UP Budget 2021-22 : सर्व समावेशी विकास के मंत्र के साथ योगी सरकार ने पेश किया बजट

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उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सोमवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिये पांच लाख 50 हज़ार 270 करोड़ 78 लाख रुपये का बजट पेश क‍िया।

उन्होने कहा कि उनकी सरकार का पहला बजट वर्ष 2017-18 में किसानों को समर्थित था जबकि वर्ष 2018-19 के बजट में औद्योगिक विकास को विशेष स्थान दिया गया था वहीं 2019-20 का बजट महिलाओं के सशक्तिकरण को समर्पित था। 2020-21 में युवाओं को विशेष तरजीह दी गयी थी वहीं मौजूदा बजट सर्व समावेशी विकास पर आधारित है।

बजट में कुल व्यय पांच लाख 50 हजार 270 करोड़ 78 लाख रुपये अनुमानित है जिसमें तीन लाख 95 हजार 130 करोड़ 35 लाख रुपये राजस्व लेखे का व्यय है जबकि एक लाख 55 हजार 140 करोड़ 43 लाख रुपये पूंजी लेखे का व्यय है। बजट मे राजकोषीय घाटा 90 हजार 729 करोड़ 80 लाख रुपये अनुमानित है जो वर्ष के लिये अनुमानित सकल राज्य घरेलू उत्पाद का 4.17 प्रतिशत है।

राज्य की ऋणग्रस्तता सकल राज्य घरेलू उत्पाद का 28.1 प्रतिशत अनुमानित है वहीं राजस्व बचत 23 हजार 210 करोड़ 09 लाख रुपये अनुमानित है। खन्ना ने कहा कि उनकी सरकार ने बजट में हर वर्ग के सहूलियत का ध्यान रखा है। किसानो की आय 2022 तक दोगुनी करने, एक्सप्रेस वे परियोजनाओं के निर्माण, नगरीय क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का विकास,उद्योगों को रफ्तार देने, युवाओं को रोजगार और महिला कल्याण की योजनाओं को अमली जामा पहनाने की व्यवस्था बजट में की गयी है।

उन्होने कहा कि कोरोना काल में सरकार ने 40 लाख प्रवासियों को उनके घर तक पहुंचाया। इतना ही नहीं कोटा में फंसे 12 हजार छात्रों को वापस लेकर आए। प्रयागराज से भी प्रतियोगी छात्रों को उनके घर तक पहुंचाया। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में बजट 2021-22 को मंजूरी दी गई जिसके बाद मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री सुरेश खन्ना विधान भवन के लिये रवाना हुये। उधर, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में कांग्रेस के सदस्य साइकिल से विधान भवन पहुंचे।

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