भारत में तीसरी लहर, जानिए एक्सपर्ट की राय ?

कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा विकसित एक ट्रैकर ने भविष्यवाणी की कि दिसंबर के अंतिम सप्ताह से नए संक्रमण बढ़ने लगेंगे. देश में कोविड मामलों में 44% की उछाल देखने को मिली है, जिसकी वजह से कोरोना के कुल मामलों में वृद्धि देखने को मिली है. विशेषज्ञों का अनुमान है कि SARS-CoV-2 के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन की वजह से ऐसा हुआ है. इन सभी भविष्यवाणियों के अनुसार, भारत में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि होगी, जिसे तीसरी लहर कहा जा सकता है, लेकिन इसका प्रभाव पहली और दूसरी लहर की तरह गंभीर नहीं होगा.

जानकारों के मुताबिक, लहर के भी कम रहने की संभावना है, जिसके 2022 की शुरुआत में उछाल आने का अनुमान है. बता दें देश में ओमिक्रॉन के 781 मामले सामने आए हैं. वहीं दिल्ली में इसके सबसे ज्यादा 238 मामले हैं. बता दें 241 मरीज़ ठीक भी हो चुके हैं. अब तक देश के 21 राज्यों में कोरोना का यह नया वेरिएंट फैल चुका है.

यहां जानिए वो 4 बातें जो विशेषज्ञों ने कही:

1. आईआईटी कानपुर के एक अध्ययन में बताया गया है कि भारत में महामारी की तीसरी लहर 3 फरवरी, 2022 तक चरम पर हो सकती है. इस भविष्यवाणी के अनुसार, मामलों में वृद्धि 15 दिसंबर से शुरू होनी चाहिए थी.
2. नेशनल कोविड-19 सुपरमॉडल कमेटी ने अनुमान लगाया कि तीसरी लहर अगले साल की शुरुआत में चरम पर पहुंचने की उम्मीद है. सदस्यों ने कहा कि एक बार ओमिक्रॉन डेल्टा को प्रमुख वेरिएंट के रूप में बदलना शुरू कर देगा, तो दैनिक केसलोड बढ़ने की उम्मीद है.
3. दक्षिण अफ्रीकी डॉक्टर एंजेलिक कोएत्ज़ी, जिन्होंने हाल ही में ओमिक्रॉन वेरिएंट की पहचान की थी, उन्होंने कहा कि भारत में कोविड के मामलों में वृद्धि होगी, जो मुख्य रूप से ओमिक्रॉन वेरिएंट द्वारा संचालित है, लेकिन संक्रमण हल्का होगा. कोएत्जी ने कहा, ‘भारत में ओमिक्रॉन द्वारा संचालित कोविड-19 मामलों में वृद्धि देखी जाएगी और साथ ही साथ उच्च सकारात्मकता दर भी होगी. लेकिन उम्मीद है कि अधिकांश मामले उतने ही हल्के होंगे, जितने हम यहां दक्षिण अफ्रीका में देख रहे हैं.

ये हैं दुनिया भर के रुझान

1.अधिकांश देश ओमिक्रॉन द्वारा संचालित कोविड महामारी की चौथी लहर देख रहे हैं.
2. ऐसा माना जाता है कि दक्षिण अफ्रीका ने लहर पर काबू पाना शुरू कर दिया है, क्योंकि देश में ओमिक्रॉन मामलों की संख्या अब घट रही है.
3.यूएस और यूके में ओमिक्रॉन ने डेल्टा को प्रमुख स्ट्रेन के रूप में प्रतिस्थापित कर दिया है.
4.अमेरिका और ब्रिटेन में मामलों और अस्पताल में भर्ती होने की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि देखी जा रही.

विशेषज्ञों का मानना है कि यह आने वाले तीन से चार हफ्तों में यह दुनियाभर में डेल्टा की जगह ले लेगा. अभी तक का ट्रेंड बता रहा है कि उसके बाद रोज होने वाली मौतों में तेज गिरावट देखने को मिल सकती है. इसलिए विशेषज्ञों को भरोसा होने लगा है कि अब महामारी की गंभीरता का अंत होने वाला है.

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