Unnao Kidnapping Case: बिहार अपहरण कांड- कोर्ट से मिली मंजूरी, अब लाई डिटेक्टर टेस्ट से साफ होगी तस्वीर

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उन्नाव बिहार अपहरण कांड में आरोपितों के खुद का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की मांग पर पुलिस की अर्जी पर कोर्ट ने हरी झंडी दे दी है। आदेश जारी होने के बाद अब पुलिस अधिकारी आरोपितों को विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ ले जाने के लिए दिन तय करने की मांग करेंगे। तारीख मिलने पर आरोपितों को जेल से लाकर टेस्ट कराया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इससे मामले की तस्वीर साफ हो जाएगी।

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Unnao Kidnapping Case उन्नाव के बिहार कांड में आरोपित परिवार की मांग पर पुलिस ने कोर्ट में लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए अर्जी दी थी अब मंजूरी मिलने के बाद पुलिस अधिकारी विधि विज्ञान प्रयोगशाला से जांच के लिए तारीख लेने जाएंगे।

जलाकर मारी गई दुष्कर्म पीडि़ता का छह वर्षीय भतीजा दो अक्टूबर से लापता है। बच्चे की बुआ की तहरीर पर गांव के ही पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने सभी को जेल भेजा था। मामले में आरोपितों ने खुद को निर्दोष बताते हुए अपना नार्को व लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की मांग की थी। शनिवार देर शाम कोर्ट ने पुलिस की अर्जी को मंजूर करते हुए आरोपितों का टेस्ट कराने का आदेश दिया है।

जानें-क्या बोले अफसर

  • कोर्ट से लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए अनुमति मिल गई है। अब लखनऊ स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला से निश्चित समय लेने को एसओ बिहार को भेजा जाएगा। वहां से समय मिलने पर सभी आरोपितों को जांच के लिए ले जाया जाएगा। -कृपाशंकर कनौजिया, सीओ बीघापुर।
  • अधिकारी को आदेश का पता नहीं ऐसे किसी आदेश के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। इसके बारे में पता लगाया जाएगा। अगर आदेश मिला होगा तो प्रक्रिया के तहत जांच कराई जाएगी। -विनोद कुमार पांडेय, एएसपी।

विधानसभा के सामने करेंगे आत्मदाह

आरोपित परिवार की महिलाओं ने धरने के दौरान कहा कि उनके परिवारीजनों को मामले में साजिशन फंसाया गया है। पहले भी परिवारीजन जेल में हैं। अब पांच और लोगों को जेल भिजवा दिया गया है। एक सप्ताह के अंदर जायज मांगें नहीं मानी गईं तो वे सभी लोग लखनऊ में विधानसभा के सामने आमरण अनशन करने के साथ ही आत्मदाह भी कर लेंगे।

17वें दिन भी बच्चे का नहीं लगा सुराग

दो अक्टूबर को दुष्कर्म पीडि़ता का छह वर्षीय भतीजा लापता हुआ था। पुलिस अधिकारियों ने उसकी तलाश के लिए 14 टीमें बनाकर खोजबीन शुरू कराई थी। इसके साथ ही स्वॉट, सर्विलांस, फील्ड यूनिट के अलावा स्पेशल टीमें भी लगी हैं, लेकिन 17वें दिन भी बच्चे का सुराग नहीं लग सका है।

गांव में पुलिस की दहशत

बच्चे के अपहरण मामले में पुलिस गांव के अधिकांश घरों की तलाशी के साथ दर्जनों ग्रामीणों से पूछताछ कर चुकी है। रोजाना दो-तीन लोगों से पूछताछ की जा रही है। इससे लोगों में दहशत है। एसओ संतोष कुमार ङ्क्षसह ने बताया कि मामले की जांच के लिए ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है।

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