अंतरराष्ट्रीय:- श्री लंका इस समय भीषण आर्थिक संकट से जूझ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन पर कब्जा कर लिया है। राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे इस्तीफा देने को तैयार हो गए हैं। वही प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन को अपना घर समझकर उसके एक एक कमरे ओर सुविधाओं का लाभ उठाना शुरू कर दिया है जिसके वीडीयो पहले दिन से ही सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं। श्री लंका में इस समय न तो राष्ट्रपति है और न कानून जैसी कोई स्थिति जिसका जो मन कर रहा है वह उस तरह का व्यवहार कर रहा है।
लेकिन इन सबके बीच श्री लंका की सबसे दर्दनाक तस्वीर जो सामने आ रही है वह है वहां के हालात। श्री लंका में इस समय ऐसे हालात हैं कि लोग दाने दाने के मोहताज है। महंगाई उफान पर है लोग अन्य से लेकर कोई भी चीज खरीदने की हालत में नहीं है। इस समय श्री लंका में जो कुछ भी आप खरीदना चाहे उसके लिए आपको 1000 रुपये से कम नही चुकाना पड़ेगा। वही इस समय श्री लंका के लोग 1000 रुपये किलो टमाटर और 800 रुपये किलो आलू बिक खरीद रहे हैं।
लोगो को न तो बिजली मिल रही है और न गैस। विकास की ओर बढ़ते विश्व मे श्री लंका एक ऐसा देश हो गया है जो आज अपना पेट भरने के लिए चूल्हे पर रोटी सेंक रहा है। अगर हम भारत की बात करे तो भारत ने श्री लंका की आर्थिक मदद की है। लेकिन श्री लंका पर कर्ज का बोझ इतना अधिक हो गया है कि इस मदद से उसके हालात नहीं सुधार सकते। श्री लंका सरकार ने राष्ट्र को दिवालिया घोषित कर दिया है। लोग तहिमाम कर रहे हैं। श्री लंका की आजादी के बाद यह पहली बार हुआ है जब श्री लंका को इतने बड़े आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
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