भारत| विवेक अग्निहोत्री द्वारा निर्देशित फ़िल्म द कश्मीर फाइल्स रिलीज के बाद से पूरे भारत मे सुर्खियां बटोर रही है। कश्मीरी पंडितों के साथ हुए नरसंहार की कहानी सामने आने के बाद हर किसी के मन मे उनके प्रति सहिष्णुता का भाव है। वही जबसे इस फ़िल्म की तारीफ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की है तब से विपक्ष लगातार इस फ़िल्म को भ्रामक और झुठी बताकर उसकी अलोचना कर रहा है और कश्मीरी पंडितों को वापस घाटी भेजने की मांग उठा रहा है। अब इसी को लेकर सरकार ने संसद में कहा है कि घाटी में हुए अत्याचारों के चलते कश्मीर छोड़ने वाले 610 लोगो को उनकी संपत्ति वापस की गई है।
सरकार ने कहा, 5 अगस्त 2019 को घाटी से धारा 370 हटाई गई। जिसके बाद कश्मीर में 370 नागरिक और 99 सुरक्षा कर्मियों को मौत का मुह देखना पड़ा। बता दें यह जानकारी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने अलग अलग सवालों के जवाब के संदर्भ में उपलब्ध करवाई है।
उन्होंने कहा, जिलाधिकारी प्रवासी लोगों की अचल संपत्ति के कानूनी अभिरक्षक होते हैं। जम्मू कश्मीर सरकार ने ऐसे लोगो की समस्या के समाधान के लिए विगत वर्ष एक पोर्टल का शुभारंभ किया था जो उनके लिए था जिनकी सम्पत्ति घाटी छोड़कर जाने पर उनसे ले ली गई थी। इस पोर्टल के माध्यम से केंद्र लगातार घाटी छोड़कर जाने वाले नागरिकों को उनकी समाप्ति वापस दिलाने का प्रयास कर रही है। अब तक इस पोर्टल पर पंजीकरण कर चुके 610 आवेदकों को उनकी संपत्ति लौटाई गई है।
वही नित्यानंद राय ने केंद्र की नीतियों को इंगित करते हुए कहा, मोदी सरकार आतंकवाद को कतई नहीं सहती। जब से देश का नेतृत्व उनके हाँथो में गया है जम्मू कश्मीर में आतंकवाद कम हुआ है। यदि हम आकड़ो में समझे तो वर्ष 2018 में जम्मू कश्मीर ने 417 हमले हुए। 2019 में 255, 2020 में 244, 2021 में 229।
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