जम्मू कश्मीर: जम्मू कश्मीर में मतदान का विवाद गहराता जा रहा है। भाजपा सरकार ने फैसला लिया है कि अब जम्मू कश्मीर में वो लोग भी मतदान कर सकेंगे जो बाहर से आकर जम्मू कश्मीर में रह रहे हैं। इसके लिये उन्हें प्रमाण पत्र दिखाने की आवश्यकता नही होगी। सरकार के इस फैसले का जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने विरोध किया। वही अब इस मामले में पाकिस्तान ने शिरकत की है।
पाकिस्तान ने इस फैसले को कहा है कि यह सरकार जानबूझकर कर रही है। जानबूझकर इस प्रकार की नीति अपनाई जा रही है। यह भारत सरकार की एक चाल है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, भारत सरकार ने चुनाव से पहले अस्थाई वोटरों के रजिस्ट्रेशन का फैसला लिया है। यह गलत है। यह चुनाव के नीतेज को प्रभावित करके की स्प्ष्ट अभिव्यक्ति है।
पाकिस्तान ने भारत पर आरोप लगाया है। कि वह मुस्लिम आबादी और अल्पसंख्यक से बदला लेना चाहते हैं इसलिए उन्होंने इस तरह का परिवर्तन किया है। यह पर परिसीमन समित में बदलाव करके लाखो गौर कश्मीरी लोगो को कश्मीर से जोड़कर। कश्मीरी डोमिसाइल देकर और संपत्ति क़ानून में बदलाव लाकर भारत अलग तरीके से कश्मीर की जनसंख्या को बदलने का प्रयास कर रहा है।
पाकिस्तान ने आगे कहा, साल 2019 में भारत ने धारा 370 को कश्मीर से हटा दिया। इसके बाद कश्मीर के लोगो को गुमराह करने की योजना में भारत सफल हुआ। भारत ने कश्मीर के लोगो की इच्छा शक्ति को तोड़ दिया है।जानकारी के लिए बता दें पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने
कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों, यूएन चार्टर और चौथे जिनेवा कन्वेंशन के उल्लंघन से रोकने की वकालत की है। वही जो राजनैतिक कैदी जेल में बन्द है उनकी रिहाई की मांग उठाई है।
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