मुजफ्फरनगर। जनपद में कोरोना के हालात सुधारने के लिए जिलाधिकारी के नेतृत्व में पूरा जिला प्रशासन दिन रात एक किए हुए है। जिले में अब स्वास्थ्य से जुडे किसी भी मामले में लापरवाही या हीलाहवाली करने वालों को जिलाधिकारी बख्शने के मूड में नहीं है। मरीजों से वसूली में लगे कोविड अस्पतालों पर सख्ती के बाद आज जिलाधिकारी ने 18 डाक्टरों के खिलाफ बडी कार्यवाही के आदेश दिए है, जिसके कारण खलबली मच गई है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा महावीर सिंह फौजदार ने बताया कि जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे के निर्देशानुसार जनपद के समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के ओपीडी कक्ष को इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम से कैमरों के माध्यम से जोड़ा गया है। मुख्य चिकित्साअधिकारी ने बताया कि जिलाधिकारी द्वारा आकस्मिक रूप से कलैक्ट्रेट स्थित इंटीग्रेटेड कोविड कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी द्वारा जनपद के समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी चिकित्सकों की उपस्थिति सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से चेक कराई गई जिसमें दोपहर 1ः30 बजे 18 चिकित्सक सीसीटीवी कैमरा में उपस्थित नहीं थे। जिलाधिकारी द्वारा इस पर कडी नाराजगी व्यक्त की गई। जिलाधिकारी द्वारा इस कृत्य को अधिक गम्भीरता से लिया गया। उन्होने मुख्य चिकित्साधिकारी को तत्काल निर्दश देते हुए कहा कि अनुपस्थित चिकित्सकों के विरूद्व विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई कर अवगत कराये।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि दिये गये निर्देशों के अनुपालन में आज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पुरकाजी, बोपाड़ा गोयला, गालिबपुर, हरसौली, जड़ौदा, मंसूरपुर, नावला, पीनना, रामराज, सिखेड़ा, बलवाखेड़ी, भोकरहेड़ी, बिरालसी, रियावली नगला, सिकंदरपुर, तेजलखेड़ा एवं रोहाना के चिकित्सकों का 1 दिन का वेतन रोकने के आदेश दिए गए हैं तथा सभी से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि जनपद के समस्त चिकित्सा अधिकारी प्रातः 8ः00 बजे से 2ः00 तक अपने निर्धारित स्थान पर ओपीडी करना सुनिश्चित करेंगे अन्यथा उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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