डेस्क। उत्तराखंड में भाजपा की बड़ी जीत के बाद, नए मुख्यमंत्री के नाम पर 20 मार्च तक मुहर लग सकती है। भाजपा के प्रदेश संगठन की तरफ से नव निर्वाचित विधायकों को होली के बाद देहरादून में उपलब्ध रहने के निर्देश दिए गए हैं। उत्तराखंड में 10 मार्च को बहुमत मिलने के बावजूद भाजपा हाईकमान नेता सदन के चयन में काफी ढीला दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों की माने तो हाईकमान नया मुख्यमंत्री चुनने में पिछली बार की तरह तीन-तीन मुख्यमंत्री बदलने जैसी स्थितियों को इस बार नहीं आने देना चाहता, इसी कारण नहभाजपा नए नेता के चुनाव में पार्टी हर एंगल पर काम कर रही है।
सूत्रों ने मुताबित, उत्तराखंड भाजपा के चुनाव प्रभारी और केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी और राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने दिल्ली में हाईकमान को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल समेत कई नेता दिल्ली भी पहुंच चुके हैं। जबकि, कई नेता प्रदेश में ही विधायकों की घेराबंदी में जुटे हुए थे। इसी के साथ पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए विधायकों की ओर से सीट ऑफर करने और उनसे मुलाकात का सिलसिला भी तेज हो गया है।
पार्टी के गुप्त सूत्रों ने बताया कि हाईकमान होली के तुरंत बाद ही विधायक दल की बैठक बुलाएगा। इससे माना जा रहा है कि 19 या 20 मार्च को विधायक दल की बैठक बुलाई जा सकती है, जिसमें नेता सदन के नाम पर मुहर लगाई जाएगी, साथ ही बता दें कि उत्तराखंड में सरकार गठन की डेडलाइन 23 मार्च तक है ।
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