डेस्क। अमेरिका ने चीन पर इन दिनों शिकंजा कसा है। उनकी यह टिप्पणी उस समय में आई है जब अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा के चलते बीजिंग खासा नाराज है और वाशिंगटन के साथ उसके संबंधों में तल्खी बढ़ गई है।
ब्लिंकन मनीला में फिलीपीन के नवनिर्वाचित द्मराष्ट्रपति फर्डिनेंड माकरेस जूनियर और अन्य अधिकारियों के साथ मुलाकात करने के बाद अपने फिलीपीनी समकक्ष के साथ एक ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में अपनी बात रख रहे थे।
गत 30 जून को माकरेस जूनियर के पद संभालने के बाद ब्लिंकन फिलीपीन की यात्रा करने वाले शीर्ष रैंक के सबसे पहले अमेरिकी अधिकारी हैं।
पेलोसी की यात्रा के बाद चीन ने बृहस्पतिवार को ताइवान के तटों के आसपास सैन्य अभ्यास भी शुरू कर दिया है और वह शुक्रवार को सैन्य मामलों तथा जलवायु सहयोग सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अमेरिका के साथ संपर्क काट दिया।
ब्लिंकन ने अपने बयान में कहा, ‘हमें अपने दोनों देशों के बीच मतभेदों के कारण वैश्विक चिंता के किसी भी मामलें पर सहयोग में अड़ंगा नहीं लगाना चाहिए।’ उन्होंने यह भी कहा कि, ‘अन्य पक्ष हमसे यह उम्मीद कर रहे हैं कि हम उन मुद्दों पर काम करना जारी रखेंगे जो उनके लोगों के साथ-साथ हमारे अपने लोगों के जीवन और आजीविका के लिए बेहद महत्वपूर्ण भी हैं।’
उन्होंने आगे कहा कि चीन का कदम ‘अमेरिका के खिलाफ नहीं, बल्कि दुनिया के खिलाफ है।’
Leave a Reply