजना की हत्या से जुड़ी पूरी घटना हमें सबको एक ज़रूरी बात समझाती है, विवाद सुलझाने के लिए हिंसा का सहारा नहीं लेना चाहिए। हमेशा बातचीत और शांतिपूर्ण तरीके से हर समस्या का समाधान किया जाना चाहिए। इस तरह की क्रूर घटनाएं भविष्य में दोबारा ना हो इसके लिए कठोर नियमों और जागरूकता के साथ सामाजिक बदलाव बहुत जरुरी है।

    Take Away Points

    • 19 वर्षीय संजना की हत्या एक प्रेम प्रसंग और विवाद के कारण हुई।
    • आरोपी रोहित मुर्मू को गिरफ्तार कर लिया गया है।
    • इस मामले में गैंगरेप का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
    • इस घटना से इलाके में काफी आक्रोश फैला है।
    • इस घटना ने हिंसा और विवाद के खतरों की ओर ध्यान आकर्षित किया है।
  • आईपीएल मेगा ऑक्शन 2025: RTM नियम समझें आसानी से

    आईपीएल मेगा ऑक्शन 2025: RTM नियम समझें आसानी से

    आईपीएल मेगा ऑक्शन 2025: राइट टू मैच (RTM) नियम क्या है और कैसे काम करता है?

    क्या आप आईपीएल के रोमांचक मेगा ऑक्शन से चूकना चाहते हैं? इस बार का ऑक्शन और भी खास है क्योंकि इसमें वापसी हुआ है राइट टू मैच (RTM) नियम का! ये नियम क्या है? कैसे काम करता है? और कैसे इससे खिलाड़ियों पर पैसों की बरसात हो सकती है? आइए, इस लेख में जानते हैं सबकुछ विस्तार से। पढ़ते रहिए और जानिए इस नियम से जुड़े रोमांचक पहलुओं के बारे में!

    RTM नियम: एक संक्षिप्त परिचय

    राइट टू मैच (RTM) नियम पहली बार 2017 में लागू हुआ था, लेकिन 2022 के मेगा ऑक्शन में इसे हटा दिया गया था। लेकिन अब, फ्रेंचाइजी और खिलाड़ियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए इसे फिर से लागू किया गया है, कुछ बदलावों के साथ। यह नियम फ्रेंचाइजी को एक तरह का विकल्प देता है जिससे वे नीलामी में उस खिलाड़ी को वापस अपनी टीम में शामिल कर सकती हैं जिसे उन्होंने हाल ही में रिलीज किया था। भले ही दूसरी फ्रेंचाइजी उस खिलाड़ी पर ऊंची बोली लगा दे, पुरानी फ्रेंचाइजी को RTM नियम के जरिए उसे वापस खरीदने का मौका मिलता है। यह नियम खिलाड़ियों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है, क्यूंकि इससे उनके लिए बढ़िया बोली लगने की उम्मीद बढ़ जाती है।

    RTM नियम कैसे काम करता है?

    मान लीजिए एक खिलाड़ी पर बोली लगाई जा रही है। आखिरी बोली लगाने वाली टीम उस खिलाड़ी को खरीदने की स्थिति में होती है। इसके बाद, पुरानी टीम से पूछा जाता है कि क्या वह RTM नियम का इस्तेमाल करना चाहती है। अगर हां, तो आखिरी बोली लगाने वाली टीम को फिर से बोली लगाने का मौका मिलता है। पुरानी टीम अगर RTM नियम का इस्तेमाल करती है तो उसे बढ़ी हुई राशि देनी होगी। अगर नहीं, तो आखिरी बोली लगाने वाली टीम खिलाड़ी को खरीद लेगी।

    उदाहरण: मान लीजिए गुजरात टाइटन्स ने मोहम्मद शमी को रिटेन नहीं किया और वे नीलामी में आ गए। चेन्नई सुपर किंग्स ने उन पर 10 करोड़ रुपये की आखिरी बोली लगाई। गुजरात को RTM नियम का इस्तेमाल करके शमी को वापस खरीदने का मौका मिलेगा। अगर गुजरात हां कहती है, तो चेन्नई को फिर से बोली लगाने का मौका मिलेगा। अगर चेन्नई 15 करोड़ रुपये की बोली लगाती है, तो गुजरात को शमी को 15 करोड़ में खरीदना होगा। अगर गुजरात नहीं खरीदती, तो चेन्नई 15 करोड़ में शमी को खरीद लेगी।

    खिलाड़ियों पर पैसों की बरसात

    RTM नियम की वजह से खिलाड़ियों पर जमकर पैसों की बरसात हो सकती है। जब पुरानी और नई दोनों फ्रेंचाइजी किसी एक खिलाड़ी को खरीदने के लिए होड़ में होंगी, तो खिलाड़ी के लिए बेहद ऊंची बोली लगने की उम्मीद बढ़ जाएगी। ये खिलाड़ियों की डिमांड को बढ़ाएगा और उनके लिए बड़ी रकम पाना संभव हो जाएगा। RTM का सीधा असर उन खिलाड़ियों पर पड़ेगा जिन्होंने पिछले सीजन में शानदार प्रदर्शन किया है और पुरानी टीम द्वारा रिलीज़ कर दिए गए हैं। यह देखना रोमांचक होगा कि इस साल कौन से खिलाड़ी सबसे ज्यादा कीमत पर बिकते हैं।

    कितने RTM कार्ड?

    BCCI ने नए नियम जारी किए हैं जिसके मुताबिक एक फ्रेंचाइजी अधिकतम 6 खिलाड़ी ही रिटेन कर सकती है। अगर कोई टीम 6 से कम खिलाड़ी रिटेन करती है तो उसे ऑक्शन में RTM कार्ड इस्तेमाल करने का मौका मिलेगा। उदाहरण के लिए अगर किसी टीम ने 4 खिलाड़ी रिटेन किए तो उसके पास 2 RTM कार्ड बचेंगे और 2 खिलाड़ियों को रिटेन करने वाली टीम के पास 4 RTM कार्ड बचेंगे। अगर 6 खिलाड़ी रिटेन किए तो कोई RTM कार्ड नहीं मिलेगा।

    टेक अवे पॉइंट्स

    • RTM नियम आईपीएल में रोमांच बढ़ाता है और खिलाड़ियों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद है।
    • यह नियम पुरानी फ्रेंचाइजी को उनके रिलीज किए गए खिलाड़ियों को वापस खरीदने का मौका देता है।
    • RTM नियम के चलते खिलाड़ियों पर ज़बरदस्त बोली लग सकती है और उनकी कीमतें आसमान छू सकती हैं।
    • प्रत्येक फ्रेंचाइजी के पास रिटेन किए गए खिलाड़ियों की संख्या के अनुसार RTM कार्ड होते हैं।
    • 2025 का मेगा ऑक्शन RTM नियम के साथ और भी रोमांचक होने वाला है।
  • संभल हिंसा: योगी आदित्यनाथ का सख्त रुख़ और आगे की कार्रवाई

    संभल हिंसा: योगी आदित्यनाथ का सख्त रुख़ और आगे की कार्रवाई

    उत्तर प्रदेश में हाल ही में हुई हिंसा और उसके बाद की कार्रवाई पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल में शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा की कड़ी निंदा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से उसका खर्चा वसूला जाएगा और एक भी उपद्रवी नहीं बचेगा. यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इसने प्रदेश की शांति और सौहार्द को भंग किया है. लेकिन मुख्यमंत्री का सख्त रुख़ दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश में ऐसे कृत्यों की कोई जगह नहीं है.

    संभल हिंसा: क्या हुआ था?

    24 नवंबर को संभल में शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हिंसा भड़क उठी थी. इस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए. पुलिस ने 2500 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. यह घटना राज्य के कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाती है. घटना के बाद से ही सार्वजनिक चर्चा में कई सवाल उठ रहे हैं जिनमे प्रशासन की भूमिका, हिंसा की वजह और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग शामिल हैं.

    हिंसा के पीछे के कारण और दोषियों की पहचान

    हिंसा के पीछे के सही कारणों की अभी तक पूरी तरह से जांच नहीं हुई है, लेकिन यह घटना शाही जामा मस्जिद के सर्वे को लेकर हुई थी जिससे काफी विरोध प्रदर्शन हुआ था. इस विरोध प्रदर्शन में कुछ लोग हिंसा पर उतर आए और कई संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया. पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच जारी है. इस घटना ने लोगों में असुरक्षा की भावना को भी बढ़ावा दिया है. हिंसा में शामिल लोगों की शीघ्र पहचान और गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश सरकार पर ज़िम्मेदारी है।

    सीएम योगी आदित्यनाथ का सख्त रुख

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल हिंसा के दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का आदेश दिया है. उन्होंने कहा कि दोषियों को चिन्हित करके उनके पोस्टर लगाए जाएं और सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जाए. उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से उसका खर्च वसूला जाएगा. मुख्यमंत्री का यह रुख़ स्पष्ट संदेश देता है कि प्रदेश में कानून का राज है और किसी भी तरह की अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

    सख्त कार्रवाई के निर्देश और प्रशासनिक सुधार

    मुख्यमंत्री के निर्देशों से पता चलता है कि वह संभल हिंसा को लेकर काफी गंभीर हैं. उनके निर्देश प्रशासन के लिए एक चेतावनी भी हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो. यह भी एक सन्देश है कि प्रशासन को बेहतर तरीके से काम करना होगा और इस तरह की घटनाओं से पहले ही प्रभावी कदम उठाना होगा.

    लाउडस्पीकर और अन्य निर्देश

    मुख्यमंत्री ने धर्म स्थलों पर तय मानकों से अधिक आवाज में लाउडस्पीकर और डीजे न बजाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि तेज आवाज बुजुर्गों, रोगियों और स्कूल-कॉलेज के बच्चों के लिए बड़ी समस्या है. उन्होंने आगामी प्रयागराज कुंभ मेले की तैयारी की भी समीक्षा की और सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए. ये निर्देश प्रदेश में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जारी किए गए हैं।

    कुंभ मेले की तैयारियां और सिंगल-यूज़ प्लास्टिक से मुक्ति

    आगामी कुंभ मेले के मद्देनजर भी मुख्यमंत्री ने आवश्यक निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने कहा कि मेले को सिंगल यूज़ प्लास्टिक मुक्त रखने के प्रयास किए जाएं और श्रद्धालुओं को ट्रैक्टर ट्रॉलियों के इस्तेमाल से बचने के लिए जागरूक किया जाए. कुंभ मेले की शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित करने की दिशा में ये पहल काफी महत्वपूर्ण हैं।

    मुख्य बातें

    • संभल में हुई हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
    • दोषियों की पहचान करके उनके खिलाफ सघन सर्च ऑपरेशन चलाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
    • सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से उसका खर्च वसूला जाएगा।
    • लाउडस्पीकर और डीजे के इस्तेमाल को लेकर भी महत्वपूर्ण दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।
    • आगामी प्रयागराज कुंभ मेले की तैयारियों का भी मुख्यमंत्री ने जायजा लिया है।
  • साबूदाना खीर: नवरात्रि व्रत का परफेक्ट स्वाद!

    साबूदाना खीर: नवरात्रि व्रत का परफेक्ट स्वाद!

    साबूदाना खीर: नवरात्रि व्रत के लिए एकदम परफेक्ट!

    नवरात्रि का पवित्र समय आ गया है और व्रत रखने वालों के लिए स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन ढूंढना एक चुनौती हो सकता है। पर चिंता मत कीजिए! हम आपके लिए लेकर आए हैं एक रेसिपी जो आपके व्रत को और भी खास बना देगी – स्वादिष्ट और आसान साबूदाना खीर! यह खीर न केवल स्वादिष्ट है बल्कि पौष्टिक भी, जिससे आपका व्रत निर्जला और सुखद रहेगा। इस आर्टिकल में हम आपको साबूदाना खीर बनाने की स्टेप-बाय-स्टेप विधि बताएंगे, ताकि आप घर पर ही आसानी से इसे बना सकें और अपने परिवार के साथ इसका आनंद ले सकें। तो चलिए शुरू करते हैं!

    साबूदाना खीर बनाने के लिए आवश्यक सामग्री:

    • 1 कप साबूदाना
    • 3 कप दूध
    • ½ कप चीनी (या स्वादानुसार)
    • ¼ कप पानी
    • 2-3 इलायची, पिसी हुई
    • ½ छोटा चम्मच केसर
    • ड्राई फ्रूट्स (बादाम, काजू, किशमिश), कटे हुए

    साबूदाना खीर बनाने की विधि:

    1. साबूदाना को भिगोएँ: सबसे पहले, साबूदाना को 15-20 मिनट के लिए पानी में भिगो दें। ध्यान रखें कि पानी ना तो बहुत ज्यादा और ना ही बहुत कम हो। साबूदाना अच्छे से फूल जाए, यह सुनिश्चित करें।

    2. दूध उबालें: एक पैन में दूध उबालें। दूध में चीनी और पिसी हुई इलायची डालें और तब तक पकाएं जब तक कि चीनी घुल न जाए और दूध हल्का गाढ़ा न हो जाए।

    3. साबूदाना और ड्राई फ्रूट्स डालें: अब इसमें भिगोया हुआ साबूदाना और कटे हुए ड्राई फ्रूट्स डालें। अच्छे से मिलाएँ।

    4. पानी डालकर पकाएँ: अब 1 कप पानी डालें और मध्यम आँच पर पकाएँ। साबूदाना को तब तक पकाएँ जब तक कि वह अच्छे से फूल न जाए और खीर गाढ़ी न हो जाए। लगातार चलाते रहें ताकि खीर नीचे से चिपके नहीं।

    5. केसर मिलाएँ: अलग से ¼ कप गर्म दूध में केसर डालें और 10 मिनट के लिए रख दें, ताकि केसर का रंग दूध में अच्छी तरह से मिल जाए। इस केसर वाले दूध को खीर में डालें और अच्छे से मिलाएँ।

    6. सजाएँ और परोसें: आप चाहें तो खीर को थोड़े और ड्राई फ्रूट्स से सजा सकते हैं। गरमागरम साबूदाना खीर तैयार है। आप इसे व्रत में या कभी भी खा सकते हैं!

    साबूदाना खीर के फायदे:

    साबूदाना खीर कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करती है: यह ऊर्जा से भरपूर है, पाचन में मदद करती है और शरीर को आवश्यक पोषक तत्व देती है। यह व्रत के दौरान ऊर्जा के स्तर को बनाए रखने में मदद करती है। ड्राई फ्रूट्स इसे और भी पौष्टिक बनाते हैं।

    नवरात्रि में स्वादिष्ट और आसान व्रत के व्यंजन

    नवरात्रि में सिर्फ साबूदाना खीर ही नहीं, अन्य कई स्वादिष्ट और आसान व्यंजन बनाकर आप व्रत का आनंद ले सकते हैं। कुछ और पसंदीदा विकल्पों में शामिल हैं:

    • कूटू की खिचड़ी: यह एक लोकप्रिय और स्वादिष्ट व्रत का व्यंजन है।
    • सिंगहारा अट्टा पकौड़े: एक क्रिस्पी और स्वादिष्ट नाश्ता।
    • अंकुरित मूंग की चाट: एक हेल्दी और स्वादिष्ट विकल्प।

    इन सभी व्यंजनों को घर पर आसानी से बनाया जा सकता है और आपके व्रत को और भी मजेदार बना सकते हैं।

    नवरात्रि व्रत और उसके लाभ

    नवरात्रि व्रत आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है, और इसे शक्ति और शांति पाने का एक तरीका माना जाता है। इसके अलावा, व्रत रखने से शरीर को भी कई फायदे होते हैं। व्रत रखने से पाचन क्रिया बेहतर होती है, शरीर डिटॉक्स होता है, और मन शांत और एकाग्र होता है।

    कुछ महत्वपूर्ण बातें ध्यान में रखें:

    • किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें, खासकर यदि आप कोई दवा ले रहे हों या पहले से कोई बीमारी हो।
    • व्रत करते समय धीरे-धीरे अपने शरीर को ढालें, और भरपूर पानी पिएँ।

    Take Away Points:

    • साबूदाना खीर एक स्वादिष्ट और पौष्टिक व्रत का व्यंजन है।
    • इसे बनाना बहुत आसान है और इसमें कम समय लगता है।
    • यह नवरात्रि व्रत के लिए परफेक्ट विकल्प है।
    • याद रखें कि व्रत करने से पहले किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या को लेकर अपने डॉक्टर से सलाह लें।
  • आज का मीन राशिफल: सफलता और प्रगति का दिन

    आज का मीन राशिफल: सफलता और प्रगति का दिन

    आज का राशिफल: आपका दिन कैसा रहेगा? जानें राशिफल

    क्या आप जानना चाहते हैं कि आज आपका दिन कैसा रहने वाला है? क्या आपके लिए आज कोई शुभ समाचार है या कोई चुनौती? आज का राशिफल आपके लिए एक संपूर्ण मार्गदर्शक है, जो आपके दिन को सफल और खुशहाल बनाने में आपकी मदद करेगा। अपनी राशि के अनुसार जानें, आपके लिए क्या है आज का राशिफल !

    मीन राशि (Pisces): सफलता और प्रगति का दिन

    मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन बेहद शुभ है। पारिवारिक जीवन में खुशियां छाएंगी। घर में हर्षोल्लास का माहौल रहेगा और परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा। परीक्षाओं और प्रतिस्पर्धाओं में सफलता मिलेगी। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी और आकर्षक प्रस्ताव प्राप्त हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और आय में वृद्धि होगी। अधिकारियों से भी सकारात्मक मुलाकात संभव है। इस दिन आपको महत्वपूर्ण कार्यों में सफलता प्राप्त होगी और आपके द्वारा किए गए प्रयासों को सराहा जाएगा। यात्रा का भी योग बन रहा है, जो मनोरंजक और फायदेमंद साबित हो सकती है। अगर आप नये व्यापार के लिए सोच रहे हैं, तो आज का दिन इसके लिए भी अनुकूल है।

    मीन राशि के लिए शुभ अंक और रंग

    आज के लिए मीन राशि के जातकों के लिए शुभ अंक हैं 3, 6, 7, और 9, जबकि शुभ रंग है हल्दी के समान पीला रंग। इन रंगों और अंकों को अपने कार्य में शामिल करके आप अपनी सफलता में और इजाफा कर सकते हैं।

    धनलाभ: उन्नति और विकास का समय

    मीन राशि के लिए आज का दिन आर्थिक रूप से बेहद लाभकारी है। वाणिज्यिक प्रयासों में उत्कृष्ट सफलता मिलेगी। व्यापार और नौकरी दोनों क्षेत्रों में तरक्की के योग बन रहे हैं। लेनदेन में सावधानी बरतें और तर्क-वितर्क से बचें। आर्थिक गतिविधियों में तेजी रहेगी और आपकी सूझबूझ से लक्ष्यों को प्राप्त कर पाएंगे। इस दिन आपके द्वारा लिए गए नए फैसले आपके भविष्य को मजबूत करेंगे और नई ऊंचाइयों पर ले जायेंगे। याद रखें, सबको साथ लेकर चलना आपकी सफलता का महत्वपूर्ण सूत्र है।

    आर्थिक सुधार के लिए उपाय

    आज भगवान श्री हरि विष्णु और माँ लक्ष्मी की पूजा करने से और पीले फलों का दान करने से आपको आर्थिक रूप से और भी मजबूती मिलेगी।

    प्रेम और मैत्री: रिश्तों में मधुरता

    आज मीन राशि वालों के लिए प्रेम और मैत्री का दिन बहुत ही खास है। आप अपने प्रियजनों के साथ अच्छा समय बिताएंगे। रिश्ते मजबूत होंगे और आपसी स्नेह में वृद्धि होगी। परिवार के सदस्यों से अच्छे संबंध रहेंगे। अगर आप किसी नए रिश्ते को शुरू करना चाहते हैं तो यह दिन इसके लिए भी अनुकूल है।

    रिश्तों में मधुरता बनाए रखने के लिए

    अपने प्रेम संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए अपने प्रियजनों के साथ अधिक समय बिताएं, उनकी भावनाओं का आदर करें और उन्हें खुशी देने की कोशिश करें।

    स्वास्थ्य और मनोबल: ऊर्जा और उत्साह से भरपूर

    आज आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और आप ऊर्जा और उत्साह से भरपूर रहेंगे। आपका मनोबल ऊंचा होगा और आप किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहेंगे। अपने व्यवहार में स्पष्टता रखें और सकारात्मक सोच को अपनाएं। इसके साथ ही अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें।

    स्वास्थ्य रखने के लिए उपाय

    पौष्टिक भोजन करें, नियमित व्यायाम करें, और काफी मात्रा में पानी पिएं। पर्याप्त नींद भी बहुत जरूरी है।

    Take Away Points:

    • आज का दिन मीन राशि के जातकों के लिए कई मामलों में शुभ फलदायी है।
    • पारिवारिक जीवन खुशियों से भरा रहेगा।
    • कार्यक्षेत्र और व्यापार में उन्नति के अच्छे योग बन रहे हैं।
    • आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
    • प्रेम और मैत्री के रिश्ते मजबूत होंगे।
    • स्वास्थ्य उत्तम रहेगा और मनोबल उच्च होगा।
  • गोरखपुर में शादी से पहले मंगेतर पर जानलेवा हमला: आर्मी जवान ने की हत्या की कोशिश!

    गोरखपुर में शादी से पहले मंगेतर पर जानलेवा हमला: आर्मी जवान ने की हत्या की कोशिश!

    गोरखपुर में शादी से पहले मंगेतर पर जानलेवा हमला: आर्मी जवान ने की हत्या की कोशिश!

    क्या आपने कभी सोचा है कि शादी से 10 दिन पहले आपका जीवन खतरे में पड़ सकता है? गोरखपुर के इस दिल दहला देने वाले मामले ने न सिर्फ एक युवती का जीवन संकट में डाल दिया बल्कि इस सवाल को भी हमारे सामने रखा है। एक आर्मी जवान ने अपनी मंगेतर पर जानलेवा हमला कर दिया, बस इसलिए कि उसकी शादी पहले उसकी बड़ी बहन से तय थी! जानिए इस सनसनीखेज घटना की पूरी कहानी…

    शादी की खरीदारी बदली कांड में

    गोरखपुर के रहने वाले आर्मी जवान अनूप चौहान की शादी 4 दिसंबर को तय थी। 20 नवंबर को तिलक समारोह भी हो चुका था। लेकिन, 26 नवंबर को शादी की खरीदारी के दौरान उसने अपनी मंगेतर पर हमला कर दिया। एक सुनसान जंगल में उसने उसका गला घोंटकर हत्या की कोशिश की। स्थानीय लोगों की मदद से युवती को अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ उसकी जान बच गई।

    क्या था हमले का असली कारण?

    यह मामला बेहद दिलचस्प और हैरान करने वाला है। पता चला कि अनूप की शादी पहले पीड़ित युवती की बड़ी बहन से तय थी। लेकिन बड़ी बहन की सिपाही भर्ती में चयन होने के बाद उसने शादी से मना कर दिया। परिणामस्वरूप परिवार वालों ने छोटी बहन से शादी करने का फैसला किया, और अनूप को इस बात के लिए राज़ी किया गया। हालांकि अनूप का दिल अभी भी बड़ी बहन पर अटका हुआ था और यह बात उसे परेशान करती रहती थी।

    शक और गुस्से ने बदल दी जिंदगी

    ख़बरों के अनुसार अनूप को अपनी मंगेतर पर शक था, उसने उससे सवाल किया कि क्या उसके जीवन में कोई और है। जब मंगेतर ने सच बता दिया तो उसे इतना गुस्सा आया कि उसने आपा खो दिया और अपनी मंगेतर पर हमला कर दिया। घटना में युवती बुरी तरह घायल हो गयी, पर अपनी जान बचा पाई।

    पुलिस ने किया आरोपी को गिरफ्तार

    इस घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी आर्मी जवान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ की जा रही है। एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया की तहरीर मिलने के बाद मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    क्या आपने कभी सोचा है की आपकी शादी इस कदर एक खौफनाक मोड़ ले सकती है?

    शायद इस मामले से हमे यह सीख मिलती है कि किसी भी रिश्ते में विश्वास, समझ और पारदर्शिता बहुत ही ज़रूरी है। गुस्से और शक का नतीजा भयावह भी हो सकता है। हमारा मानना है कि दोनों परिवारों के लिए ये बेहद दुखद घटना रही होगी।

    Take Away Points

    • शादी एक पवित्र बंधन है, लेकिन कभी कभी अप्रत्याशित घटनाएँ भी घटित हो जाती हैं।
    • रिश्तों में विश्वास, पारदर्शिता और सम्मान ज़रूरी है।
    • गुस्से और शक पर काबू पाना ज़िन्दगी में बेहद ज़रूरी है।
    • समस्याओं का हल हिंसा नहीं बल्कि बातचीत से निकाला जाना चाहिए।
  • रामगढ़ में 50 लाख की चोरी: लाल जूतों ने खोला चोर का राज!

    रामगढ़ में 50 लाख की चोरी: लाल जूतों ने खोला चोर का राज!

    रामगढ़ में 50 लाख की चोरी: लाल जूतों ने खोला चोर का राज!

    क्या आपने कभी सोचा है कि एक साधारण सा लाल रंग का जूता किसी चोर का पर्दाफाश कर सकता है? झारखंड के रामगढ़ जिले में हुई 50 लाख रुपये की चोरी की इस सनसनीखेज घटना ने सभी को हैरान कर दिया है. इस घटना में चोर के लाल जूतों ने ही उसकी पहचान उजागर की और पुलिस को उसकी गिरफ्तारी तक पहुंचाया.

    घटना का सिलसिला

    28 नवंबर की रात, रामगढ़ के वेब्स होटल के मालिक संजीव चड्ढा अपने परिवार के साथ एक शादी समारोह में गए हुए थे. इसी दौरान उनके घर में उनके पुराने नौकर, आकाश धानक ने 20 लाख रुपये नकद और 30 लाख रुपये के सोने-चांदी के गहने चुरा लिए. आकाश ने बेहद ही चालाकी से यह काम किया, परन्तु उसके लाल जूतों ने उसकी सारी चालें बिगाड़ दीं.

    सीसीटीवी ने पकड़ी चोर की चाल

    घर में लगे सीसीटीवी कैमरों ने आकाश की चोरी की पूरी घटना रिकॉर्ड कर ली. हालांकि, उसने मास्क और दस्ताने पहन रखे थे, जिससे पहचान मुश्किल हो रही थी. लेकिन सीसीटीवी फ़ुटेज में उसके पहने हुए लाल जूतों ने ही पुलिस को अहम सुराग दिया. चड्ढा परिवार ने उन जूतों को पहचान लिया और पुलिस को बताया कि ये जूते उनके पूर्व नौकर आकाश धानक के हैं.

    लाल जूतों का सुराग

    पुलिस ने इस सुराग को तुरंत काम में लिया और मध्य प्रदेश के सागर जिले में छापा मारा. वहां पर पुलिस को आकाश धानक मिला और उसके घर की छत पर छिपाए एक बैग में से 14 लाख 31 हजार रुपये नगद और चोरी किए गए कुछ गहने बरामद किए गए. हालांकि, कुछ गहने अभी तक बरामद नहीं हो पाए हैं.

    गिरफ्तारी और खुलासे

    रामगढ़ एसपी अजय कुमार ने बताया कि आकाश ने आठ साल तक चड्ढा परिवार के घर में काम किया था. हाल ही में जुए में भारी हार के कारण उसने यह चोरी करने की योजना बनाई. चड्ढा परिवार ने पुलिस की तत्परता और उनके काम की सराहना की और टीम को बुके और शॉल भेंट कर सम्मानित किया.

    आकाश का जुआ और चोरी

    यह मामला हमें याद दिलाता है कि पैसों की लालच और गलत आदतें जैसे जुआ, किसी व्यक्ति को कितना बड़ा अपराध करने पर मजबूर कर सकती हैं. आकाश की कहानी एक सबक है कि छोटे-छोटे गलत कदम बड़ी मुसीबतें खड़ी कर सकते हैं.

    इस घटना से सीख

    चोरी की यह घटना कई महत्वपूर्ण सबक देती है. सबसे पहला, घर में सुरक्षा व्यवस्था बेहद मजबूत होनी चाहिए. सीसीटीवी कैमरे और अन्य सुरक्षा उपाय चोरों को रोकने में मदद करते हैं. दूसरा, घर में काम करने वाले लोगों के बारे में पूरी जानकारी होना जरूरी है. उनका पिछला रिकॉर्ड और उनकी आदतें जानने से भी हमें सुरक्षा में मदद मिलती है.

    चोरी से बचाव के उपाय

    इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए हमेशा सावधानी बरतनी चाहिए. घर पर अकेले रहने पर extra सावधानी रखना जरुरी है. घर से जाने से पहले सभी दरवाजे और खिड़कियां ठीक से बंद कर लें. महत्वपूर्ण सामान को safe जगह पर रखें और पड़ोसियों से भी अच्छे संबंध बनाकर रखें. इस सबके साथ साथ आप पुलिस को समय समय पर सूचित करते रहे और स्थानीय सुरक्षा बल से सहयोग करें।

    टेक अवे पॉइंट्स

    • लाल जूतों ने एक चालाक चोर को पकड़वाया.
    • सीसीटीवी फुटेज चोरी की जांच में बहुत काम आता है.
    • घर की सुरक्षा के लिए सही कदम उठाना जरूरी है।
    • पैसों की लालच और गलत आदतों से दूर रहें।
  • दो पत्ती: सस्पेंस, ड्रामा और घरेलू हिंसा का दिल दहला देने वाला सच

    दो पत्ती: सस्पेंस, ड्रामा और घरेलू हिंसा का दिल दहला देने वाला सच

    दो पत्ती: एक ऐसा सस्पेंस जो आपको अपनी गिरफ्त में ले लेगा!

    क्या आप रोमांचक सस्पेंस, ड्रामा और एक अनोखे ट्विस्ट से भरपूर फिल्म देखने के लिए तैयार हैं? तो फिर ‘दो पत्ती’ आपके लिए परफेक्ट है! काजोल और कृति सेनन की यह फिल्म आपको एक ऐसी कहानी में ले जाएगी जो शुरुआत से अंत तक आपको बांधे रखेगी। जुड़वां बहनों, एक पुलिस इंस्पेक्टर और एक राज़ के इर्द-गिर्द घूमती यह कहानी, आपको अपने सस्पेंस से हैरान कर देगी! क्या आप जानना चाहते हैं कि आखिर इस फिल्म में क्या है ऐसा जो आपको देखने पर मजबूर कर देगा? चलिए जानते हैं।

    कहानी: झारखंड से हरियाणा तक का सफर

    फिल्म की कहानी झारखंड के एक छोटे से गांव देवीपुर से शुरू होती है जहाँ इंस्पेक्टर विद्या ज्योति (काजोल), जिसे वीजे के नाम से भी जाना जाता है, का ट्रांसफर होता है। एक होनहार पुलिस अफसर और वकील, वीजे न्याय के प्रति अपने दृढ़ विश्वास के कारण एक गूढ़ मामले में फंस जाती है। जब उसे एक मारपीट की शिकायत मिलती है, तो उसकी जांच उसे सौम्या (कृति सेनन) और उसकी जुड़वां बहन शैली (कृति सेनन) तक ले जाती है। सौम्या के साथ होने वाली घरेलू हिंसा, उसकी गुमसुम ज़िंदगी और उसकी बहन शैली का स्वभाव—ये सब कहानी में रोमांच और रहस्य का अद्भुत मिश्रण पेश करते हैं। ध्रुव (शाहीर शेख), एक अमीर और गुस्सैल हरियाणवी, अपनी पत्नी सौम्या पर अत्याचार करता है, जिसका अंत एक हत्या में हो जाता है। लेकिन क्या यही सच्चाई का पूरा पहलू है?

    घरेलू हिंसा की पीड़ा: सच कितना कड़वा है

    ‘दो पत्ती’ फिल्म केवल मनोरंजन नहीं है; बल्कि, यह घरेलू हिंसा के दर्दनाक सच को उजागर करती है। सौम्या की पीड़ा और उसके आस-पास के लोगों की प्रतिक्रियाएँ फिल्म को एक गहन अनुभव बनाती हैं। यह हमें एक ज़रूरी सवाल पूछने पर मजबूर करती है: क्या हम हिंसा की चुप्पी को तोड़ सकते हैं? और अगर हम सब साथ आए तो हम हिंसा के खिलाफ़ कठोरता से मुकाबला कैसे कर सकते हैं?

    शाहीर शेख: परफॉर्मेंस का कमाल

    काजोल और कृति सेनन के अलावा, शाहीर शेख ने भी इस फिल्म में अद्भुत काम किया है। उन्होंने ध्रुव के किरदार को इतनी बारीकी से निभाया है कि वह दर्शकों के मन में गहरा असर छोड़ जाता है। उनका गुस्सा, उनकी पछतावा, और उनकी हताशा—सब कुछ इतने स्वाभाविक तरीके से दिखाया गया है कि आपको अपनी सीट से हिलने का मन ही नहीं करेगा। उनके परफॉर्मेंस की वजह से ही फिल्म और भी ज़्यादा यादगार बन जाती है।

    कृति सेनन का डबल रोल: दो रूप, एक शानदार प्रदर्शन

    कृति सेनन ने फिल्म में डबल रोल निभाया है, और उन्होंने दोनों ही किरदारों में अपनी प्रतिभा का कमाल दिखाया है। सौम्या और शैली का उनके द्वारा किया गया चित्रण बहुत ही प्रभावशाली है और दर्शक कृति सेनन के अभिनय की कला देखकर हैरान हो जाते हैं।

    फिल्म की कमियां और खासियतें

    हालांकि, फिल्म में कुछ कमियां भी हैं। कहानी को कुछ ज़्यादा ही अनुमान लगाने योग्य बताया जा सकता है। इसके कुछ सीन्स काफी बनावटी लगते हैं और कोर्ट रूम ड्रामा भी थोड़ा निराशाजनक है। फिर भी, फिल्म के कुछ सीन्स बेहद भावनात्मक और असरदार हैं, जैसे सौम्या और ध्रुव के बीच का वो सीन जो आपको सोचने पर मजबूर कर देता है। यह सीन्स ‘दो पत्ती’ को अन्य फिल्मों से अलग बनाता है।

    टेक अवे पॉइंट्स

    • ‘दो पत्ती’ एक सस्पेंस से भरपूर फिल्म है जो घरेलू हिंसा के मुद्दे को उजागर करती है।
    • शाहीर शेख का अभिनय और कृति सेनन का डबल रोल फिल्म का मुख्य आकर्षण है।
    • कहानी कुछ हद तक अनुमान लगाने योग्य है और कुछ दृश्यों में बनावटीपन दिखाई देता है।
    • फिल्म का मुख्य आकर्षण एक संदेश है और दर्शकों के लिए गहराई से प्रभाव छोड़ता है।
  • दिल्ली का प्रदूषण: सुप्रीम कोर्ट का ऐक्शन और इंडिया टुडे की रिपोर्ट

    दिल्ली का प्रदूषण: सुप्रीम कोर्ट का ऐक्शन और इंडिया टुडे की रिपोर्ट

    दिल्ली का प्रदूषण: सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख और इंडिया टुडे की रिपोर्ट

    दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण ने फिर से सुर्खियां बटोरी हैं, और इस बार सुप्रीम कोर्ट ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के बाद, कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को कड़ा निर्देश दिया है कि वो प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर लगाम लगायें। क्या आप जानते हैं कि कोर्ट ने क्या निर्देश दिया और क्या है पूरी कहानी? आइए विस्तार से जानते हैं।

    सुप्रीम कोर्ट का दिल्ली पुलिस को निर्देश

    सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को आदेश दिया है कि वो सभी 113 प्रवेश बिंदुओं पर चेक पोस्ट स्थापित करें। इंडिया टुडे की रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि प्रतिबंध के बावजूद प्रदूषण फैलाने वाले डीजल ट्रक और बसें सड़कों पर खुलेआम चल रही हैं। कोर्ट ने दिल्ली सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। सरकार ने दावा किया था कि केवल 13 मुख्य प्रवेश बिंदुओं पर निगरानी रखी जा रही है, जबकि बाकी जगहों पर कोई कड़ी निगरानी नहीं है।

    GRAP IV दिशानिर्देशों की अनदेखी

    कोर्ट ने GRAP IV दिशा-निर्देशों के उल्लंघन पर भी गंभीर नाराजगी जताई। इन दिशा-निर्देशों के अनुसार, दिल्ली में BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल चार पहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है। यह कदम इस हफ्ते दिल्ली में वायु गुणवत्ता के “गंभीर प्लस” स्तर तक पहुँचने के बाद उठाया गया था।

    कोर्ट ने कहा कि लगभग 100 प्रवेश बिंदु मानव रहित हैं, जिससे प्रदूषण फैलाने वाले वाहन आसानी से दिल्ली में प्रवेश कर रहे हैं। यह एक गंभीर समस्या है जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।

    इंडिया टुडे की जांच में क्या हुआ?

    इंडिया टुडे की जांच ने चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए। रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद, प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोका नहीं जा रहा है। रिपोर्ट में ऐसे कई वाहनों का जिक्र है जिन्हें या तो बिना किसी जांच के दिल्ली में प्रवेश करने दिया गया या फिर रिश्वत देकर प्रवेश दिया गया।

    रिश्वतखोरी का खुलासा

    इंडिया टुडे की टीम ने दिल्ली-नोएडा-डायरेक्ट फ्लाईवे पर कई ऐसे ट्रकों को देखा, जिन्हें दिल्ली और नोएडा पुलिस द्वारा चेकपॉइंट पर रोकने के बावजूद दिल्ली में प्रवेश करने दिया गया। कुछ ट्रक ड्राइवरों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पुलिस को रिश्वत देकर दिल्ली में प्रवेश किया। इस रिपोर्ट ने रिश्वतखोरी की गंभीर समस्या को उजागर किया है जिससे प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को कमजोर किया जा रहा है।

    कानूनों की धज्जियाँ उड़ाते ट्रक

    जांच में ऐसे ट्रक भी सामने आए जो पुराने नियमों के मुताबिक दिल्ली में प्रवेश नहीं कर सकते थे लेकिन फिर भी शहर में घूम रहे थे। कई ट्रकों के पास पुराने प्रदूषण प्रमाण पत्र थे जो GRAP IV दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते थे। यह बताता है कि नियमों का पालन करने में कितनी लापरवाही बरती जा रही है।

    सुप्रीम कोर्ट का आगे का कदम

    सुप्रीम कोर्ट ने 13 प्रवेश बिंदुओं पर दर्ज सीसीटीवी सामग्री सौंपने का भी आदेश दिया है। साथ ही, कोर्ट ने बार के सदस्यों को इन बिंदुओं पर जांच करने के लिए कहा है। कोर्ट ने कहा कि वह सोमवार को न्यायालय द्वारा नियुक्त 13 वकीलों की रिपोर्ट की समीक्षा करेगा और उसके बाद ही इस पर फैसला लिया जाएगा कि दिल्ली में लागू प्रतिबंधों को हटाया जाए या जारी रखा जाए।

    निगरानी और सख्त कार्रवाई

    सुप्रीम कोर्ट द्वारा उठाया गया कदम दिल्ली के प्रदूषण पर काबू पाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हालाँकि, सफलता के लिए केवल कानून बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि सख्त कार्रवाई और निगरानी की भी आवश्यकता है। दिल्ली में प्रदूषण को कम करने के लिए प्रभावी निगरानी तंत्र की जरूरत है।

    टेक अवे पॉइंट्स

    • दिल्ली का प्रदूषण एक गंभीर समस्या है जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
    • सुप्रीम कोर्ट ने इंडिया टुडे की रिपोर्ट के बाद दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए कड़े कदम उठाए हैं।
    • GRAP IV दिशा-निर्देशों का पालन न करने पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है।
    • प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर लगाम लगाने के लिए कठोर निगरानी और सख्त कार्रवाई जरूरी है।
    • रिश्वतखोरी प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को कमजोर कर रही है।