राष्ट्रीय:- भारत मे इस समय अनेको विवाद चल रहे हैं कही भाजपा प्रवक्ता नुपुर शर्मा द्वारा दिए गए पैगम्बर मोहम्मद को लेकर विवादित बयान पर मुस्लिम समाज हंगामा काट रहा है। वही केंद्र सरकार द्वारा लाई गई अग्निपथ योजना के विरोध में युवा सड़क पर उतरे है। वही इस बीच छत्तीसगढ़ में कुछ युवा पिछले एक साल से आंदोलन कर रहे हैं जिसकी चर्चा बहुत कम जगहों पर सुनने को मिलेगी।
असल मे यह आंदोलन छत्तीसगढ़ के बस्तर के घोर नक्सल प्रभावित सुकमा के तिम्मेर में अर्ध सैनिक बलों के कैंप के विरोध में आदिवासियों समुदाय के लोग जमकर विरोध कर रहे हैं। दिल्ली बॉर्डर पर हुए किसान आंदोलन के बाद यह दूसरा ऐसा आंदोलन है जो की इतने लंबे समय से चल रहा है। हालाकि इस आंदोलन को मीडिया पर समाचार पत्रों में किसान आंदोलन की भांति तबज्जुब नहीं मिला है।
जानकारी के लिए बता दें आदिवासी समाज पिछले साल से यह आंदोलन कर रहा है। कैंप के विरोध में आदिवासियों पर पुलिस की कार्रवाई हुई जिंसमे तीन ग्रामीण मारे गए थे। घटना के बाद से आन्दोलन ने तूल पकड़ लिया। आदिवासियों का कहना है कि इस कैम्प की वजह से जंगल काटे जा रहे हैं और निर्दोष लोगों को जेल में डाला जा रहा है।
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