मजदूरों से काम करवाने के लिए दिए जाते हैं बिजली के झटके

विदेश– समय बदल गया है। अब किसी के साथ जोर जबर्दस्ती नहीं की जा सकती। लोग आज अपने जीवन को अपने नीति नियमों के अनुकूल जीने के लिए स्वतंत्र हैं। वह जहां चाहें वहां काम कर सकते हैं। काम के लिए कोई उनपर दवाब नहीं बना सकता। लेकिन क्या आपको पता है ब्राजील के शहर बेंटो गोंकाल्वेस ने आज भी मजदूरों से जबरन काम करवाया जा रहा है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 22 फरवरी के दिन ब्राजील के बेंटो गोंकाल्वेस में 200 से अधिक मजदूरों को बचाया गया। कहा जा रहा है कि इन मजदूरों से जबरन का करवाया जा रहा था। मजदूरों को बेहद कष्ट दिया जाता है। इसके साथ अभद्रता की जाती है और मजदूरों के साथ शारीरिक हिंसा की जाती थी।
मजदूरों से शराब बनवाई जाती थी। उन्हें 15 घंटे की शिफ्ट करनी होती है। उनके काम के मुताबिक उनको भुगतान नहीं मिलता है। मजदूरों की रखवाली के लिए गार्ड लगाए जाते। काम करवाने वाले लोगों को यह भय रहता की कहीं उनके अत्याचारों से परेशान मजदूर भाग न जाएं।
बीबीसी की रिपोर्ट के आधार पर वहां काम करने वाले मजदूर नीको का कहना है कि यह बेहद भयावह है। जो मजदूर उनका विरोध करते हैं। यह काम करने से डरते हैं। उनको बिजली के झटके दिए जाते हैं मार पीट की जाती है। 
वो लोग बिजली के अनोखें उपकरण का प्रयोग करते हैं। जिससे हमको नींद न आए और उनका काम नियमित तरीके से चलता रहे।
उन्होंने कहा, यह कंपनी ब्राजील के तीन सबसे बड़े शराब निर्माता ऑरोरा, गैरीबाल्डी और सैलटन के लिए मज़दूर मुहैया करती है। हालाकि तीनों शराब निर्माता कंपनियों ने मज़दूरों के शोषण की जानकारी न होने की बात कही और सारा दोष कांट्रैक्टर पर मढ़ दिया है।
मज़दूर मुहैया करने वाली कंपनी फेनिक्स सर्विसेज़ ने एक बयान जारी किया जिसमें कहा गया कि,”आरोपों की जांच चल रही है और कंपनी किसी भी अनियमितता को दूर करने के लिए ज़रूरी सभी उपाय करेगी।

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